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Kesavananda Bharati Death: संविधान के मूल ढांचे का सिद्धांत दिलाने वाले केशवानंद भारती का निधन

Sun, 06 Sep 2020 04:36 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, कासरगोड
पीटीआई, कासरगोड Published by: देव कश्यप Updated Sun, 06 Sep 2020 04:36 PM IST
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kesavananda bharati passed away: Kesavananda Bharati seer behind basic rights case of the constitution,  passes away
केशवानंद भारती - फोटो : Twitter

संविधान के मूल ढांचे का सिद्धांत दिलाने वाले संत केशवानंद भारती का रविवार को निधन हो गया। पुलिस ने बताया कि केरल निवासी संत केशवानंद भारती का इदानीर मठ में उम्र संबंधी बीमारियों की वजह से 79 साल की उम्र में निधन हो गया।

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पुलिस ने कहा कि 'हमें मिली सूचना के मुताबिक रविवार तड़के करीब तीन बजकर 30 मिनट पर उनका निधन हुआ।’ गौरतलब है कि चार दशक पहले भारती ने केरल भूमि सुधार कानून को चुनौती दी थी जिसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के मूल ढांचे का सिद्धांत दिया और यह फैसला शीर्ष अदालत की अब तक सबसे बड़ी पीठ ने दिया था, जिसमें 13 न्यायाधीश शामिल थे।
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केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामले पर 68 दिन तक सुनवाई हुई थी और अब तक उच्चतम न्यायालय में सबसे अधिक समय तक किसी मुकदमे पर चली सुनवाई के मामले में यह शीर्ष पर है। इस मामले की सुनवाई 31 अक्टूबर 1972 को शुरू हुई और 23 मार्च 1973 को सुनवाई पूरी हुई। भारतीय संवैधानिक कानून में इस मामले की सबसे अधिक चर्चा होती है।
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मद्रास उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के चंद्रू से इस मामले के महत्व के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने पीटीआई से कहा कि ‘केशवानंद भारती मामले का महत्व इस पर आए फैसले की वजह से है जिसके मुताबिक संविधान में संशोधन किया जा सकता है, लेकिन इसके मूल ढांचे में नहीं।’


उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने जताया शोक
उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भारती ने निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह विलक्षण प्रतिभा वाले दार्शनिक, शास्त्रीय गायक और सांस्कृतिक आइकन थे। नायडू ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के उस अहम फैसले में अपनी भूमिका के लिए जाना जाता है, जिसमें यह माना गया था कि संविधान की मूल संरचना में बदलाव नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यक्षगान को संरक्षण देकर उन्होंने कर्नाटक में इस पारंपरिक थिएटर को पुनर्जीवित करने का अहम कार्य किया था। 

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