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जन्मदिन विशेष: एक ही स्कूल से पढ़े हैं लाल कृष्ण आडवाणी और मुशर्रफ, जानें ऐसी 10 दिलचस्प बातें

Thu, 08 Nov 2018 09:39 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 08 Nov 2018 09:39 AM IST
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Lal Krishna Advani: know the unknown facts about the seventh deputy Prime Minister of India
लाल कृष्ण आडवाणी-परवेज मुशर्रफ

8 नवंबर को भाजपा के वरिष्ठ नेता और देश के सातवें उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी का जन्मदिन है। उनका जन्म पाकिस्तान के कराची में 8 नवंबर, 1927 को एक हिंदू सिंधी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम किशनचंद आडवाणी और मां का नाम ज्ञानी देवी है। उनके पिता पेशे से एक उद्यमी थे। शुरुआती शिक्षा उन्होंने कराची के सेंट पैट्रिक हाई स्कूल से ग्रहण की थी। इसके बाद वह हैदराबाद, सिंध के डीजी नेशनल स्कूल में दाखिला लिया। विभाजन के समय उनका परिवार पाकिस्तान छोड़कर मुंबई आकर बस गया। यहां उन्होंने लॉ कॉलेज ऑफ द बॉम्बे यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की। उनकी पत्नी का नाम कमला आडवाणी है। उनके बेटे का नाम जयंत आडवाणी और बेटी का नाम प्रतिभा आडवाणी है।

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लाल कृष्ण आडवाणी 2002 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भारत के सातवें उप प्रधानमंत्री का पद संभाल चुके हैं। इससे पहले वह 1998 से 2004 के बीच भाजपा के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) में गृहमंत्री रह चुके हैं। वह उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी थी। 10वीं और 14वीं लोकसभा के दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता की भूमिका बखूबी निभाई है।  उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जरिए अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। 2015 नें उन्हें भारत के दूसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
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अपना 91वां जन्मदिन मना रहे आडवाणी के बारे में हम आपको बताते हैं 10 खास बातें

1. आडवाणी और पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल परवेज मुशर्रफ ने कराची में एक ही स्कूल सेंट पैट्रिक हाईस्कूल में पढ़ाई की है।
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2. 1947 में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सचिव बने थे।

3. 1970 में पहली बार आडवाणी राज्यसभा के सांसद बने थे। 

4. आडवाणी एक फिल्म समीक्षक रह चुके हैं। उन्हें चॉकलेट, फिल्मों और क्रिकेट का बहुत शौक है।

5. 1944 में उन्होंने कराची के मॉडल हाईस्कूल में एक अध्यापक के तौर पर नौकरी की थी।

6. आडवाणी ने एक किताब लिखी है जिसका नाम- माई कंट्री, माई लाइफ है। दावा किया जाता है कि इस किताब की 1,000,000 बिकी हैं।

7. सभी को चौंकाते हुए 2013 में उन्होंने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। 

8. 1980 में भारतीय जनता पार्टी बनने के बाद से उन्होंने सबसे ज्यादा समय तक पार्टी के अध्यक्ष का पद संभाला था।

9. आडवाणी अभी तक आधा दर्जन से ज्यादा रथ यात्राएं निकाल चुके हैं। जिनमें 'राम रथ यात्रा', 'जनादेश यात्रा', 'स्वर्ण जयंती रथ यात्रा', 'भारत उदय यात्रा' और 'भारत सुरक्षा यात्रा' 'जनचेतना यात्रा' प्रमुख हैं।

10. आडवाणी उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी को भाजपा का उम्मीदवार बनाने का विरोध किया था। हालांकि गुजरात में हुए दंगों के बाद उन्होंने ही पीएम मोदी का समर्थन किया था।

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