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लद्दाख: LAC के करीब चीन की गतिविधियों को लेकर खरगे के बयान पर लद्दाख के सांसद का जवाब- सेना कर रही हमारी रक्षा
Mon, 08 Jul 2024 02:30 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Mon, 08 Jul 2024 02:30 PM IST
सार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 'मोदी की चीनी गारंटी' के बयान पर लद्दाख सांसद मोहम्मद हनीफा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि एलएसी और पैंगोंग झील के किनारे पिछले दिनों काफी विकास हुआ है।
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लद्दाख सांसद मोहम्मद हनीफा
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
बीते रोज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 'मोदी की चीनी गारंटी' के बयान पर लद्दाख सांसद मोहम्मद हनीफा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि एलएसी और पैंगोंग झील के किनारे पिछले दिनों काफी विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सेना तैनात है, पूरी ईमानदारी से देश की धरती की रक्षा कर रही है।
पूर्वी लद्दाख में मई 2020 से भारतीय और चीनी सेना के बीच गतिरोध जारी है, सीमा विवाद का पूर्ण समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। दोनों देशों के सैनिक गतिरोध के कई बिंदुओं से पीछे हट चुके हैं। गलवान घाटी में जून 2020 में हुई भीषण झड़प के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास आ गई थी। भारत कहता रहा है कि जब तक सीमावर्ती इलाकों में शांति बहाल नहीं होगी, तब तक चीन के साथ उसके संबंध सामान्य नहीं हो सकते। दोनों पक्ष गतिरोध के समाधान के लिए अब तक कोर कमांडर स्तर की 21 दौर की वार्ता कर चुके हैं।
वहीं अब इस बात को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चीन से सटी सीमा पर हालात को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने अपनी पार्टी की मांग को दोहराते हुए कहा कि सरकार को इस हालात को लेकर देश को विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने एक्स पर खबर साझा की इसमें उपग्रह चित्रों का हवाला देते हुए दावा किया गया कि चीन की सेना पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से खुदाई कर रही है। इस क्षेत्र में एक अहम अड्डे पर हथियारों और ईंधन के भंडारण के लिए भूमिगत बंकरों और बख्तरबंद वाहनों के लिए आश्रय का निर्माण किया है। खरगे ने कहा था कि चीन पैंगोंग त्सो के पास उस जमीन पर सैन्य अड्डा कैसे बना सकता है, जो मई 2020 तक भारत के कब्जे में थी।
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इस पर लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा ने कहा, "पिछले कुछ सालों में, खासतौर पर एलएअसी और पैंगोंग झील के किनारे बहुत विकास हुए हैं। चीन ने एक हद तक हमारे इलाके में घुसपैठ की है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग अपनी जमीन को लेकर चिंतित हैं। लेकिन वहां हमारी सेना तैनात है जो कि पूरी ईमानदारी के साथ हमारी जमीन की रक्षा कर रही है। हमें इस क्षेत्र में सुरंगों, सड़कों और पुलों सहित बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान देना चाहिए। सरकार पहले से ही इन पहलुओं पर काम कर रही है और इस क्षेत्र में एक बेहतरीन बुनियादी ढांचा बनाया जा रहा है।"
कांग्रेस अध्यक्ष पर भाजपा ने किया पलटवार
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष पर पलटवार करते हुए भाजपा आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘खरगे जी, या तो आप सैन्य इतिहास और 1962 में हमारी जमीन पर चीन के अवैध कब्जे के बारे में कुछ नहीं जानते हैं या फिर जानबूझकर फर्जी खबर फैला रहे हैं।’’ ‘‘आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि जिस सिरिजाप की बात हो रही है, उस पर 21 अक्टूबर 1962 को चीनी सैनिकों ने हमला किया था और कब्जा कर लिया था और तब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने चीन के साथ शांति और सौहार्द बहाल करने के लिए पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शेष क्षेत्रों से ‘पूर्ण सैन्य वापसी’ के महत्व पर जोर दिया है।
खरगे ने क्लीन चिट पर पीएम मोदी को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘हम गलवान घाटी प्रकरण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘क्लीन चिट’ के पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। यहां हमारे बहादुर सैनिकों ने अपने प्राणों त्यागे थे। चीन हमारी क्षेत्रीय अखंडता पर अतिक्रमण करना जारी रखे हुए है!’’ उन्होंने कहा कि 10 अप्रैल 2024 का दिन याद करें, जब विदेशी प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वैश्विक मंच पर भारत का पक्ष मजबूती से रखने में विफल रहे। खरगे ने कहा कि विदेश मंत्री का 13 अप्रैल 2024 का यह बयान कि ‘चीन ने हमारी किसी भी जमीन पर कब्जा नहीं किया है।’ यह चीन के प्रति मोदी सरकार की नरम नीति को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि 4 जुलाई 2024 को अपने चीनी समकक्ष से मुलाकात के दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘एलएसी का सम्मान करना और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति-सौहार्द सुनिश्चित करना आवश्यक है।’’
खरगे ने कहा मोदी चीनी गारंटी जारी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि चीन भारतीय क्षेत्र पर कब्जा करने और सिरिजाप में एक सैन्य अड्डे का निर्माण करने के लिए आक्रामक रुख अपनाए हुए है। जबकि यह भूमि कथित तौर पर भारतीय नियंत्रण में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति कायम नहीं रखने के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत ने 65 में से डेपसांग के मैदानी हिस्सों, डेमचोक और गोगरा हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में स्थित प्वाइंट सहित 26 पेट्रोलिंग प्वाइंट (पीपी) पर से कब्जा खो दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ‘मोदी की चीनी गारंटी’ जारी है, क्योंकि उनकी सरकार अपनी ‘लाल आंख’ पर 56 इंच के बड़े ‘चीनी ब्लिंकर’ लगाती है। खरगे ने कहा, ‘‘हम अपने बहादुर सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।’’
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पूर्वी लद्दाख में मई 2020 से भारतीय और चीनी सेना के बीच गतिरोध जारी है, सीमा विवाद का पूर्ण समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। दोनों देशों के सैनिक गतिरोध के कई बिंदुओं से पीछे हट चुके हैं। गलवान घाटी में जून 2020 में हुई भीषण झड़प के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास आ गई थी। भारत कहता रहा है कि जब तक सीमावर्ती इलाकों में शांति बहाल नहीं होगी, तब तक चीन के साथ उसके संबंध सामान्य नहीं हो सकते। दोनों पक्ष गतिरोध के समाधान के लिए अब तक कोर कमांडर स्तर की 21 दौर की वार्ता कर चुके हैं।
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वहीं अब इस बात को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चीन से सटी सीमा पर हालात को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने अपनी पार्टी की मांग को दोहराते हुए कहा कि सरकार को इस हालात को लेकर देश को विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने एक्स पर खबर साझा की इसमें उपग्रह चित्रों का हवाला देते हुए दावा किया गया कि चीन की सेना पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से खुदाई कर रही है। इस क्षेत्र में एक अहम अड्डे पर हथियारों और ईंधन के भंडारण के लिए भूमिगत बंकरों और बख्तरबंद वाहनों के लिए आश्रय का निर्माण किया है। खरगे ने कहा था कि चीन पैंगोंग त्सो के पास उस जमीन पर सैन्य अड्डा कैसे बना सकता है, जो मई 2020 तक भारत के कब्जे में थी।
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इस पर लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा ने कहा, "पिछले कुछ सालों में, खासतौर पर एलएअसी और पैंगोंग झील के किनारे बहुत विकास हुए हैं। चीन ने एक हद तक हमारे इलाके में घुसपैठ की है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग अपनी जमीन को लेकर चिंतित हैं। लेकिन वहां हमारी सेना तैनात है जो कि पूरी ईमानदारी के साथ हमारी जमीन की रक्षा कर रही है। हमें इस क्षेत्र में सुरंगों, सड़कों और पुलों सहित बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान देना चाहिए। सरकार पहले से ही इन पहलुओं पर काम कर रही है और इस क्षेत्र में एक बेहतरीन बुनियादी ढांचा बनाया जा रहा है।"
कांग्रेस अध्यक्ष पर भाजपा ने किया पलटवार
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष पर पलटवार करते हुए भाजपा आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘खरगे जी, या तो आप सैन्य इतिहास और 1962 में हमारी जमीन पर चीन के अवैध कब्जे के बारे में कुछ नहीं जानते हैं या फिर जानबूझकर फर्जी खबर फैला रहे हैं।’’ ‘‘आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि जिस सिरिजाप की बात हो रही है, उस पर 21 अक्टूबर 1962 को चीनी सैनिकों ने हमला किया था और कब्जा कर लिया था और तब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने चीन के साथ शांति और सौहार्द बहाल करने के लिए पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शेष क्षेत्रों से ‘पूर्ण सैन्य वापसी’ के महत्व पर जोर दिया है।
खरगे ने क्लीन चिट पर पीएम मोदी को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘हम गलवान घाटी प्रकरण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘क्लीन चिट’ के पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। यहां हमारे बहादुर सैनिकों ने अपने प्राणों त्यागे थे। चीन हमारी क्षेत्रीय अखंडता पर अतिक्रमण करना जारी रखे हुए है!’’ उन्होंने कहा कि 10 अप्रैल 2024 का दिन याद करें, जब विदेशी प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वैश्विक मंच पर भारत का पक्ष मजबूती से रखने में विफल रहे। खरगे ने कहा कि विदेश मंत्री का 13 अप्रैल 2024 का यह बयान कि ‘चीन ने हमारी किसी भी जमीन पर कब्जा नहीं किया है।’ यह चीन के प्रति मोदी सरकार की नरम नीति को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि 4 जुलाई 2024 को अपने चीनी समकक्ष से मुलाकात के दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘एलएसी का सम्मान करना और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति-सौहार्द सुनिश्चित करना आवश्यक है।’’
खरगे ने कहा मोदी चीनी गारंटी जारी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि चीन भारतीय क्षेत्र पर कब्जा करने और सिरिजाप में एक सैन्य अड्डे का निर्माण करने के लिए आक्रामक रुख अपनाए हुए है। जबकि यह भूमि कथित तौर पर भारतीय नियंत्रण में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति कायम नहीं रखने के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत ने 65 में से डेपसांग के मैदानी हिस्सों, डेमचोक और गोगरा हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में स्थित प्वाइंट सहित 26 पेट्रोलिंग प्वाइंट (पीपी) पर से कब्जा खो दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ‘मोदी की चीनी गारंटी’ जारी है, क्योंकि उनकी सरकार अपनी ‘लाल आंख’ पर 56 इंच के बड़े ‘चीनी ब्लिंकर’ लगाती है। खरगे ने कहा, ‘‘हम अपने बहादुर सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।’’