फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Know about difference of pakistan hindu marriage act and india's hindu marriage act

कितना अलग है भारत और पाकिस्तान का हिंदू मैरिज एक्ट, जानिए?

Thu, 23 Mar 2017 11:55 AM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Thu, 23 Mar 2017 11:55 AM IST
विज्ञापन
Know about difference of pakistan hindu marriage act and india's hindu marriage act

पाकिस्तान में एक बड़े फैसले में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने अपने देश में हिंदू मैरिज एक्ट को अनुमति दे दी। नए कानून के अमल में आने के बाद पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदुओं को विवाह को लेकर सामाजिक और धार्मिक आजादी तो मिलेगी ही कानूनी रूप से भी इसकी मान्यता बढ़ेगी।

विज्ञापन


नए कानून को पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हितों को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पाकिस्तान में नए 'हिंदू विवाह अधिनियम 2017' का उद्देश्य हिंदू परिवारों के वैध अधिकारों और हितों की सुरक्षा करने के साथ उनके विवाह, परिवार, मां और बच्चों की भी सुरक्षा करना है।
विज्ञापन


ऐसे में रोचक सवाल ये है कि भारत के हिंदू मैरिज एक्ट और पाकिस्तान के हिंदू मैरिज एक्ट में क्या है अंतर। आइए जानते हैं इस बारे, और बताते हैं आपको दोनों देशों के हिंदू मैरिज एक्ट के बारे में।

विज्ञापन
विज्ञापन

भारत मैरिज एक्ट की विशेषताएं

Know about difference of pakistan hindu marriage act and india's hindu marriage act

1. हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के अनुसार कोई भी हिंदू स्त्री या पुरुष दूसरे हिंदू स्त्री या पुरुष से शादी कर सकता है, चाहे वह किसी जाति का हो।
2. भारत के हिंदू मैरिट एक्ट में एक विवाह की ही मान्यता है द्विविवाह अमान्य एवं दंडनीय भी है।
3. कुछ परिस्थितियों में न्यायिक पृथक्करण, विवाह-संबंध-विच्छेद तथा विवाह शून्यता की डिक्री की घोषणा की व्यवस्था की गई है।
4. प्रवृत्तिहीन तथा विवर्ज्य विवाह के बाद और डिक्री पास होने के बीच पैदा हुई संतान भी वैध मानी जाएगी।
5. अदालतों को यह ‌अधिकार दिया गया है कि वह हर वैवाहिक झगड़े में समाधान कराने का पूरा प्रयास करें।
6. विवाद की स्थिति में कोर्ट परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद अपने विवेक से तलाक होने पर गुजारा भत्ता की व्यवस्था कर सकता है। 
7. न्यायालयों को इस बात का अधिकार भी दिया गया है कि अवयस्क बच्चों की देख रेख एवं भरण पोषण के लिए किसी को जिम्मेदार बना दे।
8. हिंदू मैरिज एक्ट में लड़की की शादी की न्यूनतम आयु 18 साल और युवक की 21 साल तय की गई है।

पाकिस्तान मैरिज एक्ट की विशेषताएं

Know about difference of pakistan hindu marriage act and india's hindu marriage act

1. पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू अपनी शादी को पंजीकृत कराकर प्रमाणपत्र भी हासिल कर सकेंगे। यह उनका पहला पर्सनल लॉ है। 
2. पाकिस्तान के सिंध में यह पहले से ही लागू था, बाकी तीन राज्यों पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में यह अब लागू होगा।
3. बिल से पाकिस्तान में हिंदू महिलाओं के धर्मांतरण पर रोक लगेगी। 
4. पति की मृत्यु के बाद महिला छह महीने बाद दूसरी शादी कर सकेगी। 
5. पहली पत्नी के होते हुए दूसरी शादी करना अब दंडनीय होगा। ऐसा करने पर छह महीने की सजा भी हो सकती है। 
6. तलाक के लिए एक साल अलग अलग रहना होगा जरूरी। 
7. बिल के अनुसार युवक युवती की शादी की उम्र 18 साल होना जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed