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पलानियाप्पम चिदंबरम: राजनीति की रपटीली राहों के बीच करते रहे वकालत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 21 Aug 2019 05:11 PM IST
पी चिदंबरम
पी चिदंबरम - फोटो : Amar Ujala
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खास बातें

  • पी. चिदंबरम 1972 में कांग्रेस में आए।
  • 1984 में सक्रिय राजनीति में आए।
  • शिवगंगा निर्वाचन क्षेत्र से वे सात बार चुनाव जीत चुके हैं।
  • राजीव गांधी सरकार में उन्होंने कार्मिक और वाणिज्य मंत्रालय में उप-मंत्री के तौर पर काम किया।
  • 1996-97 में वे देवगौड़ा और गुजराल सरकार में वित्तमंत्री रहे।
  • 2004 से 2008 तक मनमोहन सरकार में वित्तमंत्री रहे।
  • साल 2008 में उन्हें गृहमंत्री बनाया गया था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम पिछले कुछ वर्षों से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। एयरसेल-मैक्सिस डील हो या फिर आईएनएक्स मीडिया मामला, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनकी भूमिका की जांच कर रहे हैं। 20 अगस्त को सीबीआई और ईडी दिल्ली के जोरबाग स्थित उनके घर पहुंची तो वो नहीं मिले। 21 अगस्त को चिदंबरम के वकीलों ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, पर वहां से भी राहत नहीं मिली।
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एयरसेल-मैक्सिस और आईएनएक्स मीडिया मामले के अलावा चिदंबरम भगवा आतंकवाद शब्द को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। हालांकि यह मामला राजनीतिक है। जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के संबंध में भी चिदंबरम केंद्र सरकार के कदम की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर जम्मू-कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता, तो भाजपा उसका विशेष दर्जा नहीं छीनती।

आइए जानते हैं पलानियाप्पम चिदंबरम के बारे में सबकुछः

पूरा नामः पलानियाप्पम चिदंबरम (Palaniappan Chidambaram)
जन्म: 16 सितंबर 1945
जन्मस्थानः शिवगंगा, तमिलनाडु

पी. चिदंबरम (P. Chidambaram) भारतीय राजनीति की अहम शख्सियत रहे हैं। अपने नॉलेज और आगे बढ़ने की जीजिविषा से वे तमिलनाडु की राजनीति से ऊपर उठकर देश के अहम मंत्रालयों के सिरमौर बने। उन्होंने कई बड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। तत्कालीन प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह ने चिदंबरम को वित्त जैसे अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी थी। बाद में चिदंबरम तीन साल गृहमंत्री भी रहे। राजनीति की रपटीली राहों से गुजरते हुए भी उन्होंने वकालत का जुनून नहीं छोड़ा।

शुरुआती जीवन

तमिलनाडु के कनाडुकथन गांव में जन्मे चिदंबरम के दो भाई और एक बहन हैं। चिदंबरम ने चेन्नई के प्रेसीडेंसी कॉलेज से सांख्यिकी में बीएससी और मद्रास लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए किया। मद्रास हाईकोर्ट में वकील रहे। सुप्रीम कोर्ट में भी वकालत की है।

राजनीतिक जीवन

  • पी. चिदंबरम 1972 में कांग्रेस में आए।
  • 1973 में तमिलनाडु में युवा कांग्रेस अध्यक्ष और तमिलनाडु कांग्रेस प्रदेश समिति के महासचिव भी रहे।
  • 1984 में सक्रिय राजनीति में आए।
  • शिवगंगा निर्वाचन क्षेत्र से वे सात बार चुनाव जीत चुके हैं।
  • राजीव गांधी सरकार में उन्होंने कार्मिक और वाणिज्य मंत्रालय में उप-मंत्री के तौर पर काम किया।
  • 1996-97 में वे देवगौड़ा और गुजराल सरकार में वित्तमंत्री रहे।
  • 2004 से 2008 तक मनमोहन सरकार में वित्तमंत्री रहे।
  • साल 2008 में उन्हें गृहमंत्री बनाया गया।

निजी जीवन

  • चिदंबरम की शादी नलिनी से हुई। बेटे कार्ति चिदंबरम शिवगंगा से सांसद हैं। चिदंबरम को किताबें पढ़ने का शौक है। बैडमिंटन, शतरंज में भी दिलचस्पी है।
  • 2001 में उन्होंने तृणमूल पार्टी से अलग होकर अपनी “कांग्रेस जनानायक पेरावई” पार्टी का गठन किया था।
  • 2012 में जब प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रपति बनने के लिए वित्त मंत्री का पद छोड़ा, तब चिदंबरम वित्त मंत्री बनाए गए।
  • 2008 के बजट के दौरान किसानों के कर्ज को माफ करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

क्या है आईएनएक्स मीडिया मामला

सीबीआई ने मीडिया कंपनी आईएनएक्स मीडिया (INX Media) के खिलाफ 15 मई, 2017 को एक एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया ग्रुप को 305 करोड़ रुपये के विदेशी फंड लेने के लिए फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में कई तरह की अनियमितताएं बरती गईं।

जब साल 2007 के दौरान कंपनी को निवेश की स्वीकृति दी गई थी उस समय पी चिदंबरम वित्त मंत्री हुआ करते थे। चिदंबरम तब जांच एजेंसियों के रडार पर आए जब आईएनएक्स मीडिया के प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी से ईडी ने पूछताछ की। ईडी ने इस संबंध में 2018 में मनी लांड्रिंग का एक मामला भी दर्ज किया था।

एयरसेल-मैक्सिस सौदे में भी है नाम

केंद्रीय जांच एजेंसी 3500 करोड़ रुपये के एयरसेल मैक्सिस सौदे में भी चिदंबरम की भूमिका की जांच कर रही है। साल 2006 में मलेशियाई कंपनी मैक्सिस ने एयरसेल में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली थी। इस मामले में रजामंदी देने को लेकर चिदंबरम पर अनियमितताएं बरतने का आरोप है।

वो 2006 में हुए इस सौदे के वक्त पहली यूपीए सरकार में वित्त मंत्री थे। 2जी से जुड़े इस केस में चिदंबरम और उनके परिवार पर हवाला मामले में केस दर्ज है।

आरोप है कि विदेशी निवेश को स्वीकृति देने की वित्त मंत्री की सीमा महज 600 करोड़ है फिर भी 3500 करोड़ रुपये के एयरसेल-मैक्सिस डील को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की इजाजत के बिना पास कर दिया गया।

लेकिन पी चिदंबरम ने हमेशा अपने और अपने बेटे के ख़िलाफ सभी इल्जामों को खारिज किया है। उनके अनुसार उनके खिलाफ आरोप राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित हैं।
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