LAC Row: चौथी बार अरुणाचल प्रदेश में नाम बदलने की गलती नहीं करेगा चीन, 455 गांव रोकेंगे ड्रैगन का दुस्साहस
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विस्तार
चीन ने बीते दिनों अरुणाचल प्रदेश में 11 स्थानों के नाम बदल दिए थे। हालांकि उसकी यह पहली हरकत नहीं थी, बल्कि इससे पहले भी वह दो बार इसी तरह नाम बदल चुका है। चीन, अरुणाचल प्रदेश को 'तिब्बत का दक्षिणी भाग जंगनान' बताता है। पीएम नरेंद्र मोदी के दिशा निर्देशन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब अरुणाचल प्रदेश में ऐसी व्यवस्था तैयार कर रहे हैं कि उसके बाद ड्रैगन चौथी बार नाम बदलने का दुस्साहस नहीं कर सकेगा। अरुणाचल प्रदेश के 455 गांव, ड्रैगन को ऐसा हरकत नहीं करने देंगे। चीन, अभी तक इसी बात का फायदा उठाता आया है कि अरुणाचल प्रदेश के कई सीमावर्ती इलाकों में भारतीय आबादी कम है। कई वजहों से स्थानीय लोग पलायन कर लेते हैं। चीन की सीमा से लगते अरुणाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र को अब वे सभी सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास होगा, जिसके अभाव वे पलायन करने जैसा कदम उठा रहे थे।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 10 व 11 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। वे अंजाव जिले के सीमावर्ती गांव किबितू में 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम' का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 के दौरान सड़क संपर्क के लिए विशेष रूप से 2500 करोड़ रुपये सहित 4800 करोड़ रुपये के केंद्रीय योगदान के साथ 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' (वीवीपी) को मंजूरी दी है। वीवीपी एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसके तहत व्यापक विकास के लिए अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उत्तरी सीमा से सटे 19 जिलों के 46 ब्लॉकों में 2967 गांवों की पहचान की गई है।
अरुणाचल प्रदेश के 455 गांवों में पहुंचेगा 'विकास'
केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के पहले चरण में, प्राथमिकता के आधार पर 662 गांवों की पहचान की गई है, जिनमें अरुणाचल प्रदेश के 455 गांव शामिल हैं। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, पहचान किए गए सीमावर्ती गांवों के लोगों के जीवनस्तर में सुधार करने में मदद करेगा। उन्हें अपने मूल स्थानों पर रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इन प्रयासों के जरिए सीमावर्ती गांवों से पलायन को रोकने में मदद मिलेगी। दूसरा, सीमा की सुरक्षा बढ़ाने में भी सहयोग प्राप्त होगा। ब्लॉक और पंचायत स्तर पर उपयुक्त तंत्र की मदद से जिला प्रशासन, केंद्र और राज्य प्रायोजित योजनाओं पर 100 फीसदी अमल सुनिश्चित करेगा। इसके माध्यम से चिन्हित गांवों के लिए कार्य योजना तैयार होंगी। गांवों के विकास के लिए पहचान किए गए फोकस क्षेत्रों में सड़क संपर्क, पेयजल, सौर एवं पवन ऊर्जा सहित बिजली, मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्यटन केंद्र, बहुउद्देश्यीय केंद्र और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा व स्वास्थ्य कल्याण केंद्र शामिल हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 10 अप्रैल को किबितू में 'स्वर्ण जयंती सीमा प्रकाश कार्यक्रम' के तहत अरुणाचल प्रदेश सरकार की नौ माइक्रो हाइडल परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। ये बिजली परियोजनाएं सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के सशक्तिकरण में मदद करेंगी। लिकाबाली (अरुणाचल प्रदेश), छपरा (बिहार), नूरानड (केरल) और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) में बुनियादी ढांचे को सशक्त करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की परियोजनाओं का भी उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा किया जाएगा। जब यहां का पूर्ण विकास होगा, तो लोग पलायन नहीं करेंगे और वे चीन की हरकतों पर नजर रखेंगे। सीमा के निकटवर्ती गावों के लोग, भारतीय सेना के लिए आंख, नाक और कान का काम करेंगे। यानी बॉर्डर पर इंटेलिजेंस इनपुट जुटाने के लिए आर्मी का काम आसान हो जाएगा।
अमित शाह, किबितू में आईटीबीपी कर्मियों से संवाद भी करेंगे। इस अवसर पर सीमावर्ती जिलों के स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। अमित शाह, सीमावर्ती गांवों की महिलाओं के प्रयासों से लगाई गई प्रदर्शनी में स्टाल का दौरा करेंगे। 11 अप्रैल को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह, नमती मैदान का दौरा करेंगे। वे वालोंग युद्ध स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे।