भारत का काजीरंगा राष्ट्रीय अद्यान देश की 36 वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स में से एक है। यह दुनियाभर में एक सींग वाले गेंडे (भारतीय गेंडे) के लिए मशहूर है। बता दें यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व विरासत स्थलों की सूची में इसका प्रमुख स्थान है। इसके अलावा यहां बाघ और अन्य जीव भी खूब पाए जाते हैं। यह उद्यान भारत के असम राज्य का एक राष्ट्रीय उद्यान है।
430 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला है उद्यान
यह उद्यान मध्य असम में 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यह उद्यान भारत के एक सींग वाले गेंडे यानि राइनोसेरोस, यूनीकोर्निस का निवास स्थान है। काजीरंगा को साल 1905 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। यह सर्दियों में और भी ज्यादा खूबसूरत हो जाता है।
साइबेरिया से आते हैं मेहमान पक्षी
उस समय वहां साइबेरिया से मेहमान पक्षी आते हैं। काजीरंगा की एक खास बात ये भी है कि यहां विभिन्न प्रजातियों के बाज, चीलें और तोते भी आते हैं। इस उद्यान का प्राकृतिक परिवेश वनों से युक्त है। जहां बड़ी एलिफेंट ग्रास, मोटे वृक्ष, दलदली स्थान और उथले तालाब हैं।
एक सींग वाले गेंडे के अलावा रहते हैं ये भी
यहां एक सींग वाले गेंडे के अलावा हाथी, भारतीय भैंसा, हिरण, सांभर, भालू, बाघ, चीते, सूअर, बिल्ली, जंगली बिल्ली, हॉग बैजर आदि पाए जाते हैं। यहां अनेक प्रकार की चिड़िया जैसे पेलीकन, बत्तख, कलहंस, हॉर्नबिल, आइबिस, जलकाक, अगरेट, बगुला, काली गर्दन वाले स्टॉर्क, लेसर एडजुलेंट आदि पाई जाती हैं।
साल 2005 में 100 वर्ष का हुआ था उद्यान
साल 2005 में यह उद्यान 100 वर्ष का हो गया था। भारत में विभिन्न पक्षियों और जीवों का अद्भुत नजारा देखने के लिए काजीरंगा विश्वभर में प्रसिद्ध है। इससे पहले साल 2012 में काजीरंगा खबरों में तब आया था जब यहां बाढ़ के कारण 500 से ज्यादा जानवरों की मौत हो गई थी।