लद्दाख: एलएसी पर तेजी से बुनियादी ढांचा बना रही सेना, बड़ी संख्या में जवानों के ठहरने का किया इंतजाम
चीन के साथ गतिरोध अभी भले टल गया हो, लेकिन लद्दाख व उत्तर-पूर्व में भारतीय सेना का अब पूरा फोकस है। वहां स्थायी रूप से सैन्य प्रबंध किए जा रहे हैं।
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भारत व चीन के बीच सैन्य गतिरोध को एक साल से ज्यादा हो चुका है। इस बीच भारतीय सेना ने इस इलाके में बुनियादी ढांचे के विकास का काम तेजी से जारी रखा। सेना अब लद्दाख सेक्टर व उत्तर पूर्व में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी के आसपास बड़े पैमाने पर सैनिकों को ठहराने के प्रबंध कर चुकी है।
इन सैन्य आवासों के दम पर ही सेना लद्दाख में भयानक ठंड के दिनों, जब तापमान सामान्य से 45 डिग्री नीचे तक चला जाता है, तब भी सेना पूरी क्षमता से कामकाज कर सकेगी। चीन के साथ सैन्य गतिरोध लंबा चलने की आशंका के चलते सेना ने पूरे पांच साल के कामकाज की योजना बनाई है।
बीते एक साल में इतने आवास बना दिए गए हैं, जिनमें लद्दाख में तैनात सैनिकों के ठहरने के प्रबंध आसानी से किए जा सकेंगे। सरकारी सूत्रों ने बताया कि आने वाले दिनों में लद्दाख में तैनात जवानों की संख्या दोगुनी की जा सकती है।
भारत-चीन दोनों के 50-50 हजार से ज्यादा जवान तैनात
अनुमान के अनुसार भारत व चीन ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में 50 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात कर रखा है। पैंगांग लेक सेक्टर से इस साल के आरंभ में सीमित मात्रा में सैन्य वापसी के बाद भी दोनों ओर एक दूसरे के सामने सेनाएं डटी हुई हैं।
सेना के इंजीनियर अब भी निर्माण में जुटे
सूत्रों का कहना है कि सेना की इंजीनियर कोर के जवान व अधिकारी अब भी लद्दाख में बुनियादी ढांच के निर्माण में जुटे हुए हैं। वहां ऐसे ढांचे बनाए जा रहे, जिनमें जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जवानों को ठहराया जा सके।
लद्दाख में सभी सेक्टरों में सड़क निर्माण
भारतीय सेना लद्दाख व एलएसी के सभी सेक्टरों में सड़क निर्माण में भी जुटी हुई है। उसने निमु-पदम-दारचा के बीच सड़क निर्माण तेज कर दिया है। इसके जरिए सेना देश के अन्य हिस्सों से भी लद्दाख में पहुंच सकेगी। यह रास्ता साल भर आवाजाही के लिए खुला रहेगा।
साढ़े चार किमी लंबी सुरंग को जल्द मंजूरी
सीमा सड़क संगठन ने इस नई सड़क के लिए 4.5 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने की योजना बनाई है। रक्षा मंत्रालय इस प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दे सकता है। सेना के इंजीनियर सभी सेक्टरों की अग्रिम चौकियों तक सड़क बनाने के काम भी जुटे हैं। यह काम तय समय सीमा से पहले पूरा किया जा सकता है।
बता दें, दोनों देशों के बीच पिछले साल अप्रैल-मई में सैन्य गतिरोध पैदा हो गया था। चीनी सेना ने ग्रीष्मकालीन सैन्य अभ्यास की आड़ में पूर्वी लद्दाख के भारतीय क्षेत्र में कब्जा कर लिया था। इसके साथ ही सिक्किम सेक्टर व अन्य इलाकों में भी सैन्य जमावड़ा कर लिया था, ताकि भारत पर दबाव डाला जा सके।