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Kerala Measles Outbreak: मल्लापुरम में खसरे का प्रकोप बढ़ा, अधिकारियों ने धर्म गुरुओं से मांगी यह मदद
Thu, 08 Dec 2022 11:15 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मल्लापुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मल्लापुरम
Published by: गुलाम अहमद
Updated Thu, 08 Dec 2022 11:15 AM IST
सार
Kerala Measles Outbreak: मल्लापुरम जिले में अब तक खसरे के 464 मामले सामने आ चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार (6 दिसंबर) तक जिले के 85 स्थानीय निकायों में खसरे के मामले मिले हैं।
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लप्पुरम में खसरे का प्रकोप
- फोटो : pixabay
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विस्तार
केरल के मल्लापुरम में बच्चों में खसरे का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इस बीच राज्य सरकार के अधिकारियों ने खुलासा किया है कि मल्लापुरम जिले में पांच साल तक की उम्र के 1.60 लाख से अधिक बच्चों ने एमआर वैक्सीन नहीं ली है, जिससे जिले में बच्चों की जान जोखिम में है। जिले में खसरे की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसको देखते हुए अधिकारियों ने संक्रमण को रोकने के लिए धर्म गुरुओं की मदद मांगी है। सोशल मीडिया मंच के लिए अधिकारियों ने जिले के धर्म गुरुओं से टीकाकरण के खिलाफ गलत सूचनाओं को रोकने की अपील की है।
जिला पीआरडी के बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि जिले में टीकाकरण की गतिविधियां तेज की जाएंगी। जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों का एमआर (खसरा-रूबेला) टीकाकरण दर 80.84 प्रतिशत है। इससे 95 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य है। बयान में आगे कहा गया है कि जिले में पांच साल तक के 1,62,749 बच्चों ने एमआर का टीका नहीं लिया है। इनमें से 69,089 बच्चों को एमआर वैक्सीन की पहली खुराक और 93,660 बच्चों को दूसरी खुराक दी जानी है।
मल्लापुरम में अब तक खसरे के 464 मामले
बता दें, मल्लापुरम जिले में अब तक खसरे के 464 मामले सामने आ चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार (6 दिसंबर) तक जिले के 85 स्थानीय निकायों में खसरे के मामले मिले हैं। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ के. रेणुका ने कहा कि एमआर वैक्सीन की दोनों खुराक देने से ही खसरे का प्रकोप पूरी तरह से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि संक्रमितों में से 90 प्रतिशत को टीके की एक भी खुराक नहीं मिली है। डीएमओ ने कहा कि सिर्फ 9 प्रतिशत बच्चों को ही पहली खुराक मिली। उन्होंने कहा कि दोनों खुराक प्राप्त करने वालों में से एक प्रतिशत बीमार हुए और जल्दी ठीक भी हो गए।
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अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
इस बीच जिला कलेक्टर वीआर प्रेमकुमार ने उपचार और टीकाकरण को लेकर जनता के बीच अफवाह और गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। बयान में कहा गया है कि संदेश बिना किसी वैज्ञानिक आधार के फैलाए जा रहे हैं। जिला कलेक्टर ने बताया कि जिला पुलिस प्रमुख को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
कलेक्टर ने धर्म गुरुओं के साथ की बैठक
वहीं, जिला कलेक्टर द्वारा बुलाई गई धर्म गुरुओं की बैठक में बच्चों को जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक नेताओं ने मदरसों सहित पूजा स्थलों और धार्मिक संस्थानों में जाने वाले लोगों के बीच बीमारी के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए हर तरह के सहयोग की पेशकश की है।
बयान में कहा गया है कि धार्मिक नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जागरूक करने के लिए समर्थन की पेशकश की है। जिला कलेक्टर ने उन्हें बताया कि सरकार का प्रयास बीमारी के कारण होने वाली मौतों को रोकना है और सिर्फ टीकाकरण से ही संक्रमण और बीमारी के प्रसार को रोका जा सकता है।
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जिला पीआरडी के बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि जिले में टीकाकरण की गतिविधियां तेज की जाएंगी। जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों का एमआर (खसरा-रूबेला) टीकाकरण दर 80.84 प्रतिशत है। इससे 95 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य है। बयान में आगे कहा गया है कि जिले में पांच साल तक के 1,62,749 बच्चों ने एमआर का टीका नहीं लिया है। इनमें से 69,089 बच्चों को एमआर वैक्सीन की पहली खुराक और 93,660 बच्चों को दूसरी खुराक दी जानी है।
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मल्लापुरम में अब तक खसरे के 464 मामले
बता दें, मल्लापुरम जिले में अब तक खसरे के 464 मामले सामने आ चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार (6 दिसंबर) तक जिले के 85 स्थानीय निकायों में खसरे के मामले मिले हैं। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ के. रेणुका ने कहा कि एमआर वैक्सीन की दोनों खुराक देने से ही खसरे का प्रकोप पूरी तरह से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि संक्रमितों में से 90 प्रतिशत को टीके की एक भी खुराक नहीं मिली है। डीएमओ ने कहा कि सिर्फ 9 प्रतिशत बच्चों को ही पहली खुराक मिली। उन्होंने कहा कि दोनों खुराक प्राप्त करने वालों में से एक प्रतिशत बीमार हुए और जल्दी ठीक भी हो गए।
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अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
इस बीच जिला कलेक्टर वीआर प्रेमकुमार ने उपचार और टीकाकरण को लेकर जनता के बीच अफवाह और गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। बयान में कहा गया है कि संदेश बिना किसी वैज्ञानिक आधार के फैलाए जा रहे हैं। जिला कलेक्टर ने बताया कि जिला पुलिस प्रमुख को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
कलेक्टर ने धर्म गुरुओं के साथ की बैठक
वहीं, जिला कलेक्टर द्वारा बुलाई गई धर्म गुरुओं की बैठक में बच्चों को जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक नेताओं ने मदरसों सहित पूजा स्थलों और धार्मिक संस्थानों में जाने वाले लोगों के बीच बीमारी के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए हर तरह के सहयोग की पेशकश की है।
बयान में कहा गया है कि धार्मिक नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जागरूक करने के लिए समर्थन की पेशकश की है। जिला कलेक्टर ने उन्हें बताया कि सरकार का प्रयास बीमारी के कारण होने वाली मौतों को रोकना है और सिर्फ टीकाकरण से ही संक्रमण और बीमारी के प्रसार को रोका जा सकता है।