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Ladakh Standoff: चीन और भारत की सैन्य वार्ता करीब चार महीने से ठप, बिना बातचीत के टकराव का सबसे लंबा दौर

Sat, 09 Jul 2022 07:54 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 09 Jul 2022 07:54 AM IST
सार

जून के आखिरी सप्ताह में चीनी सेना के विमान ने विवादित क्षेत्र में उड़ान भरकर तनाव बढ़ा दिया। यहां तैनात सैनिकों ने इसे देखा और सीमा क्षेत्र में तैनात स्वदेशी रडार ने भी इसे पकड़ा था। इस पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। 

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Ladakh Standoff: China India Military Talks Stalled for Almost four Months Know More Latest News in Hindi
LAC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच तीन साल से गतिरोध कायम है। दोनों देशों की सेनाओं ने वहां मोर्चेबंदी कर रखी है। इलाके से सेना की वापसी और शांति बनाए रखने के लिए अब तक दोनों देशों के बीच 15 बार सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता हो चुकी है। चिंताजनक बात यह है कि इस बार चर्चा का अंतराल लंबा हो गया है।

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भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच  11 मार्च को 15 वें दौर की वार्ता हुई थी। उसके बाद से करीब 4 माह बीत चुके हैं, वार्ता का कोई नया दौर नहीं हुआ। गुरुवार को विदेश मंत्री जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच मुलाकात हुई थी। इसमें जयशंकर ने सीमा विवाद समेत सभी बकाया मसले बातचीत से हल करने पर जोर दिया। यी ने भी इस पर सहमति जताई है। जयशंकर ने चीन में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की वापसी और हवाई उड़ानों का भी मुद्दा ली के समक्ष उठाया था। 
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जयशंकर व चीनी विदेश मंत्री यी ने इस बात से भी सहमति जताई कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर टकराव के  बिंदुओं का परस्पर स्वीकार्य समाधान निकालना आवश्यक है। इस गतिरोध से जुड़े सूत्रों के अनुसार जयशंकर ने यी से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए सैनिकों की वापसी का काम पूरा करने के लिए दबाव डाला। 
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जारी रहेगी दोनों देशों में बातचीत
मसले से जुड़े सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के बीच वार्ता टूटी नहीं है और यह जारी रहेगी। 16 वें दौर की वार्ता पर अभी फैसला नहीं हुआ है, लेकिन पिछले अंतराल की तुलना में इस बार थोड़ा ज्यादा देर हो गई है। एलएसी पर गतिरोध के चलते भारत चीन रिश्तों पर भी असर पड़ रहा है। इस मई 2022 में गतिरोध को तीन साल हो गए। विवाद का पूर्ण समाधान नहीं निकल पाया है। हालांकि कुछ सीमा क्षेत्रों से दोनों देशों की सेनाओं की वापसी हुई है।  
वार्ता के कब कितने दौर हुए
दोनों देशों के बीच जून 2020 से लेकर अब तक 15 दौर की सैन्य वार्ता हो चुकी है।  2020 में आठ दौर की बातचीत हुई थी। इसके बाद 2021 में वार्ता के पांच दौर और 2022 के बीते छह माह में अब तक दो दौर की बातचीत हुई है।
60 हजार सैनिक अभी भी तैनात
भारत व चीन की सेनाएं अब भी पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में आमने सामने है। गलवान घाटी, पैंगोंग त्सो और गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स जैसे क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी के बावजूद दोनों देशों के करीब 60,000 सैनिक लद्दाख में एलएसी के आसपास तैनात हैं। एक पूर्व सैन्य अधिकारी के अनुसार वार्ता के अगले दौर में  देरी से संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच कुछ मतभेद हैं। इन मतभेदों को सुलझाना आसान नहीं है। 

चीनी विमान ने किया हवाई क्षेत्र का उल्लंघन
जून के आखिरी सप्ताह में एक दिन सुबह लगभग 4 बजे चीनी सेना के विमान ने उड़ान भरकर तनाव बढ़ा दिया। यहां तैनात सैनिकों ने इसे देखा और सीमा क्षेत्र में तैनात स्वदेशी रडार ने भी इसे पकड़ा था। सूत्रों ने कहा कि संभावित हवाई क्षेत्र के उल्लंघन का पता चलने के तुरंत बाद भारतीय वायु सेना सक्रिय हो गई। इस पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। सूत्रों ने स्पष्ट किया कि घटना बहुत गंभीर नहीं थी, लेकिन इस तरह की घटनाओं से दूसरे पक्ष को बचना चाहिए क्योंकि इससे ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं। 

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