फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Khabaron Ke Khiladi Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Row Analysis RSS VHP BJP Opposition attacks news updates

Khabaron Ke Khiladi: किस दिशा में जा रही चढ़ावा चोरी की जांच? विश्लेषकों ने बताया दिशा सही या सिर्फ लीपापोती

Sun, 05 Jul 2026 12:38 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 05 Jul 2026 12:38 AM IST
विज्ञापन
Khabaron Ke Khiladi Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Row Analysis RSS VHP BJP Opposition attacks news updates
खबरों के खिलाड़ी। - फोटो : अमर उजाला
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला इस हफ्ते भी सुर्खियों में रहा। पूरे हफ्ते नए-नए बयान सामने आए। लंबे समय से चुप्पी साधे आरएसएस की ओर से भी इसे लेकर प्रतिक्रिया आई। दूसरी तरफ इस पूरे मामले में नए-नए खुलासे भी होते रहे। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल और मिहिर रंजन मौजूद रहे। 
विज्ञापन

विज्ञापन

पूर्णिमा त्रिपाठी: इस मामले को शुरू में दबाने की कोशिश की गई है। जब मामला ज्यादा बढ़ गया तब इस पर कार्रवाई शुरू हुई। जब मामाल नहीं दबा और लगा कि डैमेज ज्यादा हो जाएगा, तब कवरअप करने की एक्सरसाइज शुरू हुई। काफी समय बाद इस मामले में आरएसएस का बयान सामने आया है। जिसमें कहा गया है कि किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। अगर ऐसा होता है तो डैमेज कंट्रोल हो जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

राकेश शुक्ल: इस मामले में जितना आप आगे बढ़ते जाएंगे सस्पेंश बढ़ता जाएगा। अब जो आरएसएस का बयान सामने आया उससे साफ है कि जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। क्योंकि ये करोड़ों हिंदुओं की आस्था का सवाल है। मूल प्रश्न ये है कि जो वित्तीय गड़बड़ी हुई है उसके लिए सिर्फ चंपत राय दोषी हैं। जो बाकी सदस्य हैं क्या उनकी जवाबदेही नहीं बनती है। 

रामकृपाल सिंह:  मंदिर में चढ़ावा आता है तो उसको भी आपको बताना पड़ता है कि ये आया है। उसके लिए नियम है। चंपत राय जी की जहां तक बात है तो 15-18 हजार पाने वाले को कैसे इतने बड़े फाइनेंस की जिम्मेदारी दी गई। आप उसके घर गए तो देखा कि 60 कमरों का हॉस्टल और बाकी चीजें हैं उसके पास ये कैसे हो गया क्या आपको ये समझ नहीं आया। ये मैं मान ही नहीं सकता कि उस आदमी ने अकेले इतना सबकुछ किया। ये मेरे गले से उतर नहीं रहा है कि चंपत राय को पता नहीं था। 

मिहिर रंजन: नीट कांड हुआ ठंडे बस्ते में चला गया, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेकर विवाद हुआ और ठंडे बस्ते में चला गया, ये मामला भी कुछ समय बाद ठंडे बस्ते में चला जाएगा। मुझे ऐसा लग रहा है कि अगले साल होने वाले चुनाव के चलते हर कोई पॉलिटिकली करेक्ट होने की कोशिश कर रहा है। ये भानुमति का पिटारा खुला है, जिसमें मामला प्यादे के बाद वजीर, वजीर के बाद मामला राजा तक पहुंचेगा।

विनोद अग्निहोत्री: सीबीआई जांच हो या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश की सरकार ने जो कथित एसआईटी बनाई है, जो एक इंक्वायरी कमेटी है। इसलिए केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच की मांग हो रही है। मुझे लगता है कि उच्च स्तरीय जांच अगर नहीं होगी और यही चलता रहा तो लोगों में इसका विश्वास नहीं जमेगा। ये विश्वास तभी लौटेगा जब उच्च स्तरीय जांच हो और दूध का दूध और पानी का पानी हो। मामले को जितना रफा दफा करने की कोशिश होगी उतना नुकसान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed