South Eastern Railway: चार दिनों से बंगाल में दो रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन, झारखंड में प्रस्तावित आंदोलन रद्द
इनकी मांग है कि कुर्मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाए और कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
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दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के दो डिवीजनों में ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। बताया जा रहा है कि कुर्मी समुदाय के लोग चार दिनों से पश्चिम बंगाल में दो रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिस वजह से रेल यातायात अवरुद्ध है। इस कारण राष्ट्रीय राजमार्ग छह पर वाहनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा। रेवले से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारी पुरुलिया जिले के आद्रा मंडल के कुस्तौर में और पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर मंडल के खेमासुली में रेलवे पटरियों को अवरुद्ध कर दिया। इस कारण शुक्रवार को भी कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, कई की गंतव्य से पहले यात्रा समाप्त की गई और कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया।
इनकी मांग है कि कुर्मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाए और कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। इन मांग को लेकर मंगलवार सुबह चार बजे पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर आंदोलन शुरू किया गया। हालांकि, उसी दिन शाम तक अन्य सभी स्टेशनों से प्रदर्शन खत्म कर दिया गया, जबकि यह पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खेमासुली और पुरुलिया जिले के कस्तौर में जारी रहा।
बीते दिन प्रदर्शन की वजह से 140 मेल-एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गई थीं। एसईआर ने कोलकाता में एक बयान में कहा था कि इसके अलावा 69 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट या शॉर्ट रूट किया गया। 65 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया और तीन ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया। कस्तौर और खेमासुली स्टेशन आद्रा खड़गपुर मंडल के अंतर्गत आते हैं।
एसईआर के बयान में कहा गया है कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर रखने के लिए घटनास्थल पर हैं और राज्य सरकार के साथ समन्वय कर रहे हैं। इस बीच संगठन ने गुरुवार को रांची में कहा कि उसने उन्हीं दो मांगों पर दबाव बनाने के लिए 25 सितंबर को झारखंड में प्रस्तावित रेल नाकेबंदी आंदोलन को स्थगित कर दिया है। संगठन ने 13 सितंबर को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर रेल चक्का जाम की जानकारी दी थी।
संगठन, टोटेनिक कुर्मी/कुर्मी समाज (टीके/केएस) की झारखंड संयोजक शीतल ओहदार ने बताया कि हमने 20 सितंबर को कुर्मी समुदाय की ओडिशा और पश्चिम बंगाल इकाइयों द्वारा बुलाए गए संयुक्त विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के मद्देनजर 25 सितंबर को होने वाले आंदोलन को स्थगित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही अपनी भविष्य की कार्रवाई की घोषणा जल्द ही करेंगे।