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Kerala: सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली महिला को नहीं दिया अयप्पा संगमम का न्योता, केरल के मंत्री का दावा
Sun, 31 Aug 2025 11:43 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 31 Aug 2025 11:43 PM IST
सार
त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केरल सरकार के सहयोग से 20 सितंबर को पंपा में वैश्विक अयप्पा संगमम का आयोजन किया जा रहा है। केरल के देवस्वोम मंत्री वीएन वासवन ने दावा किया है कि 2019 में सबरीमाला अयप्पा मंदिर में प्रवेश करने वाली महिला कार्यकर्ता बिंदु अम्मिनी को वैश्विक अयप्पा संगमम का न्योता नहीं दिया गया है।
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सबरीमाला मंदिर (फाइल)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
केरल में होने जा रहे वैश्विक अयप्पा संगमम को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। केरल के देवस्वोम मंत्री वीएन वासवन ने दावा किया है कि 2019 में सबरीमाला अयप्पा मंदिर में प्रवेश करने वाली महिला कार्यकर्ता बिंदु अम्मिनी को वैश्विक अयप्पा संगमम का न्योता नहीं दिया गया है। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) द्वारा हो रहे कार्यक्रम में भाग लेने की उनकी कोई जरूरत नहीं है।
त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केरल सरकार के सहयोग से 20 सितंबर को पंपा में वैश्विक अयप्पा संगमम का आयोजन किया जा रहा है। इसे लेकर मंत्री वासवन ने कहा कि अम्मिनी को किसी भी कीमत पर अयप्पा संगमम में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दें कि अम्मिनी ने कथित तौर पर सरकार को पत्र भेजकर कार्यक्रम में भाग लेने की इच्छा जताई थी।
मंत्री वासवन ने कहा कि संगमम भगवान अयप्पा के उन वास्तविक भक्तों के लिए है जो नियमित रूप से सबरीमाला आते हैं और जो कुछ संगठनों के तत्वावधान में या विभिन्न आयोजनों के सिलसिले में राज्य में आते हुए मंदिर में आते हैं। ऐसे संगठनों के प्रतिनिधियों और भक्तों को इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि अम्मिनी ऐसी किसी भी श्रेणी में नहीं आती हैं। इसलिए उन्हें आमंत्रित करने की कोई आवश्यकता नहीं है और उन्हें इसमें भाग लेने की भी कोई जरूरत नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट के सभी आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश देने के आदेश के बाद अम्मिनी ने पहली बार मंदिर में कदम रखा था। इसके बाद वह चर्चा में आई थी।
संगमम को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर
कार्यक्रम को लेकर रविवार को भी राज्य में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामुदायिक संगठनों के बीच प्रतिक्रियाएं जारी रहीं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि वामपंथी सरकार अयप्पा संगमम का आयोजन करके अपने कर्मों का प्रायश्चित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान अयप्पा के भक्त सरकार से पहाड़ी मंदिर में सुचारू दर्शन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था चाहते हैं।
वहीं भाजपा के राज्य प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने टीडीबी से आग्रह किया कि वह अयप्पा संगमम के आयोजन से पहले सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में सर्वोच्च न्यायालय में लिए गए अपने रुख को बदले। उधर वरिष्ठ भाजपा नेता कुम्मनम राजशेखरन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अयप्पा भक्तों की आस्था और विश्वास का दुरुपयोग करके भारी मात्रा में धन कमाने की कोशिश कर रही है। योग क्षेम सभा के प्रदेश अध्यक्ष अक्केरमन कालिदासन भट्टाथिरिपाद ने भी इस आयोजन पर संदेह जताया।
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त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केरल सरकार के सहयोग से 20 सितंबर को पंपा में वैश्विक अयप्पा संगमम का आयोजन किया जा रहा है। इसे लेकर मंत्री वासवन ने कहा कि अम्मिनी को किसी भी कीमत पर अयप्पा संगमम में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दें कि अम्मिनी ने कथित तौर पर सरकार को पत्र भेजकर कार्यक्रम में भाग लेने की इच्छा जताई थी।
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मंत्री वासवन ने कहा कि संगमम भगवान अयप्पा के उन वास्तविक भक्तों के लिए है जो नियमित रूप से सबरीमाला आते हैं और जो कुछ संगठनों के तत्वावधान में या विभिन्न आयोजनों के सिलसिले में राज्य में आते हुए मंदिर में आते हैं। ऐसे संगठनों के प्रतिनिधियों और भक्तों को इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि अम्मिनी ऐसी किसी भी श्रेणी में नहीं आती हैं। इसलिए उन्हें आमंत्रित करने की कोई आवश्यकता नहीं है और उन्हें इसमें भाग लेने की भी कोई जरूरत नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट के सभी आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश देने के आदेश के बाद अम्मिनी ने पहली बार मंदिर में कदम रखा था। इसके बाद वह चर्चा में आई थी।
संगमम को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर
कार्यक्रम को लेकर रविवार को भी राज्य में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामुदायिक संगठनों के बीच प्रतिक्रियाएं जारी रहीं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि वामपंथी सरकार अयप्पा संगमम का आयोजन करके अपने कर्मों का प्रायश्चित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान अयप्पा के भक्त सरकार से पहाड़ी मंदिर में सुचारू दर्शन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था चाहते हैं।
वहीं भाजपा के राज्य प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने टीडीबी से आग्रह किया कि वह अयप्पा संगमम के आयोजन से पहले सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में सर्वोच्च न्यायालय में लिए गए अपने रुख को बदले। उधर वरिष्ठ भाजपा नेता कुम्मनम राजशेखरन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अयप्पा भक्तों की आस्था और विश्वास का दुरुपयोग करके भारी मात्रा में धन कमाने की कोशिश कर रही है। योग क्षेम सभा के प्रदेश अध्यक्ष अक्केरमन कालिदासन भट्टाथिरिपाद ने भी इस आयोजन पर संदेह जताया।