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Kolkata Case: 'श्मशान में तीन शव छोड़ बेटी का किया अंतिम संस्कार', पीड़ित पिता ने CM की भूमिका पर जताई नाखुशी
Sun, 18 Aug 2024 08:16 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 18 Aug 2024 08:16 PM IST
सार
Kolkata Case: पीड़िता के पिता ने कहा कि मुख्यमत्री ममता बनर्जी खुद सड़क पर उतर कर न्याय मांग रही हैं लेकिन जब दूसरे मांग रहे हैं तो उनको रोक रही हैं। उनको बंद करने की बात कर रही हैं।
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पश्चिम बंगाल ममता बनर्जी
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल मामले में पीड़िता डॉक्टर के पिता का दावा है कि श्मशान में तीन शव थे, फिर भी उन्हें छोड़कर पहले उनकी बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने कहा, हम उस समय कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थे। किसी ने भी यह नहीं कहा कि अभी अंतिम संस्कार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका को लेकर भी गहरी नाराजगी जताई।
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उन्होंने कहा, मुख्यमत्री ममता बनर्जी खुद सड़क पर उतर कर न्याय मांग रही हैं लेकिन जब दूसरे मांग रहे हैं तो उनको रोक रही हैं। उनको बंद करने की बात कर रही हैं। यह क्या बात हुई। सीएम का रवैया परेशान करने वाला है। पीड़िता के पिता ने यह भी कहा कि घटना वाले दिन विभाग और कॉलेज के किसी ने हमारा सहयोग नहीं किया। हम तो पहले से ही कहते आ रहे हैं कि पूरा विभाग ही इसमें शामिल है।
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सीबीआई जांच पर पीड़िता के पिता का कहना है कि जांच एजेंसी पिछले तीन दिनों से अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष से पूछताछ कर रही है लेकिन कोई नतीजा अभी तक नहीं आया है। हम तो केवल उम्मीद ही रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के साथ घटना के बाद हम संदीप घोष से नहीं मिले थे। उन्होंने हमें अपने ऑफिस में बुलाया था। संदीप घोष बाद में आए भी लेकिन वे हमसे नहीं मिले।
अपनी परेशानी नहीं बताती थी बेटी
पिता ने यह भी कहा कि उनकी बेटी अस्पताल की किसी भी परेशानी की बात घर में नहीं बताती थी, क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि हम जरा भी परेशान हों। उन्होंने कहा, विभाग का कोई न कोई तो है, जो इसमें शामिल है। कोलकाता पुलिस के मुखिया के बारे में उन्होंने कहा कि वह हमारे गम में थोड़ा मरहम लगाने की कोशिश कर रहे थे। बाद में कोलकाता पुलिस के अधिकारी आए थे।