केरल सोना तस्करी मामलाः सीएम विजयन के प्रधान सचिव पर गिरी गाज, किए गए निलंबित

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Updated Thu, 16 Jul 2020 10:17 PM IST
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पिनराई विजयन (फाइल फोटो)
पिनराई विजयन (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

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केरल में सोना तस्करी के मामले में गुरुवार को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पर गाज गिरी है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि सोने की तस्करी के मामले में सेवा नियमों के उल्लंघन के लिए सरकार ने उनके पूर्व प्रमुख सचिव एम. शिवशंकर को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
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विजयन ने कहा कि यह कार्रवाई मुख्य सचिव विश्वास मेहता की अध्यक्षता वाले दो सदस्यीय पैनल द्वारा की गई जांच के आधार पर की गई। जांच रिपोर्ट में मालूम चला कि उनकी ओर से कुछ खामियां थीं और उन्होंने अखिल भारतीय सेवा नियमों का उल्लंघन किया है।
केरल में विपक्ष रूप में मौजूद भाजपा और कांग्रेस लगातार सीएम के इस्तीफे की मांग कर रही है। विजयन के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ आईएसएस अधिकारी एम. शिवशंकर को प्रमुख सचिव के पद से हटा दिया गया था। वह कथित तौर पर सोना तस्करी के मामले में मुख्य अभियुक्तों में से एक स्वप्ना सुरेश के करीबी थे। सीमा शुल्क विभाग ने बुधवार को उनसे नौ घंटे तक पूछताछ की। अधिकारी उनके बयान से संतुष्ट नहीं हुए हैं। उन्हें पूछताछ के लिए फिर से बुलाया जा सकता है।

क्या है पूरा मामला

केरल की राजधानी में यूएई के पता वाले डिप्लोमैटिक कार्गो से 30 किलो सोना चुराने का मामला है। दावा किया गया था कि कार्गो के संबंध में स्वप्ना ने एयरपोर्ट के अधिकारी से संपर्क साधा था। यूएई वाणिज्यदूतावास जनरल ऑफिस के उच्च कूटनीतिज्ञ राशिद खामिस अल शामली के कहने पर कथित तौर पर संपर्क किया गया था। तस्करी किए गए सोने की कीमत 15 करोड़ रुपये है। ये सोना उस कार्गो में छिपाया गया था जिसमें बिस्किट, नूडल्स, बाथरूम का सामान रखा जाता था लेकिन कस्टम को तस्करी को लेकर पहले से सूचना मिल चुकी थी।
केरल सोना तस्करी मामले में एनआईए कोर्ट ने आरोपी स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को नौ दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने स्वप्ना सुरेश, फाजिल फरीद और संदीप नायर को इस मामले में आरोपी बनाया है। तीनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। 
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