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Kerala Startup Mission: 5 साल में 15,000 स्टार्टअप से दो लाख नौकरियों का दावा, कैसे केरल बन रहा है टेक्नोलॉजी स्टार्टअप का हब?
Mon, 21 Feb 2022 07:11 PM IST
प्रतिभा ज्योति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: प्रतिभा ज्योति
Updated Mon, 21 Feb 2022 07:11 PM IST
सार
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक पांच साल पहले केरल में 300 स्टार्टअप कंपनियां थीं, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 3,900 हो गई है। इन स्टार्टअप से कम से कम 35 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है।
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केरल का डिजिटल हब
- फोटो : Twitter : @CPIMKerala
विस्तार
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने अगले पांच सालों में टेक्नोलॉजी में 15,000 से अधिक स्टार्टअप शुरू करने और इससे दो लाख नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने केरल स्टार्टअप मिशन की ओर से आयोजित 'हडल ग्लोबल 2022' के तीसरे संस्करण के उद्घाटन में यह बात कही। हडल ग्लोबल 2022 स्टार्टअप्स के उत्पादों को प्रदर्शित करने और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र के उद्योग और उनके लीडर से बातचीत करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
विजयन ने कहा कि राजधानी कोच्चि में एक उभरता हुआ टेक्नोलॉजी स्टार्टअप हब स्थापित करने के लिए राज्य सरकार की योजना सुविधाओं को बढ़ाने की है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि हमारे स्टार्टअप्स ने 2015 से इक्विटी निवेश के रूप में 3,200 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
केरल कैसे बन रहा टेक्नोलॉजी स्टार्टअप का हब?
स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में केरल स्टार्टअप शुरू करने के लिए बेहतर माहौल के लिए शीर्ष राज्यों में शामिल है। केरल के मुख्यमंत्री का दावा है कि इनोवेशन एंड इंटरप्रन्योरशिप डेवलपमेंट सेंटर्स फॉर कॉलेज, यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम, कॉरपोर्ट इनोवेशन जैसे सरकार के विभिन्न कदमों ने केरल को टेक्नोलॉजी उद्यम शुरू करने और विकसित करने के लिए पसंदीदा जगह बना दिया है। वहीं उद्योग और कानून मंत्री पी राजीव का कहना है कि केरल ने स्टार्टअप्स आइडिया से लेकर इसे व्यवहारिक रूप देने तक में एक अनूठा मॉडल बनाया है।
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विजयन ने कहा कि राजधानी कोच्चि में एक उभरता हुआ टेक्नोलॉजी स्टार्टअप हब स्थापित करने के लिए राज्य सरकार की योजना सुविधाओं को बढ़ाने की है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि हमारे स्टार्टअप्स ने 2015 से इक्विटी निवेश के रूप में 3,200 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
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केरल कैसे बन रहा टेक्नोलॉजी स्टार्टअप का हब?
स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में केरल स्टार्टअप शुरू करने के लिए बेहतर माहौल के लिए शीर्ष राज्यों में शामिल है। केरल के मुख्यमंत्री का दावा है कि इनोवेशन एंड इंटरप्रन्योरशिप डेवलपमेंट सेंटर्स फॉर कॉलेज, यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम, कॉरपोर्ट इनोवेशन जैसे सरकार के विभिन्न कदमों ने केरल को टेक्नोलॉजी उद्यम शुरू करने और विकसित करने के लिए पसंदीदा जगह बना दिया है। वहीं उद्योग और कानून मंत्री पी राजीव का कहना है कि केरल ने स्टार्टअप्स आइडिया से लेकर इसे व्यवहारिक रूप देने तक में एक अनूठा मॉडल बनाया है।
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केरल का डिजिटल हब
- फोटो : Twitter : @CPIMKerala
'इनोवेशन चैलेंज' जैसे कार्यक्रम चलाने की योजना
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक पांच साल पहले केरल में 300 स्टार्टअप कंपनियां थीं, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 3,900 हो गई है। इन स्टार्टअप से कम से कम 35 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। केरल स्टार्टअप मिशन स्टार्टअप्स को ब्याज मुक्त ऋण देता है। इसके जरिए राज्य सरकार केरल के स्टार्टअप को बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ना चाहती है।
मुख्यमंत्री विजयन ने 19 सितंबर 2021 को 200 स्टार्ट-अप को समर्थन देने की क्षमता वाले 'डिजिटल हब' का उद्घाटन किया। यह डिजिटल हब दो लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है। जिसका मकसद टेक्नोलाजी को बढ़ावा देना है। इसे केरल के आईटी उद्योग में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य सरकार युवाओं को अपनी क्षमता साबित करने के लिए 'इनोवेशन चैलेंज' जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। विजेताओं को अपने उत्पाद की मार्केटिंग में सरकारी सहायता मिलेगी। तकनीकी शिक्षा संस्थानों को स्टार्टअप और आईटी पार्क से जोड़कर एक नॉलेज चेन डेवलप करने और डेटा पार्क बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।
टेक्नोलॉजी में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कोच्चि में स्टार्टअप बुनियादी ढांचे के विकास की तर्ज पर तिरुवनंतपुरम में इसी योजना को लागू करने की योजना बन रही है। तिरुवनंतपुरम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब बनाने की परियोजना पर भी काम चल रहा है। इस परियोजना को तकनीकी और डिजिटल विश्वविद्यालयों की मदद से लागू किया जाएगा।
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक पांच साल पहले केरल में 300 स्टार्टअप कंपनियां थीं, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 3,900 हो गई है। इन स्टार्टअप से कम से कम 35 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। केरल स्टार्टअप मिशन स्टार्टअप्स को ब्याज मुक्त ऋण देता है। इसके जरिए राज्य सरकार केरल के स्टार्टअप को बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ना चाहती है।
मुख्यमंत्री विजयन ने 19 सितंबर 2021 को 200 स्टार्ट-अप को समर्थन देने की क्षमता वाले 'डिजिटल हब' का उद्घाटन किया। यह डिजिटल हब दो लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है। जिसका मकसद टेक्नोलाजी को बढ़ावा देना है। इसे केरल के आईटी उद्योग में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य सरकार युवाओं को अपनी क्षमता साबित करने के लिए 'इनोवेशन चैलेंज' जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। विजेताओं को अपने उत्पाद की मार्केटिंग में सरकारी सहायता मिलेगी। तकनीकी शिक्षा संस्थानों को स्टार्टअप और आईटी पार्क से जोड़कर एक नॉलेज चेन डेवलप करने और डेटा पार्क बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।
टेक्नोलॉजी में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कोच्चि में स्टार्टअप बुनियादी ढांचे के विकास की तर्ज पर तिरुवनंतपुरम में इसी योजना को लागू करने की योजना बन रही है। तिरुवनंतपुरम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब बनाने की परियोजना पर भी काम चल रहा है। इस परियोजना को तकनीकी और डिजिटल विश्वविद्यालयों की मदद से लागू किया जाएगा।