जानिए, राष्ट्रीय स्तर पर क्या हैं भाजपा की जीत के मायने
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पांचों राज्यों के विधानसभा चुनावों में मनमाफिक परिणाम आने के बाद भाजपा के लिए देशभर में स्थिति मजबूत होती दिख रही है। पांच में से दो राज्यों में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने वाली भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भी परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। जानिए इस जीत के भाजपा और राष्ट्रीय राजनीति के लिए क्या मायने होंगे।
राज्यसभा में स्थिति सुधरने से बड़े फैसले लेने में रहेगी आसानी
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में प्रचंड बहुमत से भाजपा को सबसे बड़ा फायदा तो ये होगा की राज्यसभा में उसे अपनी स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी। अगले साल यूपी कोटे से राज्यसभा में दस सीटें खाली होनी हैं जिन पर भाजपा आसानी से अपने उम्मीदवार जिता सकती है। एक सीट उत्तराखंड की खाली होनी है जिस पर भाजपा का दावा मजबूत होगा।
मनपसंद का राष्ट्रपति चुनने में मिलेगी मदद
दोनों राज्यों में जीत का बड़ा फायदा ये भी मिलेगा कि इस साल के अंत में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में भी भाजपा अपनी पसंद का उम्मीदवार जिता सकेगी। क्योंकि राष्ट्रपति चुनावों में राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों के साथ राज्यों के विधायक भी वोट करते हैं ऐसे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे बड़े राज्यों में 350 से ज्यादा विधायकों के बूते भाजपा आसानी से अपने उम्मीदवार को राष्ट्रपति भवन तक भेज सकती है।
जीएसटी को पास कराने में रहेगी आसानी
एक बड़ा फायदा ये भी होने वाला है कि जीएसटी को अब देशभर में लागू करने में और आसानी रहेगी। क्योंकि केंद्र के साथ साथ प्रदेश सरकार को भी इसे अपने यहां लागू करना है ऐसे में दो और राज्यों में भाजपा की सरकार आने से इसकी राह आसान हो सकेगी।
और कमजोर होगी विपक्ष की चुनौती
2019 के चुनावों के लिए भाजपा जमीन हो सकेगी मजबूत
इस जीत के एक बड़े मायने ये भी हैं कि दो साल बाद होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए अभी से जमीन तैयार हो सकेगी। सीटों के हिसाब से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में जिस तरह से भाजपा ने जीत दर्ज की है वो उसके लिए आने वाले आम चुनावों में भी लाभदायक होगी। लोकसभा की सबसे ज्यादा सीटें उत्तर प्रदेश से ही आती हैं ऐसे में भाजपा को एक यहां मजबूत गढ़ मिल सकेगा।