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सौम्या रेप-हत्या केस: कन्नूर जेल से भागे गोविंदाचामी को पुलिस ने पकड़ा, तीन अधिकारी निलंबित किए गए
Fri, 25 Jul 2025 11:02 AM IST
राहुल कुमार
आईएएनएस, कन्नूर
आईएएनएस, कन्नूर
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:02 AM IST
सार
Soumya murder case: गोविंदाचामी ने 2011 में शोरानूर की 23 वर्षीय सौम्या के साथ एर्नाकुलम-शोरनूर पैसेंजर ट्रेन में लूटपाट की, उसके साथ दुष्कर्म किया, और उसे ट्रेन से धक्का दे दिया था। उसको 2011 में एक जघन्य अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था।
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कुख्यात अपराधी गोविंदाचामी
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
केरल का कुख्यात अपराधी गोविंदाचामी शुक्रवार को उच्च सुरक्षा वाली कन्नूर सेंट्रल जेल से फरार हो गया था। वारदात का पता सुबह पांच बजे चला, जब जेल अधिकारियों को गोविंदाचामी अपनी कोठरी से गायब मिला। इसके बाद पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस उसे कन्नूर जिले के थलप्पु इलाके से गिरफ्तार करने में सफल रही। इस मामले में तीन जेल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि, गोविंदाचामी को कन्नूर जिले के थलप्पु इलाके के एक खाली पड़ी खंडहर इमारत में छिपा हुआ था। पुलिस के साथ तलाशी में शामिल हुए एक स्थानीय व्यक्ति ने संवाददाताओं को बताया कि अपराधी इमारत के एक कुएं में छिपा हुआ मिला। जेल से गोविंदाचामी के जेल से भागने के मामले में तीन जेल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उत्तरी क्षेत्र के डीआईजी (कारागार) ने निलंबन आदेश जारी किया है।
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जेल प्रशासन के अनुसार, गोविंदाचामी के भागने के समय जेल परिसर में बिजली गुल थी। सुबह जब जेल की जांच की गई, तो 25 फीट ऊंची दीवार पर कपड़े से बनी एक रस्सी लटकती मिली। यह देखकर लोग हैरान थे कि एक हाथ वाला व्यक्ति बिजली की बाड़ वाली इस ऊंची दीवार को कैसे पार कर सकता है। कन्नूर जेल में 68 कोठरियां हैं और यह विशेष उच्च सुरक्षा क्षेत्र माना जाता है, फिर भी यह खूंखार अपराधी भागने में सफल रहा।
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कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला
गोविंदाचामी के जेल से फरार होने पर केरल के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक वीडी सतीसन ने विजयन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, कन्नूर जेल में सभी सीपीआई(एम) के अपराधी रह रहे हैं। सरकार और सीपीआई(एम) लंबे समय से उन्हें बचा रही हैं, उन्हें उनकी पसंद का खाना मिल रहा है, उनकी मांग के अनुसार शराब मिल रही है और वे जेल से ही गुंडागर्दी और नशीले पदार्थों को नियंत्रित कर रहे हैं। जेल उनके नियंत्रण में है। उनका कहा है कि फरार अपराधी का एक हाथ कमजोर है... फिर भी वह जेल की लोहे की सलाखों को तोड़कर इतनी ऊंची दीवारों को पार करने में कामयाब रहा? यह अविश्वसनीय है और जेल में लोगों की मदद से ही ऐसा हुआ होगा और इसकी जांच होनी चाहिए।
सौम्या की मां ने जेल सुरक्षा पर उठाए सवाल
पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने इस घटना को साजिश करार दिया और कहा, गोविंदाचामी को जेल से भागने में मदद की गई। कन्नूर जेल का संचालन एक समिति करती है, जिसमें माकपा के शीर्ष नेता पी. जयराजन शामिल हैं। यह एकतरफा साजिश का नतीजा है। वहीं, सौम्या की मां ने भी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, सीसीटीवी और उच्च सुरक्षा प्रोटोकॉल वाली जेल से ऐसा कैसे हो सकता है? निश्चित रूप से उसे किसी की मदद मिली है।
क्या है मामला?
गोविंदाचामी को 2011 में एक जघन्य अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था। उसने 1 फरवरी 2011 में शोरानूर की 23 वर्षीय सौम्या के साथ एर्नाकुलम-शोरनूर पैसेंजर ट्रेन में लूटपाट की, उसके साथ दुष्कर्म किया, और उसे ट्रेन से धक्का दे दिया था। सौम्या का शव रेलवे ट्रैक के पास मिला था। गोविंदाचामी को तमिलनाडु में भी आठ आपराधिक मामलों में दोषी ठहराया जा चुका था।
2012 में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गोविंदाचामी को आदतन अपराधी मानते हुए मौत की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने अपराध को बर्बर और समाज को झकझोरने वाला बताया था। 2013 में केरल हाईकोर्ट ने इस सजा को बरकरार रखा। हालांकि, 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने हत्या का आरोप हटाते हुए मौत की सजा को सात साल की कैद में बदल दिया, लेकिन उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। ये भी पढें: मासूमों का मर्डर: जीजा बना 'जल्लाद', पति से अलग रह रही साली का उजाड़ा परिवार; बच्चों की हत्या की खौफनाक कहानी