{"_id":"665ceef3deca16ca990ce0e5","slug":"kerala-police-arrest-key-accused-in-organ-trade-case-from-hyderabad-tried-to-sell-own-kidney-2024-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Organ Trade Case: केरल पुलिस ने हैदराबाद से पकड़ा अंग तस्कर, अपनी किडनी बेचने में असफल होने पर गिरोह से जुड़ा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Organ Trade Case: केरल पुलिस ने हैदराबाद से पकड़ा अंग तस्कर, अपनी किडनी बेचने में असफल होने पर गिरोह से जुड़ा
Mon, 03 Jun 2024 03:45 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Mon, 03 Jun 2024 03:45 AM IST
सार
केरल में सामने आए नेदुंबसेरी मामले की जांच से पता चला है कि बेलमकोंडा राम प्रसाद उर्फ प्रथपन को ऐसे डोनर खोजने का काम सौंपा गया था, जो प्राप्तकर्ताओं से मेल खा सकें। प्रसाद ने 60 फीसदी से ज्यादा डोनर मैच कराए। उसके किसी भी मामले में अस्वीकृति नहीं हुई।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
केरल पुलिस ने नेदुंबसेरी अंग तस्करी मामले के सरगना 41 वर्षीय बेलमकोंडा राम प्रसाद उर्फ प्रथपन को हैदराबाद के एक होटल से गिरफ्तार किया है, जो आंध्र प्रदेश का रहने वाला है। प्रसाद ने नेदुंबसेरी मामले के साथ अन्य समान रैकेट में कथित रूप से भूमिका निभाई, जिसे पूछताछ के लिए केरल के अनुवा ले जाया गया है। हालांकि, इस मामले में पुलिस पहले ही दो मलयाली लोग, त्रिशूर के 30 वर्षीय सबीथ नासर और कलमस्सेरी निवासी 43 वर्षीय साजिथ श्यामराज को पहले ही हिरासत में ले चुकी है।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, केरल में सामने आए नेदुंबसेरी मामले की जांच से पता चला है कि प्रसाद को ऐसे डोनर खोजने का काम सौंपा गया था, जो प्राप्तकर्ताओं से मेल खा सकें। प्रसाद ने 60 फीसदी से ज्यादा डोनर मैच कराए। उसके किसी भी मामले में अस्वीकृति नहीं हुई। पुलिस का मानना है कि अंग प्रत्यारोपण से पहले उसने डोनरों का हैदराबाद की प्रयोगशाला में प्रारंभिक परीक्षण कराया था। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसाद ने आंध्र प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों को अंग तस्करी के लिए शामिल किया है।
विज्ञापन
सबीर के पकड़ में आने के बाद अंग तस्करी रैकेट का चला पता
पुलिस पूछताछ में त्रिशूर के सबीथ नासर ने बताया कि उसने 2019 में अपनी किडनी बेची थी, जिसके बाद वह अंग तस्करी के रैकेट में शामिल हो गया। नासर के बयान के बाद पुलिस ने हैदराबाद में जांच शुरू की। इस दौरान पता चला कि ईरान, कुवैत और श्रीलंका में अंग तस्करी का एक बहुत बड़ा रैकेट चल रहा था।
विज्ञापन
स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से अपनी किडनी नहीं बेच पाया राम प्रसाद
मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व कर रहे एर्नाकुलम जिला पुलिस प्रमुख वैभव सक्सेना ने बताया कि राम प्रसाद अपनी किडनी बेचने की कोशिश कर रहा था। स्वास्थ्य समस्याओं के चलते वह किडनी तो नहीं बेच पाया, लेकिन खरीदने वाला बन गया। इस दौरान उसका संपर्क अंग तस्करी के गिरोह से हुआ। बाद में वह ईरान में गिरोह के कथित लिंक मधु के संपर्क में आया। वैभव ने बताया कि अंग प्राप्तकर्ता मधु से संपर्क करते थे, जो राम प्रसाद के साथ मिलकर उनकी मांगे पूरी करता था।
कम आय वाले परिवारों से थे अंग दानकर्ता
सक्सेना ने बताया कि अंग दान करने वाले कम आय वाले परिवारों से हैं, जिन्हें अंग डोनेट करने के लिए छह लाख रुपए तक दिए गए। हालांकि, आरोपियों ने इससे कहीं अधिक धन कमाया। उन्होंने बताया कि भारत में गिरोह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है।