प्रधानमंत्री की दीये जलाने की अपील भाजपा का छुपा एजेंडा: कुमारस्वामी
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के संदर्भ में दीपक जलाने की जो अपील की है वह भाजपा का छिपा हुआ एजेंडा है। कुमारस्वामी ने मोदी को चुनौती दी कि वह अपनी अपील के लिए एक विश्वसनीय वैज्ञानिक और तर्कसंगत स्पष्टीकरण दें।
जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने ट्वीट किया कि क्या प्रधानमंत्री ने देश को भाजपा के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर मोमबत्ती जलाने के लिए कहा है? छह अप्रैल को भाजपा का स्थापना दिवस है, इस आयोजन के लिए इस तारीख और समय चुनने को और क्या समझा जा सकता है? मैं प्रधानमंत्री को चुनौती देता हूं कि वह एक विश्वसनीय वैज्ञानिक और तर्कसंगत स्पष्टीकरण दें।
कुमारस्वामी ने कहा कि राष्ट्रीय संकट को आत्म अभ्युदय के लिए इस्तेमाल करना शर्मनाक है और वैश्विक विपत्ति की स्थिति में अपनी पार्टी के छिपे हुए एजेंडे को आगे बढ़ाना शर्मनाक है। प्रधानमंत्री को सद्बुद्धि आए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा डॉक्टरों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) प्रदान करना और आम लोगों के लिए जांच किट किफायती बनाना अभी बाकी है।
कुमारस्वामी ने दावा किया कि देश को प्रधानमंत्री यह बताएं बिना कि कोविड-19 खतरे से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, प्रधानमंत्री पहले से ही परेशान आबादी को बेमतलब के काम थमा रहे हैं।
Has the PM slyly asked the nation to observe a candle light vigil on the eve of foundation day of BJP? April 6 being its foundation day, what else can explain the choice of date & time for this event? I challenge the PM to offer a credible scientific and rational explanation.
1/3— H D Kumaraswamy (@hd_kumaraswamy) April 5, 2020
कोरोना को प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है
प्रधानमंत्री ने कहा था, 'रविवार पांच अप्रैल को कोरोना के संकट को चुनौती देनी है। उसे प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है। इस पांच अप्रैल को 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण कराना है। पांच अप्रैल रविवार को मैं रविवार रात को नौ बजे आप सभी के नौ मिनट चाहता हूं। घर की बालकनी में खड़े होकर मोमबत्ती, टॉर्च, दीया या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं। उस दिन घर की सभी लाइट बंद कर दें। चारों तरफ हर व्यक्ति जब एक-एक दिया जलाएगा तो प्रकाश की उस महाशक्ति का अहसास होगा, जिसमें यह उजागर होगा कि हम एक ही मकसद से एकजुट होकर लड़ रहे हैं। उस उजाले में हम संकल्प करें कि हम अकेला नहीं हैं।'