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'हिम्मत है तो हमारे ऊपर बुलडोजर चलाओ': अभिषेक के घर हमले पर भड़कीं ममता, बंगाल में छिड़ गया सियासी संग्राम?
Sat, 07 Nov 2026 04:50 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, कोलकाता।
एएनआई, कोलकाता।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 07 Nov 2026 04:50 PM IST
सार
कोलकाता के कालीघाट में अभिषेक बनर्जी के घर पर आधी रात को हुए हमले के बाद तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर दीवाली और काली पूजा के दौरान हिंसा फैलाने का आरोप लगाते हुए धरना दिया और लोकसभा स्पीकर से शिकायत की है। इस झड़प में 8 लोग घायल हुए हैं और पुलिस ने इलाके को सील कर कई लोगों को हिरासत में लिया है।
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ममता बनर्जी ने भाजपा पर साधा निशाना
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कोलकाता के दक्षिण इलाके में स्थित कालीघाट से एक बड़ी खबर आ रही है, जहां शनिवार तड़के 2:00 बजे तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास पर हमला हुआ। जिस वक्त यह घटना घटी, उस समय पार्टी कार्यकर्ता उनका 39वां जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच जमकर झड़प हो गई। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा के गुंडों ने दो दिनों तक रेकी करने के बाद उनके घर और दफ्तर को निशाना बनाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले छह महीनों में उनकी जान लेने की यह सातवीं कोशिश है।
काली पूजा के जश्न में हिंसा, क्यों भड़कीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी?
इस घटना की जानकारी मिलते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुबह-सुबह कालीघाट पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए सीधे तौर पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि काली पूजा और दीवाली जैसे पवित्र त्योहार से ठीक पहले जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है। ममता बनर्जी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके इलाके की पुरानी पारंपरिक पूजाओं की अनुमति रद्द कर दी और रास्ते के ठीक मोड़ पर एक नई पूजा को गलत तरीके से मंजूरी दे दी, ताकि टीएमसी कार्यकर्ताओं का रास्ता रोका जा सके।
अगर हिम्मत है तो हमारे ऊपर बुलडोजर चलाकर दिखाओ: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कल काली पूजा और दीवाली है। रात के दो बजे अभिषेक बनर्जी के घर पर हमला किया गया। यह हमारा इलाका है, जहां से मां काली के जुलूस निकलते हैं। आप यहां बाधा क्यों डाल रहे हैं? अगर आप में बुलडोजर चलाने की हिम्मत है, तो रात के तीन बजे गुंडों की टोली लाकर काली पूजा के जश्न पर हमला क्यों करते हैं? हम यहां अपनी पार्टी का काम कर रहे हैं और आप रुकावट डाल रहे हैं। अगर हिम्मत है, तो चलाइए बुलडोजर हमारे शरीर के ऊपर से चलाइए।
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यह भी पढ़ें: दीपावली 2026: उपराष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी ने मनाई दिवाली, सीपी राधाकृष्णन ने लगाया तिलक; देखें तस्वीरें
अभिषेक बनर्जी ने क्या आरोप लगाए?
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हमला सुबह सात बजे तक चलता रहा। जबकि पुलिस वहां मौजूद थी। उनमें से कुछ तो बस मूकदर्शक बने रहे, और जिन्होंने भाजपा के गुंडों को रोकने की कोशिश की, उन्हें ही उन गुंडों ने पीट दिया। जो पुलिस खुद की ही रक्षा नहीं कर सकती, वह आम लोगों की रक्षा भला कैसे कर पाएगी? इस सरकार के पांच महीनों के शासनकाल में, मई से अक्तूबर के बीच, लगभग 2500 बलात्कार, 600 हत्याएं और 32000 से ज़्यादा अपराध हुए हैं।
आठ लोग घायल और कई हिरासत में, आगे क्या मोड़ लेगी यह लड़ाई?
आधी रात को हुई इस हिंसक झड़प में कम से कम आठ लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से तीन की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, टीएमसी समर्थकों ने पुलिस की सुस्ती पर भारी नाराजगी जताते हुए जमकर नारेबाजी की। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने असामाजिक तत्वों को दी चेतावनी
इस बीच, पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस कर्मियों और सरकारी संपत्तियों पर हमला करने वाले असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी है। आसनसोल में पुलिस चौकी में हुई तोड़फोड़ की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून के शासन से कोई भी ऊपर नहीं है और पुलिस पर हाथ उठाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार के वकील और पुलिस प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे अपराधियों को हिरासत में लेकर तेजी से कानूनी प्रक्रिया के जरिए अदालत से सख्त सजा दिलाई जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य में पुलिस-जनसंख्या अनुपात को सुधारने के लिए व्यापक भर्ती अभियान की घोषणा की, जिसके तहत पुलिस विभाग में 29,000 पदों पर भर्तियां की जा रही हैं, जिसमें दिसंबर में 131 एसआई/एएसआई और जनवरी में 4,000 कांस्टेबलों की भर्ती शामिल है। इसके अतिरिक्त राज्य मंत्रिमंडल द्वारा वन विभाग सहित अन्य विभागों में कुल 27,556 पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है। राज्य ने केंद्र सरकार से दो अतिरिक्त इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) की मांग भी की है। सीमावर्ती सुरक्षा और अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री अधिकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ सुंदरबन स्थित हिंगलगंज बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) का दौरा कर बीएसएफ जवानों को दिवाली की शुभकामनाएं देंगे। दूसरी ओर, विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस ने कालीघाट इलाके में पार्टी नेता के आवास के पास हुई घटना को लेकर पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जिसे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भ्रामक और निराधार करार दिया है।
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काली पूजा के जश्न में हिंसा, क्यों भड़कीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी?
इस घटना की जानकारी मिलते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुबह-सुबह कालीघाट पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए सीधे तौर पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि काली पूजा और दीवाली जैसे पवित्र त्योहार से ठीक पहले जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है। ममता बनर्जी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके इलाके की पुरानी पारंपरिक पूजाओं की अनुमति रद्द कर दी और रास्ते के ठीक मोड़ पर एक नई पूजा को गलत तरीके से मंजूरी दे दी, ताकि टीएमसी कार्यकर्ताओं का रास्ता रोका जा सके।
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अगर हिम्मत है तो हमारे ऊपर बुलडोजर चलाकर दिखाओ: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कल काली पूजा और दीवाली है। रात के दो बजे अभिषेक बनर्जी के घर पर हमला किया गया। यह हमारा इलाका है, जहां से मां काली के जुलूस निकलते हैं। आप यहां बाधा क्यों डाल रहे हैं? अगर आप में बुलडोजर चलाने की हिम्मत है, तो रात के तीन बजे गुंडों की टोली लाकर काली पूजा के जश्न पर हमला क्यों करते हैं? हम यहां अपनी पार्टी का काम कर रहे हैं और आप रुकावट डाल रहे हैं। अगर हिम्मत है, तो चलाइए बुलडोजर हमारे शरीर के ऊपर से चलाइए।
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अभिषेक बनर्जी ने क्या आरोप लगाए?
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हमला सुबह सात बजे तक चलता रहा। जबकि पुलिस वहां मौजूद थी। उनमें से कुछ तो बस मूकदर्शक बने रहे, और जिन्होंने भाजपा के गुंडों को रोकने की कोशिश की, उन्हें ही उन गुंडों ने पीट दिया। जो पुलिस खुद की ही रक्षा नहीं कर सकती, वह आम लोगों की रक्षा भला कैसे कर पाएगी? इस सरकार के पांच महीनों के शासनकाल में, मई से अक्तूबर के बीच, लगभग 2500 बलात्कार, 600 हत्याएं और 32000 से ज़्यादा अपराध हुए हैं।
आठ लोग घायल और कई हिरासत में, आगे क्या मोड़ लेगी यह लड़ाई?
आधी रात को हुई इस हिंसक झड़प में कम से कम आठ लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से तीन की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, टीएमसी समर्थकों ने पुलिस की सुस्ती पर भारी नाराजगी जताते हुए जमकर नारेबाजी की। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने असामाजिक तत्वों को दी चेतावनी
इस बीच, पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस कर्मियों और सरकारी संपत्तियों पर हमला करने वाले असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी है। आसनसोल में पुलिस चौकी में हुई तोड़फोड़ की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून के शासन से कोई भी ऊपर नहीं है और पुलिस पर हाथ उठाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार के वकील और पुलिस प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे अपराधियों को हिरासत में लेकर तेजी से कानूनी प्रक्रिया के जरिए अदालत से सख्त सजा दिलाई जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य में पुलिस-जनसंख्या अनुपात को सुधारने के लिए व्यापक भर्ती अभियान की घोषणा की, जिसके तहत पुलिस विभाग में 29,000 पदों पर भर्तियां की जा रही हैं, जिसमें दिसंबर में 131 एसआई/एएसआई और जनवरी में 4,000 कांस्टेबलों की भर्ती शामिल है। इसके अतिरिक्त राज्य मंत्रिमंडल द्वारा वन विभाग सहित अन्य विभागों में कुल 27,556 पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है। राज्य ने केंद्र सरकार से दो अतिरिक्त इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) की मांग भी की है। सीमावर्ती सुरक्षा और अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री अधिकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ सुंदरबन स्थित हिंगलगंज बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) का दौरा कर बीएसएफ जवानों को दिवाली की शुभकामनाएं देंगे। दूसरी ओर, विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस ने कालीघाट इलाके में पार्टी नेता के आवास के पास हुई घटना को लेकर पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जिसे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भ्रामक और निराधार करार दिया है।