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केरल हाई कोर्ट: पूर्व मंत्री एमएम मणि और दो अन्य बरी, कांग्रेस नेता की हत्या से जुड़े मामले में फैसला
Fri, 18 Mar 2022 07:29 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Fri, 18 Mar 2022 07:29 PM IST
सार
कांग्रेस नेता एंचेरी बेबी की हत्या के संबंध में मणि, कुट्टप्पन और ओ जी माधनन ने केरल उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। इन पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपमुक्त करने का आदेश दिया।
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केरल हाईकोर्ट
- फोटो : social media
विस्तार
केरल उच्च न्यायालय ने माकपा विधायक और राज्य के पूर्व बिजली मंत्री एमएम मणि को कांग्रेस नेता की हत्या मामले में राहत दी है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 1982 में हुई कांग्रेस नेता एंचेरी बेबी की हत्या के मामले में सुनवाई की। इस दौरान उच्च न्यायालय ने पूर्व बिजली मंत्री एमएम मणि और दो अन्य लोगों को आरोप मुक्त कर दिया।
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सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सुनील थॉमस ने कहा कि कोर्ट के उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और सामग्री के मूल्यांकन पर, यह मानने का कोई आधार नहीं है कि आरोपी ने अपराध किया है। इसलिए वे आरोपमुक्त होने के हकदार हैं।
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दरअसल, एंचेरी बेबी की हत्या के संबंध में दर्ज 2012 के एक मामले में आरोप मुक्त करने की उनकी याचिका को सत्र न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया था। जिसके बाद मणि, कुट्टप्पन और ओ जी माधनन ने उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की। इन पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपमुक्त करने का आदेश दिया।
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इस मामले में साल 1986 में सत्र न्यायालय ने हत्या के मामले में सभी नौ आरोपियों को बरी कर दिया था। इसके बाद सत्र न्यायालय के खिलाफ राज्य की अपील को 1990 में उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। फिर साल 2012 में राज्य के पूर्व बिजली मंत्री एमएम मणि मणि ने इडुक्की में एक जनसभा में संबोधन के दौरान बेबी सहित कई राजनीतिक हत्याओं का उल्लेख किया। इसी भाषण के आधार पर सीपीआई (एम) नेता मणि को 1982 में हुई कांग्रेस नेता एंचेरी बेबी की हत्या में आरोपी के रूप में नामित करने का मामला दर्ज किया गया था।