Kerala: 'सबरीमाला भक्तों के लिए सुनिश्चित करें भोजन-पानी की सुविधा', हाईकोर्ट का TDB को निर्देश
Kerala: केरल उच्च न्यायालय ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि तीर्थयात्रियों के लिए अल्पकालिक विश्राम स्थल 'एडाथावलम' में पानी, नाश्ता और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
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केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक विशेष बैठक की और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड को वार्षिक मंडलम-मकरविलक्कू तीर्थयात्रा के लिए सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर के रास्ते में आने वाले श्रद्धालुओं को 'एडाथावलम' में पानी, नाश्ता और अन्य सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश जारी किया।
न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति जी गिरीश की पीठ ने उन खबरों पर संज्ञान लेते हुए विशेष बैठक की, जिनमें दावा किया गया है कि बच्चों सहित श्रद्धालु सबरीमला की सड़कों पर 12 घंटे से अधिक समय तक बिना भोजन या पानी के फंसे रहे।
मामले से जुड़े एक वकील ने बताया कि पीठ ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि तीर्थयात्रियों के लिए अल्पकालिक विश्राम स्थल 'एडाथावलम' में पानी, नाश्ता और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। वकील ने कहा कि अदालत ने राज्य के पुलिस प्रमुख को मंदिर में और उसके आसपास भीड़ नियंत्रण अभियानों की समग्र निगरानी करने और यदि आवश्यक हो तो अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात करने का भी निर्देश दिया।
खबरों में यह भी कहा गया था कि सबरीमाला में भारी भीड़ के कारण तीर्थयात्रियों के वाहनों को विभिन्न स्थानों पर सड़कों पर घंटों तक रोक दिया गया। पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु और कर्नाटक के श्रद्धालुओं को टीवी चैनलों पर यह कहते हुए देखा गया कि उन्हें भोजन और पानी की व्यवस्था किए बिना सबरीमाला के मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर रोक दिया गया है। यहां तक कि सबरीमाला के सन्निधानम में भी भक्तों को शिकायत करते देखा गया कि वे कई घंटों से कतारों में फंसे हुए हैं।
टीडीबी के सूत्रों के मुताबिक, रविवार को लगभग 1.2 लाख लोग दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे और सोमवार को भी इतनी ही संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचे। सूत्रों ने यह भी कहा कि इस साल तीर्थयात्रा के लिए आने वाले बच्चों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
इस बीच, टीडीबी के अध्यक्ष पी एस. प्रशांत ने संवाददाताओं से कहा कि मंडला पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का मुद्दा है। भारी भीड़ से निपटने के लिए किए गए इंतजामों के बारे में उन्होंने कहा कि पार्किंग संख्या 7,000 से बढ़ाकर 8,000 कर दी गई है और सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वाहनों को उन क्षेत्रों में रोका जाए, जहां पानी और भोजन उपलब्ध है।