फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kisan Mahapanchayat: samyukt kisan morcha demands msp guarantee bill from govt

Kisan Mahapanchayat: किसानों की सरकार को चेतावनी, मांगें नहीं मानी तो फिर करना होगा आंदोलन का सामना

Mon, 22 Aug 2022 07:16 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 22 Aug 2022 07:16 PM IST
सार

Kisan Mahapanchayat: संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल किसान संगठनों का कहना है कि वादा करने के बाद भी किसानों की मांगें अभी तक नहीं मानी गई हैं। किसान संगठनों की मांग है कि एमएसपी गारंटी कानून बने। लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ित किसान परिवारों को इंसाफ मिले...

विज्ञापन
Kisan Mahapanchayat: samyukt kisan morcha demands msp guarantee bill from govt
Kisan Mahapanchayat: जंतर मंतर पर किसान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर किसानों संगठनों ने कूच कर दिया है। इस महापंचायत में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान समेत दक्षिण भारत के राज्यों के किसान बड़ी संख्या में जुटे। जबकि दूसरी तरफ किसान संगठन के आंदोलन की चेतावनी को देखते हुए सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। इसके अलावा दिल्ली-हरियाणा और दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर बैरीकेडिंग कर दी गई है। इसी दौरान पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन असली अराजनैतिक के अध्यक्ष समेत चौधरी हरपाल सिंह बिलारी समेत सैकड़ों किसानों को पुलिस ने दिल्ली जाते हुए गाजीपुर बॉर्डर पर ही दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इधर, केंद्र का कहना है कि किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार कभी भी पीछे नहीं हटेगी।

विज्ञापन

इन मांगों को लेकर किसान फिर कर रहे आंदोलन

दरअसल, संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल किसान संगठनों का कहना है कि वादा करने के बाद भी किसानों की मांगें अभी तक नहीं मानी गई हैं। किसान संगठनों की मांग है कि एमएसपी गारंटी कानून बने। लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ित किसान परिवारों को इंसाफ मिले। लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को गिरफ्तार किया जाए।

विज्ञापन


किसानों का कहना है कि किसान आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। किसानों के बिजली बिलों को लेकर 2022 के नियम रद्द किए जाएं। गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के बकाया मुआवजे का भुगतान तुरंत किया जाए। सभी किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए। किसान संगठनों ने यह भी कहा है कि सेना में अग्निपथ भर्ती योजना को केंद्र सरकार वापस ले।
विज्ञापन
विज्ञापन


अमर उजाला से चर्चा में किसान संगठनों का कहना है कि एमएसपी के मुद्दों पर किसानों और सरकार के बीच कमेटी बनाने पर सहमति बनी थी। केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत में यह तय किया गया था कि केंद्र सरकार एक कमेटी बनाएगी। इसमें संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। जिन फसलों पर एमएसपी मिल रही है वह आगे भी जारी रहेगी।

इसके अलावा सरकार और किसानों के बीच सहमति बनी थी कि आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएंगे। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब सरकार और रेलवे की तरफ से दर्ज किए सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। किसान संगठनों की तरफ से दावा किया गया कि आंदोलन में 700 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौतें हुई हैं। यूपी, हरियाणा और पंजाब सरकार पीड़ित किसानों के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देगी। लेकिन इस मामले में भी अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है।

इसके अलावा किसानों की मांग है कि सरकार प्रदूषण कानून वापस ले। इस कानून के तहत पराली जलाने वाले किसानों या प्रदूषण करने वाले किसानों पर जुर्माना लगाया जाएगा। किसान संगठनों का दावा है कि सरकार अपना वादा पूरा नहीं कर रही है, वहीं सरकार का कहना है कि किसानों की कई मांगें मान ली गई हैं तो कुछ अन्य मांगें पूरी होने की प्रक्रिया में हैं।

19 नवंबर 2021 को कृषि कानून वापसी की घोषणा

किसानों के भारी विरोध प्रदर्शन और संयुक्त किसान मोर्चा के साथ 11 दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2021 को गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर तीनों विवादित कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की थी। 29 नवंबर को नए कृषि बिल को लोकसभा और राज्यसभा से पास करवाकर वापस ले लिया गया। इस तरह से केंद्र सरकार ने किसानों पहली मांग को पूरा कर अपना वादा निभाया। किसानों की पहली मांग यही थी कि नए कृषि कानून वापस लिए जाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed