चुनाव आयोग के फैसले से पहले ममता बनर्जी को लगा झटका
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कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को उनके पद हटा कर चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तगड़ा झटका दिया है। अभी फरवरी में ही दीदी ने अपने इस करीबी आईपीएस अधिकारी को कोलकाता पुलिस की कमान सौंपी थी। लेकिन चुनाव प्रक्त्रिस्या शुरू होने के बाद से ही विपक्ष आयोग पर लगातार पुलिस आयुक्त को हटाने का दबाव बना रहा था। राज्य के चुनावी इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी पुलिस प्रमुख को चुनावों के बीच ही उनके पद से हटाया गया हो। आयोग ने उनकी जगह एक साल वरिष्ठ सोमेन मित्र को इस पद पर नियुक्त करने का निर्देश दिया है।
कोलकाता में 21 और 30 अप्रैल को मतदान होना है। ऐसे में नए पुलिस प्रमुख के लिए शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना एक कड़ी चुनौती है। राजीव कुमार इसके पहले कोलकाता पुलिस में विशेष आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। सुरजित कर पुरकायस्थ के कोलकाता पुलिस आयुक्त पद से हटने के बाद कुमार ने फरवरी में कोलकाता पुलिस आयुक्त पद का कामकाज संभाला था।
प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया था कि कोलकाता खुफिया पुलिस के इंस्पेक्टर व कांस्टेबल के माध्यम से उनका स्टिंग करने की कोशिश की गई थी। इसकी साजिश कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार रची थी। स्टिंग कांड के आरोप के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से लेकर कांग्रेस व वाममोर्चा के नेताओं ने एक स्वर में कुमार को हटाने की मांग उठाई थी।
चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि मार्च के अंतिम सप्ताह में ही कुमार को आयुक्त के पद से हटाने का फैसला हो गया था, लेकिन विवेकानंद फ्लाईओवर हादसे की वजह से इस पर अमल पर रोक लगा दी गई थी। आयोग के इस फैसले पर अब तक दीदी ने कोई टिप्पणी तो नहीं की है। लेकिन इससे उनकी चुनावी रणनीति को झटका तो लगा ही है। दूसरी ओर, विपक्ष ने आयोग के इस फैसले का स्वागत किया है।