केंद्र ने दिया 'कोविशील्ड' की 1.1 करोड़ खुराकों का ऑर्डर, एक की कीमत 210 रुपये
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दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के लिए सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक से छह करोड़ खुराक खरीदने का ऑर्डर जारी कर दिया है। पहले चरण में देश के तीन करोड़ कोरोना योद्धाओं को 16 जनवरी से टीके लगाने के लिए सरकार को 1300 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। सीरम से खरीदे जाने वाले प्रत्येक टीके की कीमत जीएसटी समेत 210 रुपये होगी, जबकि भारत बायोटेक से पहली खेप में खरीदे जाने वाले 55 लाख कोवाक्सिन टीके के लिए 162 करोड़ रुपये चुकाने होंगे।
सूत्रों ने बताया कि सीरम के कोविशील्ड टीके की 1.1 करोड़ खुराक खरीदने का ऑर्डर दिया गया है जबकि अप्रैल में कंपनी से 4.5 करोड़ टीके की दूसरी खेप मंगाई जाएगी। इसके लिए कुल 1176 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। टीके का वितरण मंगलवार से शुरू हो जाने की संभावना है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कोविशील्ड का ऑर्डर जारी किया है। पहली खेप में 1.1 करोड़ टीके आएंगे जिसके लिए 231 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर कोविशील्ड की खुराकें 60 अलग-अलग जगहों पर भेजी जाएंगी, जहां से इन्हें आगे वितरित किया जाएगा। पुणे के मंजरी स्थित सीरम इंस्टीट्यूट से टीका लेकर निकलने वाले ट्रकों को महाराष्ट्र सरकार कड़ी सुरक्षा में हवाई अड्डे तक पहुंचाएगी। यहां से टीका हवाई जहाज से निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।
कीमत का खुलासा
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की कोरोना वायरस वैक्सीन कोविशील्ड का निर्माण करने वाली महाराष्ट्र के पुणे स्थित सीरम संस्थान ने वैक्सीन की कीमत का खुलासा कर दिया है। संस्थान ने सोमवार को बताया कि कोविशील्ड की कीमत 200 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) प्रति खुराक होगी। सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके की 1.1 करोड़ खुराक खरीदने का आर्डर भी दे दिया है। ऐसे में साफ है कि प्रत्येक टीके पर जीएसटी समेत 210 रुपये की लागत आएगी।
Government commits to purchase 4.5 cr more doses of #Covishied from Serum Institute of India at Rs 200 per dose plus GST by April: Sources
— Press Trust of India (@PTI_News) January 11, 2021
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सोमवार देर शाम तक टीका भेजने की शुरुआत होगी। दिए गए ऑर्डर के मुताबिक प्रत्येक टीके पर 200 रुपये और 10 रुपये जीएसटी मिलाकर 210 रुपये की लागत आएगी। सार्वजनिक उपक्रम एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अतिरिक्त निदेशक प्रकाश कुमार सिंह के नाम सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के लिए आपूर्ति का ऑर्डर जारी किया।
60 स्थानों पर पहुंचेगी खेप
सूत्रों ने बताया कि कोविशील्ड टीके की खुराक 60 स्थानों पर खेप के जरिए पहुंचाई जाएगी, जहां से यह आगे वितरण के लिए भेजी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना वायरस से बचाव के लिए एक और टीका ‘कोवैक्सीन’ की खरीदारी के ऑर्डर पर भी हस्ताक्षर करने वाला है। कोवैक्सीन स्वदेशी टीका है जिसे भारत बायोटेक ने विकसित किया है। इसके लिए बैठकें चल रही हैं।
बता दें कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान को लेकर देश में तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। महाराष्ट्र के पुणे स्थित भारतीय सीरम संस्थान से वैक्सीनों को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने के लिए कूल-एक्स कोल्ड चेन लिमिटेड पूरी तरह से तैयार हो गई है। वैक्सीनों को ले जाने के लिए वाहन तैयार हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत में 16 जनवरी से कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू होगा। इसका फैसला शनिवार को देश में कोरोना महामारी की वर्तमान स्थिति और टीकाकरण के मद्देनजर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तैयारियों का जायजा लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय बैठक में किया था।
गुरुवार तक अधिकतर राज्यों में पहुंच जाएगी वैक्सीन
नई दिल्ली समेत अधिकतर राज्यों में गुरुवार तक वैक्सीन पहुंच जाएगी। अधिकांश राज्यों में सीरम संस्थान की वैक्सीन कोविशील्ड उपलब्ध होगी। पुणे से 80 फीसदी वैक्सीनों को उड़ानों और विशेष विमानों के माध्यम से भेजा जाएगा। उधर, पंजाब और छत्तीसगढ़ ने कोवैक्सीन की खुराक लगाने से इनकार किया है।
इन दोनों कांग्रेस शासित राज्यों ने कहा है कि वे कोवैक्सीन के उपयोग पर फैसला इसके तीसरे चरण के ट्रायल के परिणाम आने पर ही करेंगे। बता दें कि औषधि नियामक ने फेज-1 और फेज-2 के नतीजों के आधार पर कोवैक्सीन को आपात मंजूरी दी है। इसके फेज-3 ट्रायल्स पूरे देश में स्थानों पर चल रहे हैं।
दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान: नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बताया और कहा कि इसमें करीब तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की इस बैठक में प्रधानमंत्री ने कोविड-19 प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी विस्तृत समीक्षा की थी।
इस संबंध में मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘आगामी लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू जैसे त्योहारों के मद्देनजर विस्तृत समीक्षा के बाद फैसला लिया गया है कि देश में कोविड-19 टीकाकरण अभियान 16 जनवरी, 2021 से आरंभ किया जाएगा।’
बयान में कहा गया कि करीब तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों के बाद 50 वर्ष से अधिक आयु के करीब 27 करोड़ व्यक्तियों और अन्य बीमारियों से ग्रसित 50 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों का टीकाकरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देश के मुताबिक 50 वर्ष की आयु की पहचान के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों की मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाएगा।
बता दें कि भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को पिछले रविवार को मंजूरी दे दी थी।