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Khabron Ke Khiladi: कांग्रेस की जीत में क्या प्रियंका गांधी रहीं बड़ा फैक्टर? जानिए विश्लेषकों की राय
Sat, 13 May 2023 04:08 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 13 May 2023 04:08 PM IST
सार
Khabron Ke Khiladi: प्रियंका लंबे समय से सक्रिय राजनीति में नहीं थी और उन्होंने राहुल गांधी को पूरा वक्त दिया। ग्रामीण कर्नाटक में महिलाओं ने बंपर वोटिंग हुई। प्रियंका गांधी ने महिला मतदाताओं पर फोकस किया और कांग्रेस को इसका फायदा मिला।
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राहुल गांधी और प्रियंका गांधी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कर्नाटक चुनाव में प्रियंका गांधी खासी सक्रिय रहीं और उन्होंने पार्टी के लिए ताबड़तोड़ प्रचार किया। अब चुनाव नतीजों के बाद जिस तरह से कांग्रेस को बहुमत मिला है, तो ऐसी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कांग्रेस की जीत में प्रियंका गांधी भी बड़ा फैक्टर रहीं। हमारे खास कार्यक्रम खबरों के खिलाड़ी में हमने विश्लेषकों से इसका जवाब जानने की कोशिश की। वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण तिवारी ने कहा कि कर्नाटक चुनाव में प्रियंका गांधी एक अहम फैक्टर रहीं। प्रियंका जिस अंदाज में राजनीति में सक्रियता दिखा रही हैं उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि प्रियंका एक बड़ा फैक्टर रहीं। कर्नाटक में प्रियंका ने बड़ी संख्या में रैलियां की। प्रियंका गांधी ने तेलंगाना में जाकर इंदिरा अम्मा की चर्चा की।
'प्रियंका गांधी को ज्यादा जिम्मेदारी दी जानी चाहिए'
हिमाचल में भी उनकी भूमिका अहम रही। हालांकि सिर्फ चुनाव के वक्त उनका प्रचार करने की वजह हो सकती है कि वह राहुल गांधी को आगे बढ़ाने के लिए खुद को जानबूझकर सीमित कर रही हों। वहीं वरिष्ठ पत्रकार पंकज शर्मा का कहना है कि प्रियंका गांधी को ज्यादा जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। हालांकि कर्नाटक की जीत किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है, ये सामूहिक जीत है। 2014 में जिस तरह से पीएम मोदी जोरदार बहुमत से सत्ता में आए लेकिन अब उनकी लोकप्रियता में कमी आई है। प्रियंका गांधी को चुनाव के इतर भी सक्रियता दिखानी होगी।
महिला मतदाताओं को लुभाने में प्रियंका की भूमिका अहम
पत्रकार अदिति अनंतनारायण ने कहा कि भाजपा आज जहां हैं वो नरेंद्र मोदी की वजह से है। भाजपा अपने नैरेटिव पर चलती है, कई राज्यों में इसका फायदा मिला है लेकिन कर्नाटक में इसका फायदा नहीं मिला, राजनीति में ये चलता है। प्रियंका लंबे समय से सक्रिय राजनीति में नहीं थी और उन्होंने राहुल गांधी को पूरा वक्त दिया। ग्रामीण कर्नाटक में महिलाओं ने बंपर वोटिंग हुई। प्रियंका गांधी ने महिला मतदाताओं पर फोकस किया और कांग्रेस को इसका फायदा मिला। 2024 के लिए प्रियंका को आगे लाना जरूरी है।
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भाजपा आज जहां है वो पीएम मोदी की वजह से है। देश की राजनीति में प्रियंका की जरूरत है क्योंकि भारत में आज एक महिला लीडरशीप की जरूरत है। और प्रियंका अपने आप को स्थापित कर सकती हैं। इससे पहले नीतीश कुमार और ममता को भी महिलाओं का समर्थन मिला एक समय जयललिता को भी मिला था।
'सोनिया गांधी को पुत्र मोह से उबरना पड़ेगा'
इस पूरी चर्चा के बीच विश्लेषक शिवम त्यागी ने दिया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी पार्टी की महासचिव हैं। उत्तर प्रदेश में तो उनका प्रभाव नहीं चला! प्रियंका गांधी को पहले अपने घर की दहलीज पार करनी होगी। सोनिया गांधी को पुत्र मोह से उबरना पड़ेगा।
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'प्रियंका गांधी को ज्यादा जिम्मेदारी दी जानी चाहिए'
हिमाचल में भी उनकी भूमिका अहम रही। हालांकि सिर्फ चुनाव के वक्त उनका प्रचार करने की वजह हो सकती है कि वह राहुल गांधी को आगे बढ़ाने के लिए खुद को जानबूझकर सीमित कर रही हों। वहीं वरिष्ठ पत्रकार पंकज शर्मा का कहना है कि प्रियंका गांधी को ज्यादा जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। हालांकि कर्नाटक की जीत किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है, ये सामूहिक जीत है। 2014 में जिस तरह से पीएम मोदी जोरदार बहुमत से सत्ता में आए लेकिन अब उनकी लोकप्रियता में कमी आई है। प्रियंका गांधी को चुनाव के इतर भी सक्रियता दिखानी होगी।
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महिला मतदाताओं को लुभाने में प्रियंका की भूमिका अहम
पत्रकार अदिति अनंतनारायण ने कहा कि भाजपा आज जहां हैं वो नरेंद्र मोदी की वजह से है। भाजपा अपने नैरेटिव पर चलती है, कई राज्यों में इसका फायदा मिला है लेकिन कर्नाटक में इसका फायदा नहीं मिला, राजनीति में ये चलता है। प्रियंका लंबे समय से सक्रिय राजनीति में नहीं थी और उन्होंने राहुल गांधी को पूरा वक्त दिया। ग्रामीण कर्नाटक में महिलाओं ने बंपर वोटिंग हुई। प्रियंका गांधी ने महिला मतदाताओं पर फोकस किया और कांग्रेस को इसका फायदा मिला। 2024 के लिए प्रियंका को आगे लाना जरूरी है।
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भाजपा आज जहां है वो पीएम मोदी की वजह से है। देश की राजनीति में प्रियंका की जरूरत है क्योंकि भारत में आज एक महिला लीडरशीप की जरूरत है। और प्रियंका अपने आप को स्थापित कर सकती हैं। इससे पहले नीतीश कुमार और ममता को भी महिलाओं का समर्थन मिला एक समय जयललिता को भी मिला था।
'सोनिया गांधी को पुत्र मोह से उबरना पड़ेगा'
इस पूरी चर्चा के बीच विश्लेषक शिवम त्यागी ने दिया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी पार्टी की महासचिव हैं। उत्तर प्रदेश में तो उनका प्रभाव नहीं चला! प्रियंका गांधी को पहले अपने घर की दहलीज पार करनी होगी। सोनिया गांधी को पुत्र मोह से उबरना पड़ेगा।