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लालू यादव ने सीबीआई अदालत में सरेंडर किया, 100 दिनों बाद दोबारा जेल भेजे गये

Thu, 30 Aug 2018 03:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Updated Thu, 30 Aug 2018 03:14 PM IST
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Lalu yadav will surrender in cbi court today in fodder scam case
lalu yadav

चारा घोटाला मामले के दोषी राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद ने अंतरिम जमानत अवधि समाप्त होने के बाद आज सीबीआई अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उन्हें करीब 100 दिन के बाद वापस बिरसा मुंडा जेल भेज दिया है।

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प्रसाद आज सुबह लगभग दस बजे चारा घोटाला मामलों की सुनवाई कर रही सीबीआई की विशेष अदालतों में पहुंचे और उन्होंने बारी-बारी से चाईबासा कोषागार से लूट के मामले में आदेश देने वाली एसएस प्रसाद की अदालत और फिर देवघर एवं दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामलों में फैसला सुनाने वाली एमपी मिश्रा की अदालत में आत्मसमर्पण किया। दोनों अदालतों ने प्रसाद को न्यायिक हिरासत में लेकर वापस बिरसा मुंडा जेल भेजने के आदेश दिये।
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राजद प्रमुख के अधिवक्ताओं ने लालू को इलाज के लिए रिम्स अस्पताल में भर्ती कराने का अनुरोध किया जिसके बाद अदालतों ने जेल प्रशासन को प्रसाद के स्वास्थ्य का उचित ख्याल रखना का निर्देश दिया। प्रसाद के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बताया कि जेल के चिकित्सक उनके स्वास्थ्य की जांच करेंगे। उनकी बीमारियों की जांच के लिए रिम्स के चिकित्सकों का बोर्ड बनाया जा सकता है और इस मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर प्रसाद को जल्द ही वापस रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। लेकिन फिलहाल वह जेल में ही रहेंगे।
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झारखंड उच्च न्यायालय ने 24 अगस्त के अपने आदेश में प्रसाद को कहा था कि वह 30 अगस्त तक सीबीआई की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण करें।

इससे पहले अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख की चारा घोटाले के देवघर कोषागार समेत सभी तीन मामलों में स्वास्थ्य कारणों से दी गयी अंतरिम जमानत की अवधि को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था।


अदालत ने कहा था कि आवश्यक होने पर अब प्रसाद का यहां रिम्स अस्पताल में इलाज होगा।

न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए लालू के अधिवक्ताओं की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने की दलील को 24 अगस्त को अस्वीकार कर दिया था। अदालत ने प्रसाद को आत्मसमर्पण के लिए 30 अगस्त तक का समय दिया था।






 

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