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Karnataka: महिला ने मुआवजा राशि सिद्धारमैया के काफिले पर फेंकी, दंगा पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे थे अस्पताल
Fri, 15 Jul 2022 10:54 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 15 Jul 2022 10:54 PM IST
सार
विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया घायल युवक को राशि सौंपकर लौट ही रहे थे कि युवक की बहन ने अपना गुस्सा निकाल दिया। उसने सिद्धारमैया से कहा कि वह न्याय चाहती हैं न कि पैसा। तब कांग्रेस नेता ने उन्हें शात करने की कोशिश की और वहां से चले गए।
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महिला ने मुआवजा राशि लेने से इनकार किया
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कर्नाटक के बागलकोट जिले में सांप्रदायिक हिंसा पीड़ित परिवार की एक महिला ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के हाथों मुआवजा राशि लेने से इनकार कर दिया है और उसे उनके वाहन पर फेंककर अपना आक्रोश जताया। सिद्धारमैया हिंसा में घायल हुए लोगों से मिलने जा रहे थे।
महिला ने बाद में मीडिया से कहा, "हम जो चाहते हैं वह न्याय है, कोई मुआवजा या सहानुभूति नहीं। मेरे साथ जो कुछ भी हुआ वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। मैं सिद्धारमैया या वोट मांगने आने वाले किसी भी व्यक्ति से हर दिन राहत की भीख नहीं मांग सकती।'
प्रत्येक घायल व्यक्ति को दिया 50 हजा रुपये का मुआवजा
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने प्रत्येक घायल व्यक्ति को मुआवजे के रूप में पचास हजार रुपये दिए। इससे एक हिंदू और साथ ही एक मुस्लिम परिवार नाराज हो गए। उन्होंने न्याय की मांग की।
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विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया घायल युवक को राशि सौंपकर लौट ही रहे थे कि युवक की बहन ने अपना गुस्सा निकाल दिया। उसने सिद्धारमैया से कहा कि वह न्याय चाहती हैं न कि पैसा। तब कांग्रेस नेता ने उन्हें शात करने की कोशिश की और वहां से चले गए।
'हिंदुओं और मुसलमानों को न्याय चाहिए'
महिला नजमा ने सिद्धारमैया की कार का पीछा करने की कोशिश की और काफिले पर पैसे का बंडल फेंक दिया, जिसका एक वीडियो वायरल हो रहा है। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए न कि पैसा। हिंदुओं और मुसलमानों को न्याय चाहिए। हमें एक मां के बच्चों की तरह जीना है। जिस तरह से हम पीड़ित हैं, किसी को भी पीड़ित नहीं होना चाहिए। नजमा ने कहा कि जिले के केरूर शहर में हिंसा के तुरंत बाद कोई भी नेता उनसे मिलने नहीं आया।
घटना पर सिद्धारमैया ने क्या कहा?
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि किसी ने महिला को उकसाया होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि परिवार ने आखिरकार पैसे स्वीकार कर लिए। पैसा उन्हें दे दिया गया है। यह (मुआवजा राशि) मानवता के नाते दिया गया था। ऐसा नहीं है कि यह उन सभी कठिनाइयों को कम करने के लिए पर्याप्त होगा जिनका वे सामना कर रहे हैं।
सिद्धारमैया बोले- मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं से पूछना चाहिए ये सवाल
सिद्धारमैया ने कहा, "हम जनप्रतिनिधि यहां यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि ऐसी कोई घटना न हो। लोगों को मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं से पूछना चाहिए। आपको यह सवाल (न्याय की मांग) उनसे करना चाहिए।
भाजपा ने किया पलटवार
भाजपा ने सिद्धारमैया पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के दिग्गज नेता के तुष्टिकरण ने उस महिला को नाराज कर दिया, जिसने उनके वाहन पर पैसे फेंके। एक ट्वीट में पार्टी ने कहा, सिद्धारमैया ने अपना गौरव दिखाने के लिए अभियान के तहत एकत्र किए गए दान का उपयोग किया है।
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महिला ने बाद में मीडिया से कहा, "हम जो चाहते हैं वह न्याय है, कोई मुआवजा या सहानुभूति नहीं। मेरे साथ जो कुछ भी हुआ वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। मैं सिद्धारमैया या वोट मांगने आने वाले किसी भी व्यक्ति से हर दिन राहत की भीख नहीं मांग सकती।'
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प्रत्येक घायल व्यक्ति को दिया 50 हजा रुपये का मुआवजा
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने प्रत्येक घायल व्यक्ति को मुआवजे के रूप में पचास हजार रुपये दिए। इससे एक हिंदू और साथ ही एक मुस्लिम परिवार नाराज हो गए। उन्होंने न्याय की मांग की।
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विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया घायल युवक को राशि सौंपकर लौट ही रहे थे कि युवक की बहन ने अपना गुस्सा निकाल दिया। उसने सिद्धारमैया से कहा कि वह न्याय चाहती हैं न कि पैसा। तब कांग्रेस नेता ने उन्हें शात करने की कोशिश की और वहां से चले गए।
'हिंदुओं और मुसलमानों को न्याय चाहिए'
महिला नजमा ने सिद्धारमैया की कार का पीछा करने की कोशिश की और काफिले पर पैसे का बंडल फेंक दिया, जिसका एक वीडियो वायरल हो रहा है। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए न कि पैसा। हिंदुओं और मुसलमानों को न्याय चाहिए। हमें एक मां के बच्चों की तरह जीना है। जिस तरह से हम पीड़ित हैं, किसी को भी पीड़ित नहीं होना चाहिए। नजमा ने कहा कि जिले के केरूर शहर में हिंसा के तुरंत बाद कोई भी नेता उनसे मिलने नहीं आया।
घटना पर सिद्धारमैया ने क्या कहा?
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि किसी ने महिला को उकसाया होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि परिवार ने आखिरकार पैसे स्वीकार कर लिए। पैसा उन्हें दे दिया गया है। यह (मुआवजा राशि) मानवता के नाते दिया गया था। ऐसा नहीं है कि यह उन सभी कठिनाइयों को कम करने के लिए पर्याप्त होगा जिनका वे सामना कर रहे हैं।
सिद्धारमैया बोले- मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं से पूछना चाहिए ये सवाल
सिद्धारमैया ने कहा, "हम जनप्रतिनिधि यहां यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि ऐसी कोई घटना न हो। लोगों को मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं से पूछना चाहिए। आपको यह सवाल (न्याय की मांग) उनसे करना चाहिए।
भाजपा ने किया पलटवार
भाजपा ने सिद्धारमैया पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के दिग्गज नेता के तुष्टिकरण ने उस महिला को नाराज कर दिया, जिसने उनके वाहन पर पैसे फेंके। एक ट्वीट में पार्टी ने कहा, सिद्धारमैया ने अपना गौरव दिखाने के लिए अभियान के तहत एकत्र किए गए दान का उपयोग किया है।