लक्षद्वीप मामला: 70 हजार की मुस्लिम आबादी में 0.7 फीसदी क्राइम रेट, अब शराब की इजाजत लेकिन बीफ पर बैन
साल 2019 की एनसीआरबी रिपोर्ट बताती है कि आईपीसी के 123 केस दर्ज हुए थे, जबकि स्टेट लोकल लॉ के तहत 59 मामले सामने आए थे। एक लाख की जनसंख्या के अनुपात में यह क्राइम रेट 0.7 फीसदी है। देश द्रोह, रेप और मानव तस्करी जैसा कोई मामला नहीं आया...
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कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 'लक्षद्वीप' को समुद्र में भारत का 'आभूषण' करार दिया है। उन्होंने इस आभूषण को बचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भी लिखा है। मात्र 70-75 हजार की आबादी वाले इस आइसलैंड के अंतर्गत 36 द्वीपसमूह आते हैं। राहुल गांधी ने लिखा, एंटी सोशल एक्टिविटी प्रिवेंशन रेगुलेशन के तहत पुलिस किसी व्यक्ति को बिना पब्लिक डिस्क्लोजर के एक साल तक हिरासत में रख सकती है। लक्षद्वीप एनिमल प्रिजर्वेशन रेगुलेशन ड्राफ्ट के जरिए बीफ पर बैन लगेगा, तो वहीं शराब की बिक्री से रोक हटेगी। खास बात है कि यहां 96 फीसदी मुस्लिम रहते हैं।
साल 2019 की एनसीआरबी रिपोर्ट बताती है कि आईपीसी के 123 केस दर्ज हुए थे, जबकि स्टेट लोकल लॉ के तहत 59 मामले सामने आए थे। एक लाख की जनसंख्या के अनुपात में यह क्राइम रेट 0.7 फीसदी है। देश द्रोह, रेप और मानव तस्करी जैसा कोई मामला नहीं आया। इसके बावजूद यहां कठोर कानून लागू करने का ड्राफ्ट तैयार कर दिया। राहुल गांधी ने लिखा, यह लक्षद्वीप के स्थानीय समुदाय के सांस्कृतिक और धार्मिक तानेबाने पर हमला है। प्रधानमंत्री 'आप इसमें दखल दें। यह सुनिश्चित करें कि इन आदेशों को वापस लिया जाए।
जोर पकड़ रही है प्रफुल्ल पटेल को वापस बुलाने की मांग ...
लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने नए बदलावों का जो मसौदा तैयार किया है, उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद लागू कर दिया जाएगा। राहुल के अलावा प्रियंका गांधी और कांग्रेस पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी इस मामले में कूद पड़े हैं। वेणुगोपाल ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर प्रफुल्ल पटेल को वापस बुलाने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रपति से यह भी आग्रह किया है कि वे प्रफुल्ल पटेल के कार्यकाल में लिए गए फैसलों को रद्द करें।
राहुल गांधी ने लक्षद्वीप प्रशासक एडमिनिस्ट्रेटर के ड्राफ्ट रेगुलेशन के प्रपोजल को जनविरोधी, अलोकतांत्रिक और कठोर करार दिया है। इसके लिए वहां के लोगों की राय भी नहीं ली गई। निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी इस ड्राफ्ट से दूर रखा गया। जानकारों का कहना है कि इतना कठोर कानून वहां पर क्यों लागू किया गया है, जबकि लक्षद्वीप में अपराधों की दर 0.7 फीसदी है। केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, क्या नए कानून के जरिए वहां के लोगों को डराया धमकाया गया है कि वे सरकारी प्रस्तावों पर मौन रहें। केंद्र सरकार की मंशा क्या है। लक्षद्वीप का पारंपरिक ढांचा तोड़कर वहां उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। अगर यह सब लक्षद्वीप के स्थानीय समुदाय के सांस्कृतिक और धार्मिक तानेबाने पर हमला नहीं हो रहा है तो ये क्या है।
मनमर्जी की हिरासत और दो बच्चों की शर्त, इसका क्या मतलब
ड्राफ्ट में मनमर्जी से हिरासत के अलावा एक दूसरा प्रावधान भी है। अगर पंचायत में किसी सदस्य के दो से अधिक बच्चे हुए तो उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। राहुल गांधी ने लक्षद्वीप के लोगों को अपना समर्थन देते हुए जो ट्वीट किया था, उसमें लिखा कि यह केंद्र शासित प्रदेश 'समुद्र में भारत का आभूषण है' और 'सत्ता में अज्ञानी इसे नष्ट कर रहे हैं'। एनसीआरबी रिपोर्ट 2019 में लिखा है, 2017 में 78, 2018 में 48 और 2019 में 123 आईपीसी के मामले सामने आए हैं। अगर इन मामलों को दूसरे राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ तुलना करें तो इसका प्रतिशत जीरो है।
तीन वर्षों में आईपीसी और एसएलएल, दोनों के केस देखें तो वह संख्या 2017 में 114, 2018 में 77 और 2019 में 182 है। साल 2019 में वहां पर मर्डर का कोई भी केस दर्ज नहीं हुआ। 304 आईपीएस का कोई मामला नहीं आया। सामान्य रोड एक्सीडेंट, हिट एंड रन, मेडिकल लापरवाही से मौत व दहेज का एक भी मामला नहीं आया। गैर-इरादतन हत्या का एक और आत्महत्या के तीन केस सामने आए थे। किसी को शारीरिक नुकसान पहुंचाने की 26 घटनाएं हुई थीं। इनमें से जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के 20 मामले दर्ज हुए थे। ड्यूटी में बाधा पहुंचाने के दो मामले, अपहरण का कोई मामला नहीं, महिला छेड़छाड़ के तीन और यौन शोषण की शिकायत पर पुलिस ने एक मामला दर्ज किया था।
शराब से बैन हटा रहे हैं और बीफ पर लगा रहे हैं...
नए नियमों में शराब से बैन हटाया जा रहा है। लक्षदीप में हर साल पांच लाख पर्यटक पहुंचते हैं। लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल कहते हैं कि इससे विकास होगा। पर्यटन की नई संभावनाएं बनेंगी। चूंकि वहां की अधिकांश आबादी मुस्लिम है, इसलिए शराब पर बैन लगा हुआ था। अब नए एक्ट में बैन हटाने की बात कही गई है। कांग्रेस पार्टी के एक नेता कहते हैं कि इस मामले में भाजपा धार्मिक कार्ड खेल रही है।नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, 2019 में लक्षद्वीप में गैरकानूनी गतिविधि संरक्षण अधिनियम 1967 के तहत एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। राज्य संबंधित अधिनियम के विरुद्ध अपराध के अंतर्गत छह केस देखने को मिले हैं। शराबबंदी एक्ट के तहत नौ केस आए थे। अगर नारकोटिक्स और शराबबंदी, दोनों को मिलाएं तो एक साल में 13 केस दर्ज हुए हैं। पासपोर्ट एक्ट, इमिग्रेशन एक्ट और सिटिजनशिप का एक भी मामला सामने नहीं आया। दंगों के 12 केस थे, लेकिन इनमें से धार्मिक दंगा एक भी नहीं था। ये सभी केस राजनीतिक हिंसा से जुड़े हैं। सार्वजनिक शांति भंग करने के 24 मामले दर्ज हुए थे। मोटर वाहन एवं दूसरे तरह की चोरी के 19 मामले दर्ज हुए थे। गैर कानूनी तरीके से एकत्रित होने के 11 केस सामने आए हैं।
क्या वहां के लोगों से खुन्नस निकाली जा रही है
कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कहना है, नए मसौदे को देखकर ऐसा लगता है कि प्रशासक पटेल वहां से लोगों से कोई खुन्नस निकालना चाहते हैं। लक्षद्वीप से शराब के सेवन पर रोक हटाई गई है तो वहीं पशु संरक्षण का हवाला देते हुए बीफ उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया गया है। लक्षद्वीप की अधिकतर आबादी मछली पालन पर निर्भर है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि प्रफुल्ल पटेल ने तटरक्षक अधिनियम के उल्लंघन के आधार पर तटीय इलाकों में मछुआरों की झोपड़ियों को तोड़ने के आदेश दिए हैं।केरल से सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद एलामाराम करीम तो पहले ही कह चुके हैं, यह सब बड़े औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। वे इस द्वीपसमूह को स्थानीय लोगों के हाथों से छीनकर उद्योगपतियों को देना चाहते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं लक्षद्वीप के प्रभारी एपी अब्दुल्लाकुट्टी का कहना है कि विपक्षी नेता जानबूझकर प्रशासक पटेल का विरोध कर रहे हैं। वजह, पटेल ने द्वीपसमूह में नेताओं के 'भ्रष्ट चलन' को खत्म करने के लिए कई तरह के कठोर कदम उठाए हैं। अभी यहाX केवल एक ही एयरपोर्ट है। दूसरे द्वीपों से कनेक्टिविटी बढ़ानी होगी, तभी पर्यटन की बड़ी राह खुलेगी।