सियासत : कोलकाता की एक इमारत में आग लगने से अब तक नौ की मौत, रेलवे पर भड़कीं ममता
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कोलकाता के स्ट्रैंड रोड इलाके में स्थित एक इमारत की 13वीं मंजिल पर सोमवार शाम आग लगने के बाद अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद जनता में काफी रोष है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी घटना पर अपनी नाराजगी जताते हुए रेलवे पर कई सवाल भी दागे हैं।
ममता ने कहा कि यह बिल्डिंग रेलवे की है, इतनी बड़ी घटना हो गई लेकिन मौके पर रेलवे का कोई बड़ा अफसर मौजूद नहीं है। बता दें मरने वालों में चार फायर फाइटर और तीन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
इस मामले में सीएम ममता ने रेलवे को आड़े हाथों लेते हुए सीधा निशाना साधा है। दरअसल, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संपत्ति रेलवे की है। उनकी जिम्मेदारी थी कि राहत कार्य के लिए बिल्डिंग का नक्शा उपलब्ध कराते, लेकिन राहत कार्य तो दूर यहां मौके पर रेलवे का कोई बड़ा अफसर तक मौजूद नहीं है। वह इमारत का नक्शा तक नहीं दे सके।
आपको बता दें कि ममता इतने में ही नहीं रुकीं। उन्होंने आगे कहा, ‘मैं इस दुर्घटना पर राजनीति नहीं करना चाहती, लेकिन रेलवे से कोई भी अभी तक यहां नहीं पहुंचा है।’ गौरतलब है कि हादसे के बाद ममता बनर्जी खुद देर रात दुर्घटनास्थल पर पहुंची थीं और यहां उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा भी की। दुर्घटनास्थल पर कोलकाता नगर निगम के महापौर फिरहाद हकीम और फायर मिनिस्टर सुजीत बोस भी मौके पर मौजूद थे।
Officers of railways were present there, efforts were being made for whatever was required. Maybe any map wasn't made available immediately, staff members of railways were present to guide about the building: Manoj Joshi, General Manager Eastern Railway #kolkatafire pic.twitter.com/htJ7xx9YC9
— ANI (@ANI) March 8, 2021
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद ईस्टर्न रेलवे के जनरल मैनेजर मनोज जोशी ने जवाब दिया। उन्होंने मामले पर सफाई देते हुए कहा, ‘रेलवे के अधिकारी दुर्घटनास्थल पर हर समय मौजूद थे, जो भी मदद की जा सकती थी उसमें रेलवे ने पूरी जिम्मेदारी निभाई। हो सकता है कि ऐसा कोई नक्शा था जो कि अचानक उपलब्ध नहीं कराया गया हो, लेकिन रेलवे के स्टाफ मेंबर मौके पर मौजूद थे, जिन्हें इमारत की पूरी जानकारी है।’
उधर, इस हादसे को लेकर रेल मंत्रालय के एडीजी (जन संपर्क) डीजे नारायण ने कहा, 'तीन रेलवे अधिकारियों समेत नौ लोगों की मौत से हम बहुत दुखी हैं। नियमों के अनुसार मामले की जांच के लिए वरिष्ठ मुख्य सुरक्षा अधिकारी की अगुवाई में उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। ये समिति तीन सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।' उन्होंने बताया कि रेलवे की आरक्षण व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है, सभी पीआरएस काउंटर चल रहे हैं।
बता दें कि इस इमारत में ईस्टर्न रेलवे का कार्यालय भी था, जिसकी वजह से पूर्वी भारत में टिकट बुकिंग की सेवा प्रभावित हुई है। आग के कारण पैसेंजर रिजर्वेशन सर्विस (पीआरएस) का सर्वर ठप हो गया है। सर्वर ठप होने की वजह से पूर्वी भारत में कंप्यूटराइज टिकट बुकिंग प्रभावित हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे को लेकर दुख जताया है और ट्वीट किया है कि कोलकाता की इमारत में लगी आग में मरने वालों की खबर सुनकर दुखी हूं। मृतकों के परिजनों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। पीएम मोदी ने आगे लिखा कि हादसे में घायल लोगों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।
वहीं रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस घटना पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि इस हादसे में चार दमकल कर्मचारी, दो रेलवे अधिकारी, एक एएसआई समेत नौ लोगों की मौत हो गई है। रेल मंत्री ने रेलवे की तरफ से राज्य सरकार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। पीयूष गोयल ने ट्वीट कर जानकारी दी कि आग की वजह जानने के लिए रेलवे के चार अधिकारियों के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय कमिटी का गठन किया गया है।