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कोलकाता भगदड़: लाउडस्पीकर पर किसने की थी घोषणा? पुलिस दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल लेगी; अब तक नौ गिरफ्तार
Sat, 24 Oct 2026 06:38 PM IST
पवन पांडेय
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 24 Oct 2026 06:38 PM IST
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कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को मची भगदड़ के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाउडस्पीकर पर की गई उस घोषणा की आवाज की पहचान करने के लिए दो आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति अदालत से मांगी है, जिसके बाद पंडाल में अफरा-तफरी मचने की बात सामने आई थी। इस घटना में 19 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 25 लोग घायल हुए थे। पुलिस जिन दो आरोपियों की आवाज के नमूने लेना चाहती है, उनमें पूजा समिति के कोषाध्यक्ष संजीब राहा और कुशल मजूमदार शामिल हैं। जांच अधिकारियों को शक है कि पंडाल के एक हिस्से के ढहने की घोषणा से लोगों में दहशत फैल गई थी और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी।
लाउडस्पीकर पर क्या घोषणा हुई थी?
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय लाउडस्पीकर पर घोषणा की गई थी कि दुर्गा पूजा पंडाल का एक हिस्सा गिर रहा है। इस घोषणा के बाद वहां मौजूद लोगों में घबराहट फैलने और भीड़ के बेकाबू होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि यह घोषणा किसने की थी और उसका भीड़ पर कितना असर पड़ा। इसके लिए घटना के समय की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। पुलिस ने घोषणा से जुड़ी तीन से चार ऑडियो-वीडियो क्लिप जुटाई हैं। अब इन रिकॉर्डिंग की आरोपियों के वॉयस सैंपल से तुलना की जाएगी। इसके लिए अदालत की अनुमति मिलने का इंतजार है।
(ये खबर अपडेट की जा रही है)
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लाउडस्पीकर पर क्या घोषणा हुई थी?
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय लाउडस्पीकर पर घोषणा की गई थी कि दुर्गा पूजा पंडाल का एक हिस्सा गिर रहा है। इस घोषणा के बाद वहां मौजूद लोगों में घबराहट फैलने और भीड़ के बेकाबू होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि यह घोषणा किसने की थी और उसका भीड़ पर कितना असर पड़ा। इसके लिए घटना के समय की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। पुलिस ने घोषणा से जुड़ी तीन से चार ऑडियो-वीडियो क्लिप जुटाई हैं। अब इन रिकॉर्डिंग की आरोपियों के वॉयस सैंपल से तुलना की जाएगी। इसके लिए अदालत की अनुमति मिलने का इंतजार है।
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