{"_id":"63a422d59c830a711c38fc72","slug":"kerala-to-cancel-licences-of-pharmacies-selling-antibiotics-without-prescription","type":"story","status":"publish","title_hn":"AMR Action: केरल सरकार का बड़ा कदम, बगैर डॉक्टर की पर्ची के एंटीबायोटिक्स बेचने पर रोक, रद्द होगा लाइसेंस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
AMR Action: केरल सरकार का बड़ा कदम, बगैर डॉक्टर की पर्ची के एंटीबायोटिक्स बेचने पर रोक, रद्द होगा लाइसेंस
Thu, 22 Dec 2022 02:57 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 22 Dec 2022 02:57 PM IST
सार
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस का विकास तब होता है जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगी और पैरासाइट समय के साथ बदल जाते हैं और उन पर दवाओं का असर नहीं होता है। इसके कारण संक्रमण का इलाज करना कठिन हो जाता है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pexels.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केरल सरकार ने राज्य में एंटी-माइक्रोबियल दवाओं का दुरुपयोग रोकने के लिए बगैर पर्ची के एंटीबॉयोटिक्स दवाएं बेचने पर रोक लगा दी है। ऐसा करने वाली दवा दुकान या फार्मेसी का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
विज्ञापन
केरल सरकार ने माना है कि एएमआर दवाओं अत्यधिक उपयोग या दुरुपयोग के कारण ड्रग प्रतिरोधक पैथोजेन्स का तेजी से विकास होता है। इसलिए बगैर डॉक्टरी परामर्श के इन दवाओं का विक्रय नहीं किया जा सकेगा। राज्य सरकार ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्मार्ट प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को सरकार की एएमआर रेसिस्टेंस (AMR) गतिविधियों को मजबूत करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस (रोगाणुरोधी प्रतिरोधक) का विकास तब होता है जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगी और पैरासाइट समय के साथ बदल जाते हैं और उन पर दवाओं का असर नहीं होता है। इसके कारण संक्रमण का इलाज करना कठिन हो जाता है और मरीज में बीमारी फैलने, गंभीर बीमारी होने या उसकी मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
मरीज के शरीर में दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधक तत्व पैदा हो जाने के कारण एंटीबायोटिक्स और अन्य रोगाणु नाशक दवाएं बेअसर हो जाती हैं और संक्रमण का इलाज करना मुश्किल या असंभव हो जाता है।
केरल के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि बिना डॉक्टर के पर्चे के फार्मेसी से एंटीबायोटिक दवाओं की सीधी खरीद एंटीबायोटिक प्रतिरोध में वृद्धि का एक प्रमुख कारण है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे सख्ती से प्रतिबंधित करने के लिए कदम उठाने का फैसला किया है। अब डॉक्टर के पर्चे के बिना एंटीबायोटिक्स बेचने वाली दवा दुकानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
बुधवार को तिरुवनंतपुरम में राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज की अध्यक्षता में हुई केएआरएसएपी (केरल एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान-KARSAP) की वार्षिक समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बयान में कहा गया है कि बैठक में केरल में की जा रही रोगाणुरोधी प्रतिरोध गतिविधियों का विस्तार से मूल्यांकन किया गया और मीडिया की मदद से एंटीबायोटिक्स के प्रति जागरूता के लिए गतिविधियों को तेज किया जाएगा।