कोल्लम हादसा : छह के खिलाफ मामला दर्ज, मृतकों की संख्या 109 पहुंची
- आरोपियों में मंदिर प्रबंधन के सदस्य और दो ठेकेदार शामिल
- क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच, पूछताछ के लिए पांच हिरासत में
- विस्फोटक नियंत्रक का दावा, प्रतिबंधित रसायनों का किया इस्तेमाल
- आतिशबाजी की अनुमति देने या रोकने का नहीं था दबाव: कलेक्टर
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केरल के कोल्लम में पुट्टिंगल देवी मंदिर में आतिशबाजी के बाद हुए हादसे में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। इन लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
मामले के आरोपियों में मंदिर की प्रबंधन कमेटी के सदस्य, आतिशबाजी का ठेका लेने वाले और उनके सहयोगी शामिल हैं। इस बीच, हादसे में मरने वालों की संख्या 109 हो गई है। पुलिस ने पांच लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, लेकिन उनकी पहचान नहीं बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या की कोशिश) और 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के अलावा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा चार के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम के प्रमुख एडीजीपी (क्राइम ब्रांच) एस अनंतकृष्णन ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटनास्थल से सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं।
सबूत और दस्तावेज इकट्ठा होने के बाद मामले में अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया जाएगा। फिलहाल मंदिर में आतिशबाजी का ठेका लेने वाले सुरेंद्रन और कृष्णकुट्टी आरोपियों में शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि ठेकेदार के साथ काम करने वाले पांच मजदूरों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
उधर, तीन और घायलों की तिरुवनंतपुरम के विभिन्न अस्पतालों में मौत हो गई है। इससे मृतकों की संख्या बढ़कर 109 हो गई है। जानकारी के अनुसार, कम से कम 380 लोगों का कोल्लम और राजधानी तिरुवनंतपुरम के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
मानकों और बुनियादी सावधानियों का किया गया उल्लंघन
केरल के पुट्टिंगल देवी मंदिर में आग हादसे के एक दिन बाद जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार प्रतिबंध के आदेश के बावजूद यहां विस्फोटक पदार्थ संबंधी मानकों की अवहेलना और बड़े पैमाने पर बुनियादी सावधानियों का उल्लंघन किया गया।
विस्फोटकों की निगरानी, भंडारण और लाइसेंस के प्रभारी मुख्य विस्फोटक नियंत्रक सुदर्शन कमल ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद सोमवार को कहा कि ‘ऐसा लगता है कि यहां बड़े पैमाने पर विस्फोटक मानदंडों की अवहेलना की गई।’ उन्होंने कहा कि हम यहां आतिशबाजी के प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की जांच करने आए हैं।
यहां आतिशबाजी के आपूर्तिकर्ता ने प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल किया। साथ ही बुनियादी सावधानियों को भी नजरअंदाज किया गया।
कोल्लम की जिला कलेक्टर ए शाइनामोल ने कहा आतिशबाजी के प्रदर्शन को अनुमति देने या इसे रोकने के लिए उन पर कोई दबाव नहीं था। उन्होंने कहा कि मैंने बस अपना काम किया। मुझ पर कोई दबाव नहीं था। अनुमति देने और रोकने की एक प्रक्रिया है। हमने पुलिस और तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी। उन्होंने आतिशबाजी की अनुमति न देने की सिफारिश की थी।
कोल्लम के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहनवाज ने कहा कि प्रतिबंध के आदेश का उल्लंघन किया गया है और यह किसने किया है, इसका सत्यापन किया जाएगा।