{"_id":"5d40537f8ebc3e6c935cf733","slug":"labour-code-bill-approved-in-lok-sabha","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकसभा में मजदूरी संहिता संबंधी विधेयक को मिली मंजूरी, 50 करोड़ मजदूरों को मिलेगा लाभ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
लोकसभा में मजदूरी संहिता संबंधी विधेयक को मिली मंजूरी, 50 करोड़ मजदूरों को मिलेगा लाभ
Tue, 30 Jul 2019 08:36 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 30 Jul 2019 08:36 PM IST
विज्ञापन
संसद भवन (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा ने मंगलवार को मजदूरी संहिता 2019 संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करना, कारोबार अनुकूल माहौल को बढ़ावा देना सहित श्रमिक कल्याण को मजबूत बनाया गया है। निचले सदन में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि यह मजदूरों को न्यूनतम वेतन तथा देश के 50 करोड़ कामगारों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि यह कदम मजदूरों के जीवन को सरल बनाने, मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और व्यापार सुगमता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। गंगवार ने कहा कि इस विधेयक में प्रावधान है कि मजदूर तीन वर्ष के भीतर दावा कर सकते हैं। इसमें निरीक्षण की व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया गया है । इससे संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के 50 करोड़ मजदूरों को लाभ मिलेगा ।
मंत्री के जवाब के बाद लोकसभा ने कुछ सदस्यों के संशोधनों को अस्वीकार करते हुए विधेयक को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री गंगवार ने कहा कि 2002 में इस पर श्रम संबंधी समिति ने विचार किया था और कहा था कि श्रम संबंधी 44 कानूनों को कम किया जाए । 2014 में हमारी सरकार आने के बाद इस दिशा में पहल हुई और अब हम इसे लेकर आए है। उन्होंने कहा कि इस बारे में श्रम संगठनों, राज्यों, उद्योगपतियों से चर्चा की गई है। यह वास्तव में मजदूरों के हित में है। विधेयक के मसौदे में कहा गया है कि न्यूनतम मजदूरी में हर पांच साल में संशोधन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यह कदम मजदूरों के जीवन को सरल बनाने, मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और व्यापार सुगमता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। गंगवार ने कहा कि इस विधेयक में प्रावधान है कि मजदूर तीन वर्ष के भीतर दावा कर सकते हैं। इसमें निरीक्षण की व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया गया है । इससे संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के 50 करोड़ मजदूरों को लाभ मिलेगा ।
विज्ञापन
मंत्री के जवाब के बाद लोकसभा ने कुछ सदस्यों के संशोधनों को अस्वीकार करते हुए विधेयक को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री गंगवार ने कहा कि 2002 में इस पर श्रम संबंधी समिति ने विचार किया था और कहा था कि श्रम संबंधी 44 कानूनों को कम किया जाए । 2014 में हमारी सरकार आने के बाद इस दिशा में पहल हुई और अब हम इसे लेकर आए है। उन्होंने कहा कि इस बारे में श्रम संगठनों, राज्यों, उद्योगपतियों से चर्चा की गई है। यह वास्तव में मजदूरों के हित में है। विधेयक के मसौदे में कहा गया है कि न्यूनतम मजदूरी में हर पांच साल में संशोधन किया जाएगा।
विज्ञापन