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Health: 2050 तक एक करोड़ लोगों की जान ले सकता है स्ट्रोक, लैंसेट न्यूरोलॉजी आयोग की रिपोर्ट में जताई गई आशंका

Wed, 11 Oct 2023 05:24 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 11 Oct 2023 05:24 AM IST
सार

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा कि गैर-संचारी रोगों से निपटने के लिए देश में सक्रिय रूप से काम किया जा रहा है। हाल ही में इंडिया हाइपरटेंशन कंट्रोल इनिशिएटिव ने 20 लाख से अधिक रोगियों की डिजिटल निगरानी में सफलता हासिल की है।

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Lancet Neurology Commission report says Stroke may kill one crore people by 2050
ब्रेन स्ट्रोक

विस्तार

स्ट्रोक से वर्ष 2050 तक दुनिया में एक करोड़ लोगों की मौत हो सकती है। यदि प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो प्रतिवर्ष 97 लाख तक मौतें होने का अनुमान है। विश्वस्तर पर स्ट्रोक के बोझ को लेकर पहली बार चार अध्ययन एक साथ सामने आए हैं, जिसमें यह संदेह जताया गया है। मेडिकल जर्नल द लैंसेट न्यूरोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, स्ट्रोक एक अत्यधिक रोकथाम और उपचार योग्य स्थिति है, जो मुख्य रूप से निम्न और मध्यम आय वाले देशों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है। विश्व स्ट्रोक संगठन और लैंसेट न्यूरोलॉजी आयोग के सहयोग से किए चारों अध्ययन में कहा गया है कि साल 2020 में स्ट्रोक की वजह से दुनिया में 66 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। यह आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है। साल 2050 तक यह संख्या बढ़कर 97 लाख पार कर जाएगी। 
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30 वर्ष में दोगुने हुए मरीज
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विकस्तर पर स्ट्रोक से जूझने वाले लोगों की संख्या 30 वर्ष में करीब दोगुने हो चुके हैं। अध्ययनों में अनुमान जताया है कि 2050 तक भारत सहित निम्न और मध्यम आय वर्गीय देशों में स्ट्रोक से होने वाली मौतें 86 फीसदी से बढ़कर 91 फीसदी हो जाएंगी। शोधकर्ताओं ने अध्ययन में स्ट्रोक निगरानी, रोकथाम, तीव्र देखभाल और पुनर्वास पर जोर देते हुए दुनिया के सभी देशों को 12 साक्ष्य-आधारित सिफारिशों पर काम करने की अपील की है।
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भारत में की जा रही निगरानी
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा कि गैर-संचारी रोगों से निपटने के लिए देश में सक्रिय रूप से काम किया जा रहा है। हाल ही में इंडिया हाइपरटेंशन कंट्रोल इनिशिएटिव ने 20 लाख से अधिक रोगियों की डिजिटल निगरानी में सफलता हासिल की है। कारणों पर गौर करना जरूरी विश्व स्ट्रोक संगठन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष और आयोग के प्रमुख लेखक प्रो. जयराज पांडियन ने कहा कि स्ट्रोक के बढ़ने के कारणों पर भी गौर करना जरूरी है। क्षेत्रवार हमें यह समीक्षा करने की जरूरत है कि आखिर किन कारणों की वजह से स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं।
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