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जानिए क्या है इलेक्ट्रिक सर्किट से जुड़ा जर्मन वैज्ञानिक का 'ओम' नियम

Thu, 16 Nov 2017 04:40 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
टीम डिजिटल/ अमर उजाला Updated Thu, 16 Nov 2017 04:40 PM IST
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Know What is the Om rule of the German scientist
Georg Ohm

यह जरूरी नहीं कि हमारे माता-पिता पढ़े-लिखे नहीं या हमारे घर की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं, तो हमें सफलता हासिल नहीं हो सकती। अगर सच्चे दिल और पूरी लगन से किसी भी काम को किया जाए, तो वह काम जरूर सफल होता है। इस बात को जर्मन वैज्ञानिक जॉर्ज साइमन ओम ने बखूबी सच कर दिखाया। ओम का जन्म 16 मार्च, 1789 को हुआ था। विद्युतधारा परिचालन (इलेक्ट्रिक करंट) और प्रतिरोध संबंधी खोज करने वाले इस वैज्ञानिक का पूरा जीवन संघर्ष भरा रहा।

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उनके नाम पर ही इसे 'ओम का नियम' कहते हैं। ओम का सपना प्रोफेसर बनने का था। वे गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता एक तालासाज थे, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं होने दी। ओम बचपन से ही वैज्ञानिक बनना चाहते थे। गरीब थे, इसलिए पढ़ाई के बाद वे स्कूल में छोटी-मोटी नौकरी भी करते थे। उनकी सबसे अधिक रुचि विद्युतधारा और उसके प्रयोगों में थी।
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पढ़ने से अधिक प्रयोगों में रुचि रखने वाले ओम ने विद्युत परिपथ (इलेक्ट्रिक सर्किट) से जुड़े एक ऐसी खोज की, जिससे आगे चलकर बिजली की खपत कम होने लगी। एरलांजेन विश्वविद्यालय से उन्होंने कॉलेज की शिक्षा पूरी की। उन्होंने विभिन्न मोटाई के तारों में विद्युतधारा प्रवाहित करके ऊष्मा संबधी प्रयोग किए।
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उन्होंने सिद्ध करके दिखाया कि यदि किसी तार के सिरों में एक वोल्ट विभवान्तर लगाया जाए और उसमे एक एम्पीयर विद्युतधारा प्रवाहित की जाए, तो उस तार का प्रतिरोध एक ओम होगा। सन 1827 में वे विद्युतधारा वोल्टेज और प्रतिरोध में एक संबध स्थापित कर सके। उन्होंने सिद्ध किया कि विभवान्तर और प्रतिरोध एक-दूसरे के व्युत्क्रमानुपाती (इन्वर्सली प्रपोर्शनल) होते हैं।


इसी के आधार पर ओम विद्युतधारा, विभवान्तर और प्रतिरोध संबंधी गणनाएं अनेक परिपथों में कर सके। धीरे-धीरे जर्मनी के लोगों ने भी इनके नियम के महत्व को समझा। सन 1842 में उनके कार्यों के लिए उन्हें रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन की सदस्यता प्राप्त हुई। आज 'ओम का नियम' विद्युतधारा में भौतिक नियम बन गया है। मृत्यु के पांच वर्ष पहले 1849 में उन्हें म्यूनिख यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर का पद प्राप्त हुआ।

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