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Kerala: केरल हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, ट्रांसजेंडर दंपत्ति के बच्चे को मिला जेंडर-न्यूट्रल बर्थ सर्टिफिकेट

Mon, 02 Jun 2025 09:39 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: पवन पांडेय Updated Mon, 02 Jun 2025 09:39 PM IST
सार

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ट्रांसजेंडर दंपत्ति के बच्चे के लिए जेंडर-न्यूट्रल (लिंग-निरपेक्ष) जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में माता या पिता शब्दों का उपयोग न करते हुए दोनों को केवल अभिभावक लिखा जाए। 

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Kerala HC allows gender-neutral birth certificate for child of transgender couple
केरल उच्च न्यायालय (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने अधिकारियों को एक ट्रांसजेंडर जोड़े के बच्चे के लिए लिंग-तटस्थ जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया। इसमें कहा गया कि माता-पिता दोनों को ‘माता’ या ‘पिता’ के बजाय केवल ‘माता-पिता’ के रूप में पहचाना जाना चाहिए। जस्टिस जियाद रहमान एए ने एक ट्रांस पुरुष जहाद और एक ट्रांस महिला जिया पावल की याचिका पर यह आदेश जारी किया।
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कोझिकोड निगम को अदालत का निर्देश
इस याचिका का निपटारा करते हुए, अदालत ने कोझिकोड निगम को फॉर्म पांच में जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया। इसमें पिता और माता के नामों के लिए अलग-अलग कॉलम हटाकर और याचिकाकर्ता एक और दो के नामों को माता-पिता के रूप में शामिल करके, उनके लिंग का उल्लेख किए बिना संशोधन किया गया। यानी अब बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में किसी के भी लिंग का जिक्र नहीं होगा।
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याचिका में दंपति ने क्या लगाया था आरोप
अपनी याचिका में दंपति ने आरोप लगाया था कि स्थानीय अधिकारियों ने उनके बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन करने से इनकार कर दिया। कोझिकोड निगम की ओर से जारी जन्म प्रमाण पत्र में जहाद को पिता (ट्रांसजेंडर) और जिया को मां (ट्रांसजेंडर) के रूप में दर्ज किया गया था। दंपति ने 8 फरवरी, 2023 को कोझिकोड के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अपने बच्चे का स्वागत किया, जिसे भारत में इस तरह का पहला मामला माना गया।

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कौन हैं जहाद और जिया?
जियाद और जिया एक ट्रांसजेंडर दंपत्ति हैं। जहाद एक ट्रांस मैन हैं (यानी जन्म से महिला थे, लेकिन पुरुष की पहचान अपनाई)। जिया एक ट्रांस वुमन हैं (जन्म से पुरुष थीं, लेकिन महिला की पहचान अपनाई)। दोनों ने शुरुआत में एक बच्चा गोद लेने का विचार किया था, लेकिन कानूनी प्रक्रिया की जटिलता और भावनात्मक डर के कारण उन्होंने जैविक बच्चा पैदा करने का निर्णय लिया। जहाद ने अपनी हार्मोन थेरेपी (पुरुष बनने की प्रक्रिया) रोक दी और बच्चे को गर्भ में धारण किया।

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