दो करोड़ की घूस लेने के आरोप में जेल गए देसाई बने वर्ल्ड मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष
डब्ल्यूएमए द्वारा जारी बयान मे कहा गया कि शुक्रवार को अपने निर्वाचन के बाद उन्होंने बतौर अध्यक्ष ताइवान में हो रही सालाना बैठक को संबोधित किया। डॉ. देसाई जब एमसीआई के अध्यक्ष थे तो उन्हें दो करोड़ रुपये घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
इस पर अमेरिका से बाहर आधारित पीपुल फॉर बेटर ट्रीटमेंट (पीबीटी) के अध्यक्ष कुनाल साहा ने एमसीआई और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने मांग की है कि इस अत्याचार को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए।
छात्रों के एडमिशन की छूट हासिल करने में की थी कालेज की मदद
साहा, अमेरिका में भारतीय मूल के एक डॉक्टर हैं। उन्होंने एक कार्यकर्ता संगठन खोल रखा है जो मेडिकल की बुराइयों और भ्रष्टाचार का खुलासा करती है। उन्होंने कहा है कि अगर भारतीय विभागों ने सात दिन के अंदर कोई कार्रवाई नहीं की तो वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। इस संबंध में एसोसिएशन के प्रवक्ता निगेल डंकेन ने कहा कि हमारी जानकारी में देसाई के खिलाफ सभी आपराधिक मामले खारिज हो चुके हैं।
गौरतलब है कि साल 2010 में देसाई के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश रचने का केस तब दर्ज कराया गया था जब उन पर एक मेडिकल कॉलेज से 20 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा था। जांच में पता चला था कि देसाई ने इसके बदले मेडिकल काउंसिल से ज्यादा छाेत्रों के एडमिशन की छूट हासिल करने में कॉलेज की मदद की थी।