पश्चिम बंगाल: ऑनर किलिंग के संदिग्ध मामले में किशोरी की हत्या, गंगा में बहाया शव, माता-पिता गिरफ्तार
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पुलिस ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ऑनर किलिंग के एक संदिग्ध मामले में 16 साल की एक किशोरी की हत्या कर उसके शव को गंगा में बहा देने के आरोप में उसके माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि माता-पिता उस किशोरी के एक युवक के साथ प्रेम संबंधों के खिलाफ थे। हत्या की घटना शुक्रवार की है। उसके बाद शनिवार को उक्त दंपति को गिरफ्तार किया गया। एक स्थानीय अदालत ने उनको पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
जिले के भूटनी थाने के तहत महेंद्र टोला गांव के रहने वाले धीरेन मंडल (45) और सुमति मंडल (40) की किशोरी पुत्री प्रतिमा मंडल का पड़ोसी गांव के अचिंत्य मंडल के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस ने बताया कि लड़की के माता-पिता इस संबंध के खिलाफ थे। इसी वजह से उसने नारायणपुर हाई स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली अपनी पुत्री की बेरहमी से हत्या कर दी और उसका शव एक बोरे में भर कर उसे गंगा में बहा दिया। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने पुत्री की हत्या के आरोप में उक्त दंपति को गिरफ्तार कर लिया।
भूटनी थाने के ओसी अभिषेक तालुदार ने कहा कि इस मामले में ऑनर किलिंग की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अभियुक्तों ने शुरुआती पूछताछ में बताया है कि प्रतिमा के प्रेमी के निचली जाति का होने की वजह से उनको इस संबंध पर एतराज था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।
मालदा के पुलिस अधीक्षक आलोक राजौरिया ने बताया कि लड़की का शव बरामद करने के लिए गोताखोरों की सहायता से नदी में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन अब तक उसे बरामद नहीं किया जा सका है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि मंडल दंपति ने अपनी पुत्री को बार-बार उस युवक के साथ संबंध तोड़ने को कहा था। लेकिन वह नहीं मानी। शुक्रवार शाम को इसी बात पर घर में झगड़ा हुआ और दंपति ने गला घोंट कर प्रतिमा की हत्या कर दी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुत्री की हत्या के बाद उस दंपति ने शव को एक बोरे में भरा और स्थानीय घाट से एक नाव चुरा कर नदी के बीच ले जाकर बोरे को फेंक दिया। नाव के मालिक को किसी ने बताया कि उसकी नाव को मंडल दंपति ले गए हैं।
मंडल दंपति के गांव लौटने पर नाव के मालिक व गांव वालों ने उनसे पूछताछ शुरू की। प्रतिमा को घर में नहीं देख कर गांव वालों को संदेह हुआ। गांव वालों के दबाव डालने पर मंडल दंपति ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसके बाद किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दी। उसके आधार पर मंडल दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया।