17वीं लोकसभा के पहले सत्र के तीसरे दिन बुधवार की सुबह राजस्थान के कोटा से भाजपा सांसद ओम बिड़ला निर्विरोध लोकसभा के अध्यक्ष मनोनीत हुए। कभी छात्रसंघ चुनाव से राजनीति की शुरुआत करने वाले ओम बिड़ला अब लोकसभा की कार्यवाही संभालेंगे। बिड़ला अमित शाह के काफी करीबी माने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह ने बिड़ला का नाम प्रस्तावित किया था।
ओम बिड़ला: छात्रसंघ चुनाव से लोकसभा अध्यक्ष तक, ऐसी रही सियासी यात्रा
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छात्र राजनीति से शुरुआत: चार दिसंबर 1962 को कोटा में जन्मे ओम बिड़ला छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रहे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्रसंघ चुनाव से ही की। साल 1979 में महज 17 वर्ष की उम्र में वह गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल गुमानपुरा में छात्रसंघ के अध्यक्ष बने, जबकि कॉलेज के दिनों में उन्होंने राजस्थान कॉलेज ऑफ कॉमर्स, कोटा के सह-सचिव का चुनाव जीता था।
संगठन में दबदबाः पार्टी संगठन में भी उनका खासा दबदबा रहा है। वह छह साल तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे और फिर भारतीय जनता युवा मोर्चा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें संगठन की जिम्मेदारी दी गई थी।