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सीरिया मिसाइल अटैक: कोलकता में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, पुतला फूंका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Updated Sun, 15 Apr 2018 06:19 PM IST
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कोलकाता में डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीरिया पर मिसाइल हमले किए जाने के विरोध में कोलकाता में आज उनका पुतला फूंका गया। यहां सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान एसयूआई के सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया पर मिसाइल हमले का आदेश दिया था। इस कार्रवाई में अमेरिका के साथ फ्रांस और ब्रिटेन भी शामिल हैं। शनिवार को सीरिया पर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने संयुक्त हमला किया था।
मिसाइल हमलों के बाद सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने ट्वीट कर कहा था कि अच्छी आत्माओं को दबाया नहीं जा सकता है। सीरिया के कस्बे दूमा में हुए केमिकल हमले की प्रतिक्रिया के रूप में यह हमले किये गए हैं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम दिये संबोधन में कहा था कि फ्रांस और यूके की सेनाओं के साथ सशस्त्र ऑपरेशन चल रहा है। उन्होंने कहा कि सीरिया की सरकार के रासायनिक हथियार बनाने के ठिकानों पर हमले के आदेश दिये गए हैं।
हमारा उद्देश्य केमिकल हथियारों के प्रयोग पर अंकुश लगाना है। ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के बारे में कहा कि यह किसी इंसान के नहीं बल्कि शैतान के अपराध हैं।
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते सीरिया के डूमा में केमिकल हमला हुआ था जिसकी चपेट में 500 लोग आ गए थे। ट्रंप ने इस हमले का आरोप सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद पर लगाया था। वहीं ब्रिटेन की पीएम टेरीजा मे ने भी सीरिया पर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि हमारे पास शक्ति प्रयोग के अलावा कोई और विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा कि इस हमले का मकसद सत्ता परिवर्तन नहीं है।
आपको बता दें कि रूस ने पहले ही चेताया था कि सीरिया के खिलाफ पश्चिमी देशों की तरफ से युद्ध शुरू हो सकता है। हालांकि अब रूस ने सीरिया पर हुए हमले के विरोध में कड़ा रुख अख्तियार किया है।
अमेरिका में रूसी दूतावास ने कहा कि व्लादीमीर पुतिन का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने कहा है कि हम यूएन सिक्योरिटी काउंसिल का एक आपातकालीन सत्र बुलाएंगे।
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बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया पर मिसाइल हमले का आदेश दिया था। इस कार्रवाई में अमेरिका के साथ फ्रांस और ब्रिटेन भी शामिल हैं। शनिवार को सीरिया पर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने संयुक्त हमला किया था।
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मिसाइल हमलों के बाद सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने ट्वीट कर कहा था कि अच्छी आत्माओं को दबाया नहीं जा सकता है। सीरिया के कस्बे दूमा में हुए केमिकल हमले की प्रतिक्रिया के रूप में यह हमले किये गए हैं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम दिये संबोधन में कहा था कि फ्रांस और यूके की सेनाओं के साथ सशस्त्र ऑपरेशन चल रहा है। उन्होंने कहा कि सीरिया की सरकार के रासायनिक हथियार बनाने के ठिकानों पर हमले के आदेश दिये गए हैं।
हमारा उद्देश्य केमिकल हथियारों के प्रयोग पर अंकुश लगाना है। ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के बारे में कहा कि यह किसी इंसान के नहीं बल्कि शैतान के अपराध हैं।
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते सीरिया के डूमा में केमिकल हमला हुआ था जिसकी चपेट में 500 लोग आ गए थे। ट्रंप ने इस हमले का आरोप सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद पर लगाया था। वहीं ब्रिटेन की पीएम टेरीजा मे ने भी सीरिया पर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि हमारे पास शक्ति प्रयोग के अलावा कोई और विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा कि इस हमले का मकसद सत्ता परिवर्तन नहीं है।
आपको बता दें कि रूस ने पहले ही चेताया था कि सीरिया के खिलाफ पश्चिमी देशों की तरफ से युद्ध शुरू हो सकता है। हालांकि अब रूस ने सीरिया पर हुए हमले के विरोध में कड़ा रुख अख्तियार किया है।
अमेरिका में रूसी दूतावास ने कहा कि व्लादीमीर पुतिन का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने कहा है कि हम यूएन सिक्योरिटी काउंसिल का एक आपातकालीन सत्र बुलाएंगे।