किन मामलों को लेकर IT के निशाने पर आए लालू और बेटे?
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सवालों के घेरे में लालू पुत्र...
-2010 में तेज प्रताप यादव ने औरंगाबाद में कुल सात लोगों से 53.34 लाख रुपये में 45.24 डिसमल जमीन खरीदी थी। तब उनकी उम्र महज 20 साल थी। इतनी कम उम्र में उनके पास इतने पैसे कहां से आए? भाजपा ने यह सवाल भी खड़े किए हैं।
- 2 फरवरी 2012 को इस जमीन को गिरवी रख कर मध्य बिहार ग्रामीण बैंक, औरंगाबाद से 2.29 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। कर्ज क्यों लिया गया जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। जमीन की वर्तमान कीमत 15 करोड़ रुपये हो चुकी है।
- लालू के बड़े पुत्र तेजस्वी यादव नई दिल्ली के डी-1008, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित 115 करोड़ की जमीन-मकान के मालिक हैं। इसके अलावा एबी एक्सपोर्ट प्रा.लि. कंपनी का संचालन भी वही करते हैं।
सुशील के दो बड़े आरोप...
लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी :- सुशील मोदी ने बताया कि 25 फरवरी 2005 को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद ने हर्ष कोचर को रेलवे के 2 होटल रांची और पुरी के बदले पटना के सगुना मोड़ के पास 2 एकड़ से ज्यादा जमीन बेनामी तरीके से डिलाइट मार्किटिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम रजिस्ट्री करवा ली। इस कंपनी के निदेशक राजद के 5 बार राज्यसभा सदस्य प्रेम गुप्ता थे, जिनकी कंपनी के नाम से यह जमीन रजिस्ट्री कराई गई।
डिलाइट में 2014 से तेज प्रताप, तेजस्वी यादव, चंदा यादव, रागिनी लालू एक-एक कर निदेशक बनाये गए। डिलाइट का नाम बदलकर 12 नवंबर 2016 को लारा प्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड कर दिया गया। उसके बाद नई कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी बनाई गई, जिसमें राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव डायरेक्टर बना दिए गए और करोड़ो की जमीन लालू परिवार के नियंत्रण में आ गई।
बेनामी संपत्ति खरीदने के लिए एक व्यक्ति ने एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई थी
- एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड : ओमप्रकाश कत्याल नामक एक व्यक्ति ने लालू प्रसाद के लिए बेनामी संपत्ति खरीदने के लिए 2006 में एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई। कंपनी ने मार्च, 2007 में 39 लाख रुपये में पटना के पानापुर में 28.57 डिसमिल और चितकोहरा में 43 डिसमिल जमीन खरीदी। कंपनी ने लालू के पुत्र तेजस्वी और तेजप्रताप को प्रभुनाथ यादव से उपहारस्वरूप मिली सलेमपुर डुमरा में जमीन सहित दो मंजिला पक्का मकान, जिसकी कीमत 14 लाख रुपये थी, उसे 70 लाख रुपये में खरीद ली। इस बीच ओपी कत्याल ने 80 लाख रुपये और उनके भाई अमित कत्याल ने 35 लाख रुपये का कर्ज कंपनी को दिया, जिससे तेजस्वी और तेजप्रताप के लिए और जमीन खरीदी जा सके।