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Kerala: ग्लोबल अयप्पा संगम की ऑडिट रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां, केरल हाईकोर्ट ने टीडीबी से मांगी सफाई

Wed, 11 Feb 2026 11:23 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Wed, 11 Feb 2026 11:23 PM IST
सार

केरल हाईकोर्ट ने ग्लोबल अयप्पा संगम की ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर विसंगतियां पाते हुए त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) और केरल राज्य लेखा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने कहा कि वित्तीय जवाबदेही और प्रक्रियागत अनुपालन पर स्पष्ट जवाब जरूरी है। रिपोर्ट में बिना टेंडर कार्य आवंटन, खर्च पर 10 प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क, BOQ और JMS के बीच अंतर, जीएसटी इनपुट क्रेडिट से जुड़े मुद्दे और उप-ठेकेदारों के भुगतान के दस्तावेजों की कमी जैसी आपत्तियां दर्ज हैं।

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Kerala Hgh Court flags inconsistencies in Global Ayyappa Sangam audit report directs TDB to explain
केरल उच्च न्यायालय (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष आयोजित ग्लोबल अयप्पा संगम की ऑडिट रिपोर्ट में कई गंभीर विसंगतियों पाईं। हाईकोर्ट ने प्रक्रियागत सवालों को चिन्हित करते हुए त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) और केरल राज्य लेखा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने कहा कि वित्तीय जवाबदेही और प्रक्रियागत अनुपालन के मुद्दों पर उचित निर्देश जारी करने से पहले दोनों पक्षों से स्पष्ट जवाब आवश्यक है।
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न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति के. वी. जयकुमार की पीठ ने ऑडिटर की रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कहा कि उसमें दर्ज टिप्पणियों और आपत्तियों की प्रकृति को देखते हुए विस्तृत स्पष्टीकरण जरूरी है। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को निर्धारित की गई है।
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प्रसाद सामग्री की कीमत लेखा पुस्तकों में नहीं हुई दर्ज
अदालत ने यह भी नोट किया कि अरवाना, अप्पम, विभूति, कुमकुम और चंदन जैसी प्रसाद सामग्री, जो श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों को बांटी गईं, उनकी कीमत लेखा पुस्तकों में दर्ज नहीं की गई है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम से जुड़े कार्य भारतीय अवसंरचना एवं निर्माण संस्थान (IIIC) को बिना किसी निविदा या बोली प्रक्रिया के दिए गए और खर्च के अतिरिक्त 10 प्रतिशत सुविधा या प्रशासनिक शुल्क का प्रावधान रखा गया। 
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अदालत ने सवाल उठाया कि इस प्रकार कार्य आवंटन और भुगतान की प्रक्रिया क्या वित्तीय और प्रक्रियागत रूप से उचित है। रिपोर्ट में बिल ऑफ क्वांटिटी (BOQ) और जॉइंट मेजरमेंट शीट्स (JMS) के बीच लकड़ी के फ्रेम वाले सेंटर टेबल और वीआईपी क्षेत्र में भोजन परोसने के शुल्क सहित कई मदों में गंभीर असंगतियां भी दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, उप-ठेकेदारों को दिए गए कमीशन या 'सेंटेज' शुल्क से संबंधित समझौतों और दस्तावेजों का सत्यापन सहायक अभिलेखों के अभाव में नहीं हो सका।

जीएसटी इनपुट क्रेडिट पर हाईकोर्ट ने उठाए क्या सवाल?
पीठ ने यह भी उल्लेख किया कि जीएसटी इनपुट क्रेडिट से जुड़े मुद्दों पर भी स्पष्टता आवश्यक है। विशेष आयुक्त ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि दो करोड़ रुपये की प्रायोजन आय का विवरण रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं कराया गया। साथ ही, कार्यक्रम के आयोजन के लिए त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के सामान्य कोष से निकाली गई दो करोड़ रुपये की राशि अब तक वापस नहीं की गई है।


यह मामला अदालत द्वारा ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान लेकर प्रारंभ किया गया है। इससे पहले अदालत ने ग्लोबल अयप्पा संगम को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

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