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बड़ा खुलासा: कनाडा में पंजाब से हो रही मानव तस्करी, गुरुद्वारों में रागी-सेवादार बनाकर बुला रहे खालिस्तानी

Tue, 26 Sep 2023 01:21 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Tue, 26 Sep 2023 01:21 PM IST
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सार
Human trafficking: आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस जैसे कई आतंकी समूहों ने खालिस्तान जनमत संग्रह करने में ऐसे ही सिख युवाओं को आगे कर यह संदेश देने की कोशिश की जाने लगी कि उनके साथ समूचा पंजाब और सिख कौम खड़ी है। जबकि हकीकत में ना तो समूचा पंजाब बिन चरण पंथ्यों के साथ है और न सिख कौम इनके साथ खड़ी है...
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Khalistan: Human trafficking is happening from Punjab in Canada, Khalistanis are involved
Khalistani: human trafficking - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथियों ने भारत के खिलाफ रची जा रही सबसे बड़ी साजिशों में एक और खुलासा हुआ है। खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकियों ने पंजाब के युवाओं को ह्यूमन ट्रैफिकिंग के माध्यम से न सिर्फ कनाडा के अलग-अलग शहरों में प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, ड्राइवर और गुरुद्वारों में काम करने वाले रागी, पंथी और सेवादारों लोगों के तौर पर बुलाया। बल्कि उसके बाद गुमराह कर बुलाए गए इन सिख युवाओं का इस्तेमाल अपने खालिस्तानी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करने लगे। खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस जैसे कई आतंकी समूहों ने खालिस्तान जनमत संग्रह करने में ऐसे ही सिख युवाओं को आगे कर यह संदेश देने की कोशिश की जाने लगी कि उनके साथ समूचा पंजाब और सिख कौम खड़ी है। जबकि हकीकत में ना तो समूचा पंजाब बिन चरण पंथ्यों के साथ है और न सिख कौम इनके साथ खड़ी है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक कनाडा में बसे खालिस्तान समर्थकों का महज एक एजेंडा है। अभी भी कनाडा में ऐसे ही मानव तस्करी के माध्यम से यह आतंकी संगठन पंजाब के युवाओं को लगातार बुला रहे हैं।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक खालिस्तानी आतंकी गुरु पतवंत सिंह पन्नू समेत मोनिंदर सिंह बुआल, परमिंदर सिंह पंगली और भगत सिंह बराड़ जैसे लोगों ने कनाडा की धरती पर भारत के खिलाफ खालिस्तान मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब के युवाओं को ह्यूमन ट्रैफिकिंग के माध्यम से बुलाने की खतरनाक साजिशें रचनी शुरू कर दी थीं, जो अभी भी चल रहीं हैं। इसके लिए बाकायदा संगठित तरीके से पंजाब के मासूम युवाओं को कनाडा में अच्छी जिंदगी जीने का सपना दिखा कर वहां प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, ड्राइवर और गुरुद्वारों में सेवादार, पंथी और रागी के लिए बुलाने की पूरी रणनीति बनाई थी। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक इसी रणनीति के तहत खालिस्तान समर्थकों ने पंजाब से बड़ी संख्या में युवाओं को ऐसे ही पदों के लिए वीजा लगवाने की और उनको स्पॉन्सरशिप के माध्यम से बुलाने की योजनाएं शुरू कीं। सूत्रों का कहना है कि इस तरह अवैध रूप से या तो नाम बदलकर और गलत तरीके की प्रक्रिया अपनाकर फर्जी तरीके से लोगों को नौकरी का ऑफर लेटर भेज कर बुलाया जा रहा था।

केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे सिर्फ और सिर्फ मकसद खालिस्तान के उसे एजेंडे को कनाडा की धरती से आगे बढ़ाने का था, जिसके लिए वह पंजाब के मासूम युवाओं को बुला रहे थे। एजेंसियों से जुड़े सूत्र तो यह भी बताते हैं कि खालिस्तान समर्थकों का एक समूह कनाडा में रह रहे उन युवाओं पर भी नजर रखता था, जो आते तो पढ़ाई के लिए थे लेकिन बाद में वह पार्ट टाइम जॉब या कोर्स पूरा करने के बाद कहीं पर नौकरी करने के लिए भटक रहे होते थे। साजिशों के तहत खालिस्तानी समर्थक इन युवाओं को अपने मकसद के लिए इस्तेमाल करने लगते थे। सूत्रों का कहना है कि जब जब खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह की तैयारी चरमपंथियों ने की, उसमें सबसे ज्यादा पहुंचने वालों की संख्या में वही युवा थे, जिनका खालिस्तानियों ने पहले से मानव तस्करी के जरिए बुलाया गया था। दरअसल कनाडा में रहने वाले बहुसंख्य सिख इन खालिस्तानी आतंकियों और चरमपंथियों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देना चाहते थे। यही वजह रही कि जब-जब खालिस्तानियों ने जनमत संग्रह की बात की, तो स्थानीय सिखों की संख्या ना के बराबर ही रही। जबकि मानव तस्करी के माध्यम से बुलाए गए युवाओं की भीड़ दिखाकर खालिस्तानी चरमपंथी अपने सफल होने वाले मंसूबे का फर्जी प्रदर्शन करते थे।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक कनाडा के ब्राम्पटन और एडमोंटन इलाके के तकरीबन 27 से ज्यादा गुरुद्वारों पर सिख फॉर जस्टिस के गुरुपवंत सिंह पन्नू समेत कई अन्य खालिस्तानियों का बड़ा दबाव रहा है। इन गुरुद्वारों के माध्यम से पंजाब के युवाओं को कनाडा बुलाने की बड़ी फर्जी प्रक्रिया चलती रही। सूत्रों का कहना है कि पंजाब से कनाडा बुलाए जाने वाले सिखों के लिए इन्हीं अलग-अलग गुरुद्वारों से बाकायदा रागी, पंथी सेवादारों की मांग बढ़ाई जाती थी। फिर इन गुरुद्वारों में अलग तरह से किए जाने वाले कार्यों के लिए भी दिहाड़ीदार के तौर पर लोगों को कनाडा का वीजा लगवाने की प्रक्रिया होती थी और बाद में उनको बुलाया जाता था। इसमें प्लंबर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन और ड्राइवर जैसे पद भी शामिल किए जाते थे।

खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक निज्जर, बुआल और बराड़ जैसे खालिस्तानियों ने अपने खतरनाक मंजूरों को यहीं पर नहीं रोका, बल्कि पंजाब के गैंगस्टर को भी कनाडा आने का बड़ा रास्ता तैयार किया। जानकारी के मुताबिक कनाडा की जमीन से खालिस्तानी आतंकियों ने पंजाब के बांबिया, अर्श दल्ला और लांडा गैंग के माध्यम से पंजाब में माहौल बिगाड़ने की बड़ी साजिशें रचनी शुरू कीं। कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकियों की शह पर इन गैंगस्टर ने पंजाब में न सिर्फ आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया, बल्कि उसके बदले में निज्जर, बुआल और बराड़ जैसे खालिस्तानी आतंकियों ने इन गैंगस्टर को कनाडा बुलाकर खालिस्तान के पक्ष में माहौल बनाने की साजिशों को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। विदेशी मामलों के जानकार लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) जेपी दुआ कहते हैं कि लंबे समय से कनाडा में इस तरह से ह्यूमन ट्रैफिकिंग के माध्यम से खालिस्तानी समर्थक न सिर्फ पंजाब के गैंगस्टर को कनाडा बुला रहे थे, बल्कि युवाओं को भी फर्जी नौकरियों के दस्तावेजों के आधार पर बुलाने का बड़ा रैकेट चला रहे थे। लेफ्टिनेंट कर्नल दुआ कहते हैं कि यह सब अभी भी लगातार चल रहा है और कनाडा की एजेंसियों को इसकी भनक न हो यह संभव नहीं है।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियो से जुड़े सूत्र बताते हैं कि कनाडा हमेशा से ही आतंकियों के लिए बड़े सुरक्षित पनागाह के तौर पर देखा जाता रहा है। विदेशी मामलों के जानकार लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) दुआ कहते हैं कि चाहे कनिष्क विमान हादसा रहा हो या कनाडा में रह रहे खालिस्तानी आतंकियों के लिए पाकिस्तान में दी जाने वाली खतरनाक ट्रेनिंग। पंजाब में होने वाली आतंकी घटनाओं के गुनहगारों का कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकियों के साथ मजबूत रिश्ते की बात सामने आई हो या फिर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कनाडा सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सुरक्षा रही हो। सभी में लगातार कनाडा सरकार ही कटघरे में खड़ी होती रही है। वह कहते हैं बीते कुछ समय में तो हालात ऐसे हो गए हैं कि खालिस्तानी चरमपंथियों और आतंकियों के बीच खुले रिश्ते सामने आ चुके हैं। कनाडा में रह रहे भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर बांबिया, अर्श दल्ला और लांडा गैंग कि भारत में आतंकी साजिशों में शामिल होने की पुख्ता जानकारी के बाद भी कनाडा सरकार ने इन पर कोई कार्रवाई अब तक नहीं की है।

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