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कांग्रेस का किसान कार्ड: कर्जा माफ, बिजली के बिल हॉफ
विनोद अग्निहोत्री
Updated Thu, 01 Sep 2016 09:59 PM IST
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राहुल गांधी
- फोटो : file photo
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सिर्फ ब्राह्मण कार्ड के ही भरोसे नहीं बैठेगी। पार्टी विधानसभा चुनावों में जीत के लिए आक्रामक किसान कार्ड भी खेलेगी। किसानों के लिए कांग्रेस एक अभियान शुरु करने जा रही है जिसका नारा होगा कर्जा माफ बिजली के बिल हॉफ समर्थन मूल्य का हिसाब। कांग्रेस का यह किसान अभियान छह सितंबर को देवरिया से शुरु होने वाली राहुल गांधी की प्रदेश व्यापी यात्रा के साथ ही शुरु हो जाएगा।
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अपने इस नारे के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता गांव गांव घर घर जाकर लोगों से एक फार्म भरवाएंगे, जिसे किसान मांग पत्र का नाम दिया गया। इसमें राहुल गांधी के चित्र के साथ ये तीनों नारे एक वादे केरूप में लिखे होंगे। कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के किसान अभियान केलिए समर्थन के लिए उनके हस्ताक्षर लेंगे। उनके मोबाइल फोन से पार्टी के निर्देशित नंबर पर मिस्ड कॉल देंगे। फिर उसी फार्म की एक पर्ची रसीद के रूप में दी जाएगी जो कांग्रेस की ओर से लिखित वादा होगा कि अगर उसकी सरकार बनती है तो सबसे पहले ये तीन वादे पूरे किए जाएंगे।
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यह जानकारी देने वाले प्रदेश कांग्रेस के एक शीर्ष नेता के मुताबिक पार्टी के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बात किसानों के बीच सीधे पहुंचाने और उनका समर्थन लेने की यह रणनीति तैयार की है। इसके तहत हर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी का टिकट मांग रहे संभावित पांच मजबूत दावेदारों से कहा गया है कि वह अपने अपने क्षेत्रों में एक एक ब्लॉक चुन लें और वहां पांच पांच हजार किसानों से उनके घरों पर जाकर सीधे संपर्क करें और उक्त फार्म पर हस्ताक्षर कराकर पार्टी के किसान अभियान के लिए समर्थन हासिल करें।
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आकलन है कि प्रत्येक ब्लॉक से कम से कम 25 हजार लोगों से संपर्क करके उनके हस्ताक्षर लेकर फार्म भेजे जाएँगे। इस तरह कुल मिलाकर राज्य भर में दो करोड़ से ज्यादा लोगों तक पार्टी अपने किसान अभियान केजरिए सीधे पहुंचेगी और उनसे समर्थन का वादा लेगी और अपना लिखित वादा उन्हें देगी। एक तरह से यह पार्टी और मतदाता केबीच समर्थन और वादा पूरा करने का एक करार होगा।