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Khabaron Ke Khiladi: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूछे जा रहे सवाल कितने जायज? विश्लेषकों ने बताई इसके पीछे की सियासत

Sat, 24 May 2025 09:07 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sat, 24 May 2025 09:07 PM IST
सार

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर से कई सवाल पूछे हैं। जवाब में भाजपा ने राहुल पर पलटवार किए हैं। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी वाद-विवाद और इसके मायने को लेकर चर्चा हुई। 

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Khabron Ke Khiladi Operation Sindoor NDA vs INDIA Congress Rahul Gandhi Pahalgam Terror Attack Analysis Expert
खबरों के खिलाड़ी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी की हर कोई बात कर रहा है। सेना के शौर्य की बात के बीच अब इसे लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी इसी आरोप-प्रत्यारोप पर इस हफ्ते ‘खबरों के खिलाड़ी’ में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, समीर चौगांवकर, पूर्णिमा त्रिपाठी, हर्षवर्धन त्रिपाठी और राजकिशोर मौजूद रहे। 
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पूर्णिमा त्रिपाठी: सवाल पूछना लोकतंत्र में सभी का हक है। आप सवाल पूछ सकते हैं। सरकार पर विपक्ष सवाल नहीं उठाये ये नहीं सोचा जा सकता है, लेकिन जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर को अचानक से रोका गया। उससे पहले ट्रंप ट्वीट कर चुके थी हमने व्यापार रोकने की धमकी दी तो दोनों देश संघर्ष रोकने को राजी हो गए। इसी ने सवाल खड़े किए। चार दिन तक ट्रंप बयान दोहराते रहे, उस पर सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आना सवालों को जन्म देता है। 
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रामकृपाल सिंह: सवाल पूछने का हक हर किसी को है, लेकिन जवाब देने का हक भी सरकार को है। ऐसे कॉन्फ्लिक्ट हमेशा रहे हैं। तरह-तरह की चीजें चल रही हैं। पश्चिमी मीडिया कुछ कह रहा है। हमारे यहां कुछ कहा जा रहा है। पाकिस्तान कुछ और कह रहा है। कल तक आप कह रहे थे कि हम साथ है। साथ हैं तो यह मानकर चलिए कि कुछ चीजें इतनी गोपनीय होती हैं कि कैबिनेट से भी साझा नहीं की जाती हैं। सबका यह कहना है कि अगर भारत 6.5 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगा तो उसे विकसित राष्ट्र बनने से नहीं रोक सकता है। आज बहुत सारी ताकतें लगी हुई हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच का संघर्ष युद्ध में बदल जाए। 

हर्षवर्धन त्रिपाठी: इंदिरा गांधी को आयरन लेडी क्यों कहते थे। उन्हें ये उपाधि सिर्फ इसीलिए दी गई, क्योंकि उन्होंने पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान को अलग कर दिया। हमने सौ किलोमीटर अंदर जाकर मारा, जब पाकिस्तानी सेना ने रिटैलिएट किया तो हमने उनसे एयरबेस भी उड़ा दिए। मुझे लगता है कि कांग्रेस राहुल गांधी को नेता बनाने के चक्कर में वो सारे काम कर रही है, जिससे इंदिरा गांधी पर भी सवाल उठेगा और जवाहर लाल नेहरू पर भी सवाल उठेगा। भारतीय सेनाओं ने और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो काम किया है वो न भूतो न भविष्यत वाला काम था। राहुल गांधी जो कर रहे हैं वो देश को कमजोर करने वाला काम है।  

समीर चौगांवकर: लोकतंत्र में प्रश्न पूछा जाना चाहिए। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन यह भी देखना चाहिए कौन से सवाल कब और कैसे पूछा जाए। राहुल गांधी कोई छोटे नेता नहीं हैं। राहुल गांधी को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए था। राहुल गांधी जब से सक्रिय राजनीति में आए हैं तब से उन्होंने इसी तरह का रुख रखा है जिसे बहुत परिपक्व कदम कहा जा सके। इस समय जब पूरा माहौल तनावपूर्ण है, उस समय उन्हें थोड़ा धैर्य का परिचय देना चाहिए था। राहुल गांधी को इससे थोड़ा बचना चाहिए था। कांग्रेस के प्रवक्ताओं को बचना चाहिए था। 

राजकिशोर: सवाल ये उठता है कि पहले कौन सी जानकारी नहीं दी गई। जो प्रश्न पाकिस्तान के हैं, जो ट्रंप के हस्तक्षेप की बात कही जा रही है। सवाल ये उठ रहा है कि मीर जाफर कौन है। भाजपा की मीडिया टीम कम नहीं है। सुप्रिया श्रीनेत ने सिरकटा फोटो जारी किया था। उसे हटाना पड़ा था। सुप्रिया श्रीनेत, अमित मालवीय, निशिकांत दुबे जो बाते कह रहे हैं वो होती रहेंगी। जब सवाल आप उठा रहे हैं तो आपको थोड़ा रैशनल होना पड़ेगा। प्रश्न ये है कि जो सरकार की तरफ से या सेना की तरफ से बातें कही जा रही हैं उसमें गड़बड़ कहां है। 

विनोद अग्निहोत्री: विशेष सत्र की जहां बात है तो 1962 में युद्ध के चलते विशेष सत्र हुआ था, विशेष सत्र कारगिल के बाद भी बुलाया गया, विशेष सत्र 26/11 के बाद भी बुलाया गया। बार-बार यह होता रहा है कि 93 हजार फौजी छोड़ दिए गए। तो अभी क्यों अचानक चीजें रोक दी गईं। जयशंकर जी के बारे में मेरा मानना है कि कांग्रेस को उन पर इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। मुझे लगता है कि राजनीति इसमें दोनों पक्ष कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इस मामले में न कांग्रेस को राजनीति करनी चाहिए, न ही भाजपा को इस पर राजनीति करनी चाहिए।
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