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दुनिया का सबसे बड़ा और सुविधा संपन्न होगा ये हाथी देखभाल केंद्र, जानिए किस राज्य में बन रहा
Thu, 05 Nov 2020 05:09 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Thu, 05 Nov 2020 05:09 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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केरल में हाथियों के साथ क्रूरता बरतने की कई घटनाओं के बाद एक अच्छी खबर है। यहां हाथियों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जा रहा है। केरल के कोट्टूर के निकट स्थित हाथी पुनर्वास केंद्र को इस विशालकाय प्राणी के लिए दुनिया के सबसे बड़े इलाज और देखभाल केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आधुनिक सुविधाएं होंगी।
कोट्टूर का मौजूदा हाथी देखभाल केंद्र राजधानी से 25 किलोमीटर दूर स्थित है। इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, इसे विकसित किया जा रहा है। यह सरकार के हाथी संरक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस केंद्र को विकसित करने का मकसद पुनर्वास के लिए यहां आने वाले हाथियों को वन की तरह प्राकृतिक माहौल उपलब्ध कराना है।
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कोट्टूर का मौजूदा हाथी देखभाल केंद्र राजधानी से 25 किलोमीटर दूर स्थित है। इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, इसे विकसित किया जा रहा है। यह सरकार के हाथी संरक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस केंद्र को विकसित करने का मकसद पुनर्वास के लिए यहां आने वाले हाथियों को वन की तरह प्राकृतिक माहौल उपलब्ध कराना है।
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108 करोड़ रुपये का खर्च
उन्होंने बताया कि हाथी केंद्र के पहले चरण को फरवरी, 2021 में शुरू कर दिया जाएगा। इसके समुन्नयन के लिए केरल बुनियादी ढांचा निवेश कोष बोर्ड ने धन दिया है। इसके समुन्नयन पर लगभग 108 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
50 हाथियों के रहने की जगह
अधिकारियों ने बताया कि यह केंद्र 176 हेक्टेयर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। इसे इसकी सघन हरियाली के लिए जाना जाता है। इसमें फिलहाल 16 हाथी मौजूद हैं, जबकि कुल 50 हाथी रह सकते हैं।
50 हाथियों के रहने की जगह
अधिकारियों ने बताया कि यह केंद्र 176 हेक्टेयर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। इसे इसकी सघन हरियाली के लिए जाना जाता है। इसमें फिलहाल 16 हाथी मौजूद हैं, जबकि कुल 50 हाथी रह सकते हैं।
निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ
सूत्रों ने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण के लिए निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ था और इस पर कुल 71.9 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
ये सुविधाएं मिलेंगी
इसमें एक हाथी संग्रहालय, सुपर स्पेशियलिटी सुविधा संपन्न एक पशु चिकित्सा अस्पताल, प्रकृति प्रेमियों और छात्रों के लिए एक अध्ययन और अनुसंधान केंद्र, महावत के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र, प्रशासनिक कार्यालय, आगंतुकों के लिए पार्किंग, एक कैंन्टीन , कॉटेज, शौचालय और हाथियों को देखने के लिए विशेष बालकनी बनाई जा रही है।
बता दें कि देश में हाथियों के लिए पहला अस्पताल केरल में खोला गया था। अस्पताल में एक समय में 10 बीमार हाथियों को रखने और उनका इलाज करने की व्यवस्था थी।
ये सुविधाएं मिलेंगी
इसमें एक हाथी संग्रहालय, सुपर स्पेशियलिटी सुविधा संपन्न एक पशु चिकित्सा अस्पताल, प्रकृति प्रेमियों और छात्रों के लिए एक अध्ययन और अनुसंधान केंद्र, महावत के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र, प्रशासनिक कार्यालय, आगंतुकों के लिए पार्किंग, एक कैंन्टीन , कॉटेज, शौचालय और हाथियों को देखने के लिए विशेष बालकनी बनाई जा रही है।
बता दें कि देश में हाथियों के लिए पहला अस्पताल केरल में खोला गया था। अस्पताल में एक समय में 10 बीमार हाथियों को रखने और उनका इलाज करने की व्यवस्था थी।