फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Know everything about India China tension LAC row

India China Tension: ढाई साल बाद फिर आमने-सामने भारत-चीन की सेना, 16 दौर की बातचीत के बाद भी तनाव बरकरार

Mon, 12 Dec 2022 09:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 12 Dec 2022 09:17 PM IST
सार

1 मई, 2020 को दोनों देशों के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे पर झड़प हो गई थी। उस झड़प में दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए थे। यहीं से तनाव की स्थिति बढ़ गई थी।

विज्ञापन
Know everything about India China tension LAC row
चीन-भारत के बीच हिंसक झड़प हुई थी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ढाई साल पहले यानी साल 2020 के मई/जून में लद्दाख के गलवां घाटी में भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद एक बार फिर नौ दिसंबर 2022 को दोनों देशों के जवान आमने-सामने आ गए। सूत्रों ने जानकारी दी है कि नौ दिसंबर को तवांग के पास भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में दोनों देशों के सैनिक घायल हो गए हैं। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यह हालात तब हैं जब दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए कोर कमांडर स्तर की 16 दौर की वार्ता हो चुकी है। 

विज्ञापन


अब दो साल बाद दोनों देशों के बीच हालात क्या हैं? क्या दोनों देशों के रिश्तों में कोई सुधार आया या पहले की तरह है? विवाद खत्म करने के लिए दोनों देश क्या-क्या कर रहे हैं? आइए जानते हैं....

विज्ञापन

मई-जून 2020 में हुआ था पूर्वी लद्धाख सेक्टर में विवाद
गौरतलब है कि 1 मई, 2020 को दोनों देशों के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे पर झड़प हो गई थी। उस झड़प में दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए थे। यहीं से तनाव की स्थिति बढ़ गई थी। इसके बाद 15 जून की रात गलवान घाटी पर भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने आ गए। इसमें 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे, जबकि चीन के 38 से ज्यादा जवान मारे गए थे। इसके बाद करीब एक साल तक दोनों देशों के बीच काफी तनाव की स्थिति थी। सीमा पर हजारों जवान तैनात कर दिए गए थे। इसके बाद से दोनों देशों ने भारी भरकम हथियारों के साथ ही 50,000 से 60,000 सैनिकों की तैनाती की हुई है। 

विज्ञापन

Know everything about India China tension LAC row
गलवान घाटी - फोटो : Social media

3488 किलोमीटर लंबे एलएसी पर विवाद
भारत-चीन सीमा विवाद में 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) शामिल है। चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत के हिस्से के रूप में दावा करता है जबकि भारत इसका विरोध करता है। अक्साई चिन लद्दाख में एक विशाल क्षेत्र है जो वर्तमान में चीनी कब्जे में है। 2019 में जारी भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, चीनी सेना ने 2016 और 2018 के बीच 1,025 बार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की। तत्कालीन रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने नवंबर 2019 में लोकसभा में बताया था कि 2016 में चीनी सेना ने 273 बार भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी, जो 2017 में बढ़कर 426 हो गई। 2018 में ऐसे मामलों की संख्या 326 थीं।

विज्ञापन

ढाई साल बाद ऐसे हैं दोनों देशों के बीच रिश्ते
मई-जून 2020 में गलवां से शुरू हुए विवाद के बाद भारत और चीन के संबंधों में तल्खियां बढ़ी हैं। विदेश मंत्री जयशंकर और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कई वैश्विक मंचों पर यह मुद्दा उठा चुके हैं। सीमा पर संबंध सुधारने की दिशा में उठाई जा रही कवायदों का जिक्र करते हुए भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर लगातार यह कहते रहे हैं कि दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों के लिए सीमा पर शांति बहाली जरूरी है। वहीं, दोनों देशों के संबंधों के बारे में बात करते हुए विदेश मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि 'मौजूदा समय भारत और चीन के रिश्ते न बहुत अच्छे हैं और न ही बहुत तल्ख हैं। हां, 16 राउंड की बातचीत के बाद स्थिति जरूर कुछ हद तक ठीक होती दिख रही है।'
 

Know everything about India China tension LAC row
विदेश मंत्री एस जयशंकर। - फोटो : ANI

कई दौर की कोर कमांडर स्तर की हो चुकी है बैठक 
दोनों देशों की सेनाओं के बीच कोर कमांडर स्तर की कई 16दौर की वार्ता हो चुकी है। हाल ही में जुलाई 2022 में 16वें दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता हुई थी। 12 घंटों से भी ज्यादा समय तक चली उस वार्ता के दौरान वार्ता के दौरान भारत ने फिर से चीन पर दबाव डाला था कि वह पूर्वी लद्दाख के विवाद वाले क्षेत्रों से सेना पूरी तरह पीछे हटाए। दोनों पक्ष संपर्क में रहने और सैन्य एवं राजनयिक माध्यमों की मदद से बातचीत बनाए रखने और शेष मुद्दों को पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर जल्द से जल्द काम करने पर सहमत हुए थे।
 

जुलाई 2022 में ही विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच बाली में हुई बातचीत में पूर्वी लद्दाख से जुड़े विवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन से इतर बाली में एक घंटे की बैठक में जयशंकर ने यी को पूर्वी लद्दाख में सभी लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान की जरूरत बताई थी। इससे पहले, भारत के विदेश मंत्री ने म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में कहा था कि दोनों देशों के रिश्तों की दशा वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी की स्थिति से तय होगी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, 'हम चीन के साथ दिक्कत का सामना कर रहे हैं। दिक्कत ये है कि 45 साल से वहां शांति थी। सीमा प्रबंधन को लेकर स्थिरता थी। 1975 से बॉर्डर पर कोई हताहत नहीं हुआ था। लेकिन ये स्थिति अब बदल गई है।' 

विदेश मंत्री ने कहा, 'हमारे चीन के साथ समझौते हुए थे कि जिसे हम सीमा कहते हैं, असल में वो वास्तविक नियंत्रण रेखा है। वहां सैन्य बल तैनात नहीं होंगे, लेकिन चीन ने उन समझौतों का उल्लंघन किया।।'

 

भारत लद्दाख सेक्टर में बुनियादी ढांचे का कर रहा विस्तार
करीब ढाई साल पहले गतिरोध शुरू होने के बाद चीनी सैन्य निर्माण का मुकाबला करने के लिए भारत ने लद्दाख सेक्टर में हजारों अतिरिक्त सैनिकों और आधुनिक सैन्य हथियारों को तैनात किया है। एलएसी के साथ अपनी आगे की तैनाती का समर्थन करने के लिए सेना द्वारा उठाए गए कदमों में 18,000 फीट तक की ऊंचाई पर तैनात सैनिकों के लिए मॉड्यूलर आश्रयों का निर्माण, पीछे के स्थानों में रिजर्व सैनिकों के लिए आवास, टैंकों के लिए भंडारण सुविधाएं, आर्टिलरी गन और अन्य उपकरण, भूमिगत सुविधाएं, गोला बारूद भंडारण के लिए भूमिगत सुविधाएं, हवाई क्षेत्र, नई सड़कें और आगे के क्षेत्रों के साथ बेहतर संपर्क के लिए कठिन इलाके में पुल और सुरंग शामिल हैं।

सेना ने सैनिकों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए लद्दाख में ऊंचाई वाले इलाकों में तालाब भी बनाए हैं। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, न केवल लद्दाख में बल्कि मध्य (उत्तराखंड) और पूर्वी क्षेत्रों (सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश) में भी बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है ताकि सेना की जरूरतों को पूरा किया जा सके और उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए क्षमता का निर्माण किया जा सके। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed