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खुशखबर: वायुसेना में दिखी देश की ताकत के साथ आप के मतलब की और भी खबरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 09 Oct 2018 04:39 AM IST
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पहली अच्छी खबर वो जो देश का मान बढ़ा रही है.. 86वें वायुसेना दिवस को जितने शानदार तरीके से मनाया गया उतनी ही शान से देश की ताकत को दिखाया गया। इस मौके पर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर वायुसेना के लड़ाकू विमानों की परेड देखने को मिली जिसमें भारत के जंगी विमानों ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। परेड के दौरान जगुआर, बिसन, MiG-29,मिराज-2000, सुखोई एयरक्राफ्ट ने अपनी ताकत का नमूना पेश किया। और ये नजारे देखने लायक रहा जिसने सभी की शान और बढ़ा दी।
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एशियन पैरा गेम्स में भारत को पहला गोल्ड
जेवलिन थ्रो यानी भालाफेंक खिलाड़ी संदीप चौधरी ने मौजूदा एशियाई पैरा खेलों में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया है। संदीप चौधरी ने पुरुषों की एफ 42.44/61.64 इवेंट में पहला स्थान हासिल किया जिन्होंने 60.01 मीटर का थ्रो लगाया। श्रीलंका के चमिंडा संपत हेत्ती ने रजत पदक जीता, जिनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 59.32 मीटर का था। ईरान के ओमिदी अली ने कांस्य पदक जीता, जिनका स्कोर 58.97 मीटर था। मगर इन दोनों ही खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए संदीप चौधरी ने गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया। बता दें चौधरी एफ 42.44 / 61.64 वर्ग के खिलाड़ी हैं जो पैरों की लंबाई में विकार, मांसपेशियों की कमजोरी से संबंधित है।
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अंशिका की बहादुरी से इंप्रेस हुए गृहमंत्री राजनाथ
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राजधानी में बदमाशों से मोर्चा लेने वाली बहादुर अंशिका पांडेय को सम्मानित किया। उसे एक लाख रुपये और एक शील्ड प्रदान की गई। गृहमंत्री ने अपने भाषण में अंशिका का जिक्र करते हुए कहा कि जब राष्ट्रपति भवन में उसका सम्मान हो रहा था, उसी वक्त मैंने तय किया था कि लखनऊ की इस बेटी का लखनऊ में सम्मान होना चाहिए।बता दें, वर्ष 2017 में अंशिका को स्कूल से लौटते वक्त कुछ बदमाशों ने उसका अपहरण करने की कोशिश की थी। मगर उसने बहादुरी से बदमाशों का सामना करते हुए उन्हें भागने के लिए मजबूर कर दिया था।
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अंशिका की बहादुरी से इंप्रेस हुए गृहमंत्री राजनाथ
प्राथमिक उपचार यानी फर्स्ट एड की ट्रेनिंग लेकर होनहारों ने खुद को फर्स्ट साबित कर दिया है। राजधानी के 3540 बच्चों ने एक साथ फर्स्ट एड दिए जाने की ट्रेनिंग लेकर गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले ये रिकार्ड यूनाइटेड किंगडम के 2582 बच्चों ने बनाया था। इसमें शहर के करीब 15 स्कूलों के 3540 बच्चे शामिल हुए। निर्धारित 90 मिनट से भी कम समय में छात्र- छात्राओं ने इस रिकॉर्ड को बनाया।